दुर्ग में बिना लाइसेंस बाइक देना पिता को पड़ा भारी, बेटे की एक गलती और पिता को होगी जेल

Durg Road Accident : दुर्ग सड़क हादसे में कोर्ट ने कड़ा फैसला सुनाया है। बिना लाइसेंस बेटे को बाइक देने वाले पिता को तीन महीने की जेल हुई है।
Durg Road Accident
दुर्ग सड़क दुर्घटनासोर्स - सोशल मीडिया
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Highlights

  • दुर्ग की अदालत ने सड़क हादसे में बड़ा फैसला सुनाया।

  • बिना लाइसेंस बेटे को बाइक देने पर पिता दोषी ठहराया गया।

  • पिता मोहन लाल बघेल को 3 महीने की सजा मिली।

  • हादसा 4 अगस्त 2025 को सुपेला इलाके में हुआ था।

  • हादसे में एक युवक की मौत और एक घायल हुआ था।

Road Safety Rules Driving Without License : दुर्ग जिले में एक भयानक सड़क हादसा हुआ। यह घटना 4 अगस्त 2025 की रात की है। समय लगभग 8:30 बजे का था। घटना सुपेला थाना क्षेत्र में घटी। स्मृतिनगर चौकी के पास इंदु आईटी स्कूल है। वहां मोहित कुमार बघेल तेज बाइक चला रहा था। उसकी बाइक का नंबर CG 07 CW-2768 था। उसने एक्टिवा को जोरदार टक्कर मार दी। एक्टिवा का नंबर CG 19 A-2771 था। टक्कर से शादान अली की मौके पर मौत हो गई। पीछे बैठा उत्तम पांडेय गंभीर रूप से घायल हो गया।

जांच में पिता की भूमिका

स्मृतिनगर पुलिस चौकी ने मामले की जांच की। जांच में कई चौंकाने वाली बातें सामने आईं। चालक मोहित के पास ड्राइविंग लाइसेंस नहीं था। इसके बावजूद पिता ने उसे बाइक चलाने दी। पिता का नाम मोहन लाल बघेल है। पुलिस ने साक्ष्य जुटाकर कोर्ट में चार्जशीट पेश की। अदालत ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रखा। 31 अक्टूबर 2026 को सत्र न्यायालय ने फैसला सुनाया। कोर्ट ने पिता और पुत्र दोनों को दोषी माना।

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कोर्ट का सख्त फैसला

सत्र न्यायालय ने दोनों को अलग-अलग सजा सुनाई। बेटे मोहित को भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में सजा मिली। धारा 105(2) में 5 साल की सजा मिली। साथ ही 1,000 रुपये का अर्थदंड भी लगा। धारा 110(2) में 3 साल की सजा मिली। उस पर 1,000 रुपये का जुर्माना भी लगा। मोटरयान अधिनियम (MVA) में भी सजा हुई। धारा 184 में 10 माह का कारावास मिला। धारा 3/181 में 3 माह की सजा हुई।

पिता को जेल और जुर्माना

अदालत ने पिता मोहन लाल पर भी शिकंजा कसा। उन्हें मोटरयान अधिनियम की धारा 5/180 में सजा दी। उन्हें 3 माह के साधारण कारावास की सजा मिली। साथ ही 5,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया। जुर्माना न देने पर 7 दिन अतिरिक्त जेल होगी। लोक अभियोजक द्रोण ठाकुर ने राज्य की तरफ से पैरवी की। दुर्ग पुलिस ने अभिभावकों से खास अपील की है। बच्चों को बिना लाइसेंस वाहन बिल्कुल न दें। नियमों की अनदेखी किसी की जान ले सकती है।

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