

छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर सीएम विष्णुदेव साय ने दी शुभकामनाएं।
26 वर्षों की विकास यात्रा में राज्य ने नए आयाम गढ़े।
पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को किया याद।
तीन दिवसीय राज्योत्सव समारोह में 41 हस्तियां होंगी सम्मानित।
तीजन बाई और संत रविदास के नाम पर दो नए सम्मान।
Chhattisgarh Foundation Day State Decoration Awards : छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने राज्य निर्माण में अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद किया। इस बार स्थापना दिवस समारोह तीन दिनों तक धूमधाम से मनाया जाएगा। समारोह के दौरान 41 उत्कृष्ट हस्तियों को राज्य अलंकरण से सम्मानित करेंगे। पहली बार तीजन बाई और संत रविदास के नाम पर सम्मान दिए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ स्थापना दिवस पर मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने प्रदेशवासियों को बधाई देकर राज्य की सांस्कृतिक पहचान को याद किया। सोशल मीडिया पर उन्होंने छत्तीसगढ़ की गौरवशाली परंपरा का उल्लेख किया। उन्होंने राज्य निर्माण के संघर्ष और उपलब्धियों पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी को याद किया। अटल जी के दूरदर्शी नेतृत्व से अलग राज्य का सपना पूरा हुआ। छत्तीसगढ़ प्रभु श्रीराम का ननिहाल और माता कौशल्या की धरा है। अपनी समृद्ध लोक संस्कृति से राज्य ने खास पहचान बनाई है।
राज्य निर्माण के 26 वर्षों में कई चुनौतियां आईं। प्रदेश की जनता ने हर चुनौती को अवसर में बदला। विकास के नए रास्तों पर छत्तीसगढ़ लगातार आगे बढ़ रहा है। लोगों की आशाओं को राज्य बनने से नया आधार मिला।
स्थापना दिवस समारोह का आयोजन तीन दिनों तक किया जाएगा। विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट काम करने वालों को सम्मानित करेंगे। इस वर्ष कुल 41 राज्य अलंकरण पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। इनमें संस्कृति विभाग के 14 और अन्य विभागों के 27 पुरस्कार हैं।
समारोह में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति प्रस्तावित है। कला, साहित्य, खेल, कृषि और समाजसेवा में सम्मान दिए जाएंगे। पत्रकारिता, सहकारिता और महिला सशक्तिकरण क्षेत्र भी इसमें शामिल हैं। पिछली बार 34 श्रेणियों में पुरस्कार बांटे गए थे।
इस बार दो नए सम्मानों को भी शामिल किया गया है। प्रसिद्ध पंडवानी गायिका स्वर्गीय तीजन बाई के नाम से पुरस्कार मिलेगा। संत रविदास के नाम पर भी नया सम्मान शुरू हुआ है। ये दोनों प्रतिष्ठित सम्मान पहली बार प्रदान किए जाएंगे।
प्रभु श्रीराम के ननिहाल और माता कौशल्या की पावन धरा के रूप में पहचाने जाने वाले छत्तीसगढ़ ने जनजातीय गौरव और समृद्ध लोक संस्कृति के साथ अपनी अलग पहचान बनाई है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के दूरदर्शी नेतृत्व के कारण अलग राज्य का सपना साकार हो सका।
विष्णुदेव साय, मुख्यमंत्री, छत्तीसगढ़