

दुर्ग पुलिस ने डीजे वालों को दी सख्त चेतावनी।
ध्वनि प्रदूषण फैलाने के खिलाफ कार्रवाई की तैयारी।
कानफोड़ू आवाज में डीजे बजाने वालों को खैर नहीं।
पुलिस ने डीजे संचालकों से भरवाया बांड।
Durg Police Warning to DJ Operators: नवरात्रि में तेज आवाज में डीजे बजाकर लोगों की नींद और सुकून छीनने वालों पर लगाम कसने के लिए दुर्ग पुलिस ने इस बार सख्त रुख अपनाया है। केवल चेतावनी और कार्रवाई तक सीमित रहने के बजाय पुलिस ने जिलेभर के डीजे संचालकों से 50-50 हजार रुपये का बांड ओवर भरवाया है। इसमें स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित ध्वनि सीमा का उल्लंघन करने पर संबंधित संचालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई के साथ बांड में निर्धारित राशि की वसूली की कार्रवाई भी की जा सकती है।
पुलिस की इस पहल का सीधा संदेश है कि नवरात्रि के नाम पर ध्वनि प्रदूषण फैलाने और नियमों को ताक पर रखकर डीजे बजाने की छूट किसी को नहीं मिलेगी। धार्मिक आयोजनों की आड़ में देर रात तक कानफोड़ू आवाज में डीजे बजाने वालों को अब अपनी जेब ढीली करने के लिए भी तैयार रहना होगा।
बांड ओवर में डीजे संचालकों को निर्धारित ध्वनि सीमा का पालन करने की शर्त से बांधा गया है। नियमों का उल्लंघन होने पर कोलाहल अधिनियम के तहत कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही बांड में तय 50 हजार रुपये की राशि वसूलने की प्रक्रिया भी अपनाई जा सकती है। हालांकि, इस राशि की वसूली संबंधित कानूनी प्रक्रिया और बांड की शर्तों के अनुरूप ही होगी।
नवरात्रि के दौरान दुर्गा पंडालों, जुलूसों और अन्य धार्मिक आयोजनों में डीजे की तेज आवाज को लेकर अक्सर शिकायतें सामने आती हैं। इससे बुजुर्गों, बच्चों, मरीजों और विद्यार्थियों को परेशानी होती है। ऐसे में दुर्ग पुलिस की यह पहल ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है।