पुणे में ध्वनि प्रदूषण रोकने में प्रशासन नाकाम! NGT और हाईकोर्ट के आदेशों के बावजूद क्यों नहीं थमा शोर?

Loudspeaker Rules Violations Pune: पुणे में गणेशोत्सव के दौरान नियमों की धज्जियां उड़ने पर लाउडस्पीकर विरोधी मंच ने प्रशासन को घेरा। NGT और बॉम्बे हाईकोर्ट के आदेशों के बाद भी 120 dB तक पहुंचा शोर।
pune noise pollution loudspeaker rules violation ngt high court
लाउडस्पीकर विरोधी पुणेकर मंच(सोर्स: नवभारत)
Published on: 
Updated on: 

NGT Noise Pollution Guidelines Pune: ध्वनि प्रदूषण पर नियंत्रण की जिम्मेदारी पुलिस और प्रशासन की है, लेकिन गणेशोत्सव के दौरान पुणे में कर्णकर्कश लाउडस्पीकर पर लगाम लगाने में प्रशासन नाकाम रहा। “सवाल सिर्फ शोर का था, लेकिन प्रशासन ने इसे ही गोंगाट का मुद्दा बना दिया”, ऐसा आरोप लाउडस्पीकर विरोधी पुणेकर मंच ने लगाया है।

मंच की ओर से लगातार कानूनी लड़ाई लड़ रहीं डॉ। कल्याणी मांडके ने कहा कि ध्वनि प्रदूषण (नियमन एवं नियंत्रण) नियम-2000 के तहत शांतता, आवासीय, व्यावसायिक और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए ध्वनि की सीमा तय है। इसके बावजूद वर्षभर ध्वनि प्रदूषण को लेकर जनजागृति और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। यह समस्या केवल त्योहारों तक सीमित नहीं, बल्कि 365 दिनों की है।

Court और NGT के आदेशों की अनदेखी

मांडके ने आरोप लगाया कि NGT पश्चिम क्षेत्र के 2024 के आदेश में पुलिस और महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल को त्योहारों के दौरान ध्वनि नियंत्रण, निगरानी और रिपोर्टिंग के स्पष्ट निर्देश दिए गए थे। इसके बावजूद इन निर्देशों पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं हुई। NGT के 2025 के आदेश और मुंबई हाईकोर्ट के 22 सितंबर 2026 के निर्देशों के बाद भी अनंत चतुर्दशी की विसर्जन मिरवणूक में ध्वनि नियमों का उल्लंघन होने का दावा उन्होंने किया।

115.4 और 89.9 डेसिबल के आंकड़ों पर सवाल

मंच के अनुसार, कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग की रिकॉर्डिंग में अधिकतम ध्वनि स्तर 115.4 डेसिबल, जबकि महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल की रिकॉर्डिंग में 89.9 डेसिबल दर्ज हुआ, नागरिकों की 158 शिकायतों में 60 शिकायतें 100 डेसिबल से अधिक ध्वनि की थीं। वनाज चौक-नातूवाड़ी में 120 डेसिबल तक ध्वनि दर्ज होने का दावा भी किया गया।

मंच के मुकुंद किर्दत ने कहा कि पुलिस आयुक्त द्वारा घोषित ‘चार बेस, चार टॉप’ व्यवस्था से ही प्रशासन की भूमिका पर सवाल उठने लगे थे। उनके अनुसार, शांतता क्षेत्र में ध्वनि प्रदूषण रोकने और नियमों की जानकारी देने में पुलिस तथा मनपा प्रशासन की भूमिका प्रभावी नहीं रही।

pune noise pollution loudspeaker rules violation ngt high court
व्हाट्सऐप मैसेजिंग भी अब पब्लिक व्यू! आपत्तिजनक फोटो-वीडियो भेजी तो SC/ST एक्ट के तहत दर्ज होगा मामला

पिंपरी की तर्ज पर सख्त कार्रवाई की मांग

किर्दत ने दावा किया कि पिंपरी-चिंचवड़ में ध्वनि नियंत्रण को लेकर उपकरण जब्त करने और कार्रवाई की गई, जबकि पुणे में अपेक्षित कार्रवाई नहीं दिखी। पुणे पुलिस ने 1,224 मंडलों के रिकॉर्ड लेने और 391 मामलों में कार्रवाई शुरू करने की जानकारी दी है, जबकि MPCB की विस्तृत रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है।

मंच ने मांग की कि ध्वनि प्रदूषण के नियम केवल गणेशोत्सव ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों के त्योहारों, राजनीतिक जुलूसों और सार्वजनिक कार्यक्रमों पर समान रूप से लागू किए जाएं। इसके लिए जल्द स्वतंत्र नियमावली तैयार करने की घोषणा भी की गई। डॉ. राहुल सावंत ने ध्वनि प्रदूषण से मरीजों को होने वाली परेशानियों का उल्लेख करते हुए इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य का मुद्दा बताया। पत्रकार परिषद में डॉ. कल्याणी मांडके, मुकुंद किर्दत, डॉ. राहुल सावंत, डॉ. सिमी आठवले, अशोक मेहेंदले और आशिष गुंजाल सहित अन्य उपस्थित थे।

pune noise pollution loudspeaker rules violation ngt high court
कुंभ 2027 की तैयारी शुरू! त्र्यंबकेश्वर में उतरा बड़ा उदासीन अखाड़े का जमात मंडल, लिए जाएंगे कई बड़े फैसले

पिंपरी की तर्ज पर सख्त कार्रवाई की मांग

किर्दत ने दावा किया कि पिंपरी-चिंचवड़ में ध्वनि नियंत्रण को लेकर उपकरण जब्त करने और कार्रवाई की गई, जबकि पुणे में अपेक्षित कार्रवाई नहीं दिखी। पुणे पुलिस ने 1,224 मंडलों के रिकॉर्ड लेने और 391 मामलों में कार्रवाई शुरू करने की जानकारी दी है, जबकि MPCB की विस्तृत रिपोर्ट अभी सामने नहीं आई है।

मंच ने मांग की कि ध्वनि प्रदूषण के नियम केवल गणेशोत्सव ही नहीं, बल्कि सभी धर्मों के त्योहारों, राजनीतिक जुलूसों और सार्वजनिक कार्यक्रमों पर समान रूप से लागू किए जाएं। इसके लिए जल्द स्वतंत्र नियमावली तैयार करने की घोषणा भी की गई। डॉ. राहुल सावंत ने ध्वनि प्रदूषण से मरीजों को होने वाली परेशानियों का उल्लेख करते हुए इसे सार्वजनिक स्वास्थ्य का मुद्दा बताया। पत्रकार परिषद में डॉ. कल्याणी मांडके, मुकुंद किर्दत, डॉ. राहुल सावंत, डॉ. सिमी आठवले, अशोक मेहेंदले और आशिष गुंजाल सहित अन्य उपस्थित थे।

नवभारत लाइव के लिये समीर सैय्यद की रिपोर्ट

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com