

दुर्ग संभाग के सातों जिलों में जुआरियों के खिलाफ पुलिस का शिकंजा।
दुर्ग में 12 प्रकरणों में 48 आरोपी गिरफ्तार।
83,410 नकद और ताश की 12 गड्डियां जब्त।
दीपावली के नाम पर जुए का फड़ सजाने वालों को पुलिस की सख्त चेतावनी।
Bhilai Durg Police Expose Gamble: दीपावली रोशनी, खुशियों और आपसी सौहार्द का त्योहार है, जुए के फड़ सजाकर रुपये-पैसों का दांव लगाने की परंपरा नहीं। त्योहार की आड़ में जुआ खेलने और खिलाने वालों के लिए पुलिस का संदेश साफ है। जुआ सामाजिक बुराई है, परंपरा नहीं। पकड़े गए तो सीधे कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा और जेल भी जाना पड़ सकता है।
दीपावली के दौरान जुए की बढ़ती गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए दुर्ग संभाग के सातों जिलों में पुलिस की सख्ती चर्चा में है। दुर्ग, बालोद, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई, मानपुर-मोहला-चौकी, कबीरधाम सहित संभाग के अन्य जिलों में जुआरियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस की इस मुहिम का मकसद त्योहार के नाम पर चलने वाले अवैध जुए के अड्डों को बंद कराना और सार्वजनिक स्थानों पर कानून व्यवस्था बनाए रखना है।
इस कार्रवाई में दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए महज दो दिनों में 12 अलग-अलग जुआ प्रकरण दर्ज किए हैं। 5 और 6 नवंबर को जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दबिश देकर 48 लोगों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई की गई। आरोपियों के कब्जे से 83 हजार 410 रुपये नकद और 52-52 पत्तों की कुल 12 ताश की गड्डियां जब्त की गईं। यानी दीपावली के नाम पर जुआ खेलने के लिए जुटे लोगों पर पुलिस ने एक साथ कई जगह शिकंजा कसा है।
दुर्ग पुलिस की कार्रवाई जिले के आठ थाना क्षेत्रों तक पहुंची। नेवई थाना क्षेत्र के बीआरपी चौक और रिसाली बस्ती, मोहन नगर के कैलाश नगर शिव मंदिर के पीछे एवं आदित्य नगर, खुर्सीपार के शासकीय स्कूल और बाबा बालकनाथ मंदिर के पास पुलिस ने कार्रवाई की।
इसी तरह धमधा थाना क्षेत्र के तालाब पार एवं तालाब क्षेत्र, अमलेश्वर के नया बाड़ा चौक पहंदा, उतई के ग्राम छाता स्थित दुर्गा मंच के सामने, नंदिनी के ग्राम देउरझाल तालाब के पास और बोरी के ग्राम ढाबा तालाब के पास जुआ खेलते लोगों के खिलाफ कार्रवाई की गई।