

खुद को छोड़ने के एवज में 5 लाख रुपए की मांगी फिरौती।
बेटे के अपहरण की खबर मिलते ही परिवार में मच गया हड़कंप।
रतनपुर थाना पुलिस ने किया पूरे मामले का खुलासा।
परिवार के लोग उसकी मांग को पूरा नहीं कर रहे थे।
Bilaspur Minor Boy Kidnapping Case: कार खरीदने की जिद ऐसी सिर चढ़कर बोली कि एक नाबालिग ने अपने ही अपहरण की झूठी कहानी रच डाली। इतना ही नहीं, उसने अपने पिता को मैसेज भेजकर अपहरण की सूचना दी और खुद को छोड़ने के एवज में 5 लाख रुपए की फिरौती भी मांग ली। बेटे के अपहरण की खबर मिलते ही परिवार में हड़कंप मच गया। घबराए पिता तत्काल पुलिस थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। मामला सामने आते ही पुलिस भी हरकत में आ गई। हालांकि, जांच में जो सच्चाई सामने आई, उसने पुलिस अधिकारियों को भी हैरान कर दिया।
मामला रतनपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, नाबालिग पिछले कुछ दिनों से अपने माता-पिता से कार खरीदने की जिद कर रहा था। परिवार के लोग उसकी इस मांग को पूरा नहीं कर रहे थे। इसी बात से नाराज होकर उसने ऐसा खौफनाक प्लान तैयार किया, जिससे पूरा परिवार परेशान हो गया।
बताया जा रहा है कि मंगलवार सुबह करीब 9 बजे नाबालिग स्कूटी लेकर ट्यूशन जाने के लिए लखराम गांव निकला था। इसके करीब डेढ़ घंटे बाद सुबह 10:30 बजे उसके मोबाइल नंबर से पिता के फोन पर मैसेज पहुंचा। मैसेज में खुद के अपहरण की जानकारी देते हुए छोड़ने के बदले 5 लाख रुपए देने की मांग की गई थी।
बेटे के अपहरण और फिरौती की मांग से पिता के होश उड़ गए। उन्होंने बिना देर किए सुबह करीब 11:30 बजे रतनपुर थाने पहुंचकर पुलिस को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। मामला अपहरण और फिरौती से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने तत्काल गंभीरता से जांच शुरू कर दी।
सूचना मिलते ही एएसपी मधुलिका सिंह के नेतृत्व में पुलिस और एसीसीयू की टीम सक्रिय हो गई। नाबालिग की तलाश के लिए संभावित स्थानों पर जांच शुरू की गई। इसी दौरान ग्राम चौरहा देवरी के तालाब के पास उसकी स्कूटी बरामद हुई। मोबाइल की आखिरी लोकेशन भी इसी इलाके में मिली। इससे पुलिस की चिंता और बढ़ गई।
लगातार तलाश के बीच नाबालिग ने खुद अपने पिता को फोन किया और ग्राम सेलर में सुरक्षित होने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस की टीम तत्काल वहां पहुंची और मंगलवार शाम करीब 4 बजे उसे सकुशल बरामद कर थाने ले आई।
पुलिस की पूछताछ में नाबालिग ने जो खुलासा किया, उसने पूरे मामले की तस्वीर साफ कर दी। उसने बताया कि वह परिवार से कार खरीदने की मांग कर रहा था। जब उसकी जिद पूरी नहीं हुई तो उसने माता-पिता पर दबाव बनाने के लिए खुद के अपहरण की झूठी कहानी तैयार कर ली और फिरौती का मैसेज भेज दिया।
फिलहाल पुलिस ने नाबालिग को सकुशल उसके माता-पिता के सुपुर्द कर दिया है। इस पूरे घटनाक्रम में राहत की बात यह रही कि अपहरण की कहानी में कोई दूसरा व्यक्ति शामिल नहीं था। लेकिन कार खरीदने की जिद में नाबालिग का खुद के अपहरण और 5 लाख की फिरौती का नाटक रचना परिवार के साथ-साथ पुलिस के लिए भी हैरान करने वाला मामला बन गया।