

6 हजार करोड़ रुपए के महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप घोटाला।
ओमान से प्रत्यर्पण के बाद सौरभ को लाया गया भारत।
दिल्ली में पेशी के बाद आज रायपुर स्पेशल कोर्ट में किया गया पेश।
सौरभ के वकील ने गिरफ्तारी को दी चुनौती।
Mahadev Satta App Promoter Saurabh Chandrakar: करीब 6 हजार करोड़ रुपये के महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप घोटाले में जांच अब एक बार फिर निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिखाई दे रही है। इस पूरे सिंडिकेट के प्रमुख आरोपियों में शामिल सौरभ चंद्राकर को आज रायपुर की CBI कोर्ट में पेश किया गया। ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लाए गए सौरभ को दिल्ली से रायपुर लाया गया था।
अब CBI उससे पूछताछ कर इस कथित सट्टा नेटवर्क की परतें खोलना चाहती है। कोर्ट में सौरभ के वकील तुषार गिरी ने उसकी गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए CBI की कार्रवाई को अवैध बताया और गिरफ्तारी का विरोध किया। वहीं, CBI ने आरोपी से विस्तृत पूछताछ के लिए 10 दिनों की कस्टोडियल रिमांड मांगी है। सुनवाई के दौरान प्रवर्तन निदेशालय यानी ED के अधिकारी और वकील भी कोर्ट में मौजूद रहे।
सौरभ की पेशी को देखते हुए कोर्ट परिसर में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए और भारी पुलिस बल तैनात किया गया। अब सवाल यह है कि क्या सौरभ की पूछताछ से महादेव सट्टा ऐप के आर्थिक लेन-देन, नेटवर्क और इस पूरे सिंडिकेट से जुड़े दूसरे लोगों के बारे में बड़े खुलासे होंगे? फिलहाल सभी की निगाहें कोर्ट के फैसले पर टिकी हैं।
दरअसल, महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप मामले में लंबे समय से जांच एजेंसियां सौरभ चंद्राकर की तलाश कर रही थीं। CBI उसे ओमान से प्रत्यर्पण के बाद भारत लेकर आई है। सोमवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में उसकी पेशी हुई थी, जहां अदालत ने दो दिन की ट्रांजिट रिमांड पर CBI को सौंपने का आदेश दिया था। इसके बाद मंगलवार को CBI की टीम उसे दिल्ली से फ्लाइट E6 2307 के जरिए रायपुर लेकर पहुंची।
रायपुर पहुंचने के बाद आज उसे CBI कोर्ट में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान आरोपी पक्ष ने गिरफ्तारी की प्रक्रिया और उसकी वैधता पर सवाल उठाए। सौरभ के वकील तुषार गिरी ने CBI की कार्रवाई को अवैध बताते हुए इसका विरोध किया। दूसरी तरफ CBI ने 10 दिन की कस्टोडियल रिमांड की मांग की है। जांच एजेंसी का पक्ष रखने के दौरान ED के अधिकारी और वकील भी अदालत में मौजूद हैं।