भिलाई में डॉक्टर के घर से 1 करोड़ की चोरी का खुलासा, अंतरराज्यीय गिरोह के 9 आरोपी गिरफ्तार

Durg Police Recovery 1 Crore: मामले में पुलिस ने नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ अब भी फरार है। आरोपियों के कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण समेत 1 करोड़ रुपए बरामद किया।
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अंतरराज्यीय गिरोह के 9 आरोपी गिरफ्तार(सोर्स - नवभारत लाइव)
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Highlights

  • 47.64 लाख नकद समेत सोने-चांदी के आभूषण और वाहन बरामद।

  • चोरी के गहने गलाने वाला ज्वेलर्स भी गिरफ्तार।

  • मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ फरार।

  • चोरी के माल को जमीन के नीचे गाड़कर छिपाया था।

  • दिल्ली से खरीदी गई एसयूवी भी जब्त।

Durg Doctor House Theft Case: दुर्ग जिले के वैशाली नगर क्षेत्र में डॉक्टर के सूने मकान से करीब एक करोड़ रुपये की नकदी और कीमती आभूषणों की चोरी के मामले में दुर्ग पुलिस ने अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ अब भी फरार है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 47 लाख 64 हजार रुपये नकद, सोने-चांदी के आभूषण, डायमंड के आभूषणों से संबंधित संपत्ति, चोरी की रकम से खरीदी गई एसयूवी और सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल सहित करीब एक करोड़ रुपये की संपत्ति बरामद की है।

मामले में चोरी के सोने के आभूषण खरीदने और उन्हें भट्टी में गलाकर स्वरूप बदलने वाले ज्वेलर्स के साथ चोरी का माल छिपाने, ठिकाने लगाने और फरार आरोपी को मदद पहुंचाने वाले सहयोगियों पर भी कार्रवाई की गई है।

सूने मकान को बनाया निशाना

पुलिस के मुताबिक, सुंदर नगर निवासी डॉक्टर नमिता मित्तल 17 अक्टूबर 2026 को परिवार के साथ घर में ताला लगाकर एक सप्ताह के लिए बाहर गई थीं। 23 अक्टूबर की सुबह लौटने पर उन्हें घर की अलमारी में रखी नकदी और सोने-चांदी तथा डायमंड के कीमती आभूषण गायब मिले। शिकायत पर थाना वैशाली नगर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 331(4) और 305 में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। घटना की गंभीरता को देखते पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से मिली जानकारी के आधार पर संदिग्धों की तलाश शुरू की।

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भिलाई से महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश तक पीछा

जांच के दौरान राहुल बंसोड़ का नाम सामने आया। घटना के आसपास उसे संदिग्ध परिस्थितियों में घूमते देखे जाने और वारदात के बाद फरार होने की जानकारी मिली। पुलिस की टीमें उसकी तलाश में गोंदिया और नागपुर पहुंचीं। इसके बाद आरोपियों की मौजूदगी के संकेत उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर, प्रयागराज और भदोही में मिले।

पुलिस के अनुसार, आरोपी लगातार ठिकाने बदल रहे थे और गिरफ्तारी से बचने की कोशिश कर रहे थे। स्थानीय पुलिस के सहयोग से दबिश देकर प्रदीप कुमार चौधरी को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने चोरी में शामिल होना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर नकदी और सोने के आभूषण घर के कमरे के फर्श के नीचे जमीन में गड्ढा खोदकर छिपाए गए स्थान से बरामद किए गए।

चोरी के गहने भट्टी में गलाकर बदला स्वरूप

पुलिस जांच में सामने आया कि प्रदीप ने अपने हिस्से के सोने के आभूषण उत्तर प्रदेश के भदोही स्थित वैष्णवी ज्वेलर्स के संचालक सोनू जायसवाल को कम कीमत पर बेचे थे। पूछताछ में ज्वेलर्स द्वारा चोरी के आभूषण खरीदने और कुछ गहनों को भट्टी में गलाकर उनका स्वरूप बदलने की बात सामने आई। प्रकरण में प्रदीप के रिश्तेदार सुजीत सिंह उर्फ बाबू की भूमिका भी उजागर हुई। पुलिस के मुताबिक, उसने चोरी के गहनों की बिक्री कराने और चोरी का माल खपाने में मदद की तथा इसके बदले लाखों रुपये प्राप्त किए।

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चोरी की रकम से खरीदी एसयूवी, घर पर भी खर्च

पुलिस के मुताबिक, चोरी की रकम से प्रदीप ने अपने घर में बोरिंग, मरम्मत और मोटर पंप लगाने जैसे काम कराए। उसने करीब एक लाख रुपये की सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी खरीदी, जिसे पुलिस ने जब्त कर लिया है। वहीं, मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ वारदात के बाद भिलाई से निकलकर गोंदिया, नागपुर, मिर्जापुर और प्रयागराज होते हुए दिल्ली पहुंचा था। वहां उसने चोरी की रकम से सेकंड हैंड एसयूवी खरीदी और बाद में उसी वाहन से भिलाई लौटा। पुलिस के अनुसार, उसने चोरी की नकदी और आभूषण अपने माता-पिता तथा भाई के पास छिपाकर रखे थे।

राहुल को पुलिस की घेराबंदी की भनक लगने पर वह अपनी एसयूवी सुपेला चौक के आसपास छोड़कर फरार हो गया। इसके बाद उसने अपने भाई आयुष बंसोड़ और परिचितों से इनोवा वाहन की व्यवस्था कर चोरी का माल दूसरी जगह ले जाने को कहा।

तड़के तीन बजे घेराबंदी, इनोवा समेत पकड़े गए आरोपी

पुलिस ने संभावित रास्तों पर निगरानी और घेराबंदी की। इसी दौरान तड़के करीब तीन बजे चोरी का माल लेकर निकल रहे आरोपियों और उनके सहयोगियों को अलग-अलग वाहनों से घेरकर पकड़ लिया गया। उनके कब्जे से नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और इनोवा वाहन बरामद किया गया।

जांच में आयुष बंसोड़, रेखचंद्र देवांगन, आकाश कुमार श्रीपाद और अमन सिंह की भूमिका चोरी का माल छिपाने, उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने तथा फरार आरोपी को वाहन और अन्य सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में सामने आई। पुलिस ने मामले में नौ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ की तलाश जारी है।

ये नौ आरोपी गिरफ्तार

1. प्रदीप कुमार चौधरी - भदोही, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी वैशाली नगर, भिलाई।

2. सुजीत सिंह उर्फ बाबू - उत्तर प्रदेश।

3. सोनू जायसवाल - भदोही, उत्तर प्रदेश, ज्वेलर्स और चोरी के आभूषणों का कथित खरीदार।

4. रविन्द्र बंसोड़ - वैशाली नगर, भिलाई।

5. किरण बंसोड़ - वैशाली नगर, भिलाई।

6. आयुष बंसोड़ - वैशाली नगर, भिलाई।

7. रेखचंद्र देवांगन - वैशाली नगर, दुर्ग।

8. आकाश कुमार श्रीपाद - हाउसिंग बोर्ड, वैशाली नगर, इनोवा वाहन मालिक।

9. अमन सिंह - वृंदा नगर, कैंप-01, भिलाई।

करीब एक करोड़ की संपत्ति जब्त

- 47 लाख 64 हजार रुपये नकद।

- सोने के कंगन, चेन, लॉकेट और अन्य आभूषण।

- चांदी के आभूषण और चांदी के बिस्किट।

- चोरी की रकम से खरीदी गई एसयूवी और सुपर स्प्लेंडर मोटरसाइकिल।

- वारदात के बाद चोरी का माल ले जाने में इस्तेमाल की गई इनोवा।

- सोना-चांदी तौलने के दो इलेक्ट्रॉनिक तराजू।

- डीवीआर, डेल कंपनी का लैपटॉप, टैबलेट, पेटीएम मशीन और पावर बैंक।

- सैमसंग और नथिंग सहित कुल सात मोबाइल फोन।

पुलिस के अनुसार, बरामद संपत्ति की कुल कीमत लगभग एक करोड़ रुपये है।

मुख्य आरोपी की तलाश जारी

दुर्ग पुलिस का कहना है कि प्रकरण में मुख्य आरोपी राहुल बंसोड़ की गिरफ्तारी, चोरी की शेष संपत्ति की बरामदगी और अन्य संभावित है।