सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद भिलाई-दुर्ग में बढ़ी हलचल, फरवरी 2023 की दुबई वाली शाही शादी फिर चर्चा में

Mahadev satta App ED Investigation : महादेव बुक के प्रमोटर की शादी में शामिल हुए थे भिलाई-दुर्ग के कई प्रभावशाली लोग! पार्षदों और पार्षद पतियों के शामिल होने की भी चर्चा
Saurabh Chandrakar
सौरभ चंद्राकरसोर्स - सोशल मीडिया
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Highlights

  • सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी से भिलाई में खलबली मची।

  • दुबई की शाही शादी फिर से चर्चा में आई।

  • शादी में शामिल हुए भिलाई के कई बड़े लोग।

  • 200 करोड़ की शादी पर ईडी की नजर।

  • इमिग्रेशन रिकॉर्ड से खुल सकते हैं कई बड़े राज।

Mahadev Satta App Dubai Grand Wedding : महादेव बुक ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद अब सिर्फ उसके कारोबार और आर्थिक लेन-देन ही नहीं, बल्कि उससे जुड़े लोगों के पुराने संपर्कों को लेकर भी चर्चाएं तेज हो गई हैं।

खासकर फरवरी 2023 में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) में आयोजित उसकी भव्य शादी एक बार फिर सुर्खियों में आ गई है। इस शादी में फिल्मी सितारों की मौजूदगी, करोड़ों रुपये के खर्च और देश-विदेश से पहुंचे मेहमानों की चर्चा पहले भी होती रही है।

अब सवाल उठ रहे हैं कि भिलाई-दुर्ग से कौन-कौन लोग इस आयोजन में शामिल होने दुबई पहुंचे थे और महादेव बुक नेटवर्क से उनका वास्तविक जुड़ाव क्या था?

फरवरी 2023 में दुबई में हुआ था भव्य आयोजन

सौरभ चंद्राकर की शादी फरवरी 2023 में UAE में बेहद भव्य तरीके से आयोजित किए जाने की खबरें सामने आई थीं। इस आयोजन को दुबई के आलीशान होटल में होना बताया गया था। इस आयोजन में बॉलीवुड के कई चर्चित कलाकारों और मनोरंजन जगत से जुड़े लोगों की मौजूदगी की खबरें आई थीं।

समारोह में फिल्मी सितारों ने परफॉर्म किया था, वहीं मेहमानों के साथ स्टेज पर डांस और जश्न के वीडियो भी चर्चा में रहे थे। इस शादी में छत्तीसगढ़ के भिलाई-दुर्ग समेत देश के अलग-अलग हिस्सों से सैकड़ों लोगों के पहुंचने की बात कही जाती रही है।

दुबई के किस होटल में हुई थी शादी?

जानकारी के मुताबिक, सौरभ चंद्राकर और उनकी पत्नी हर्षिता की शादी 10 से 14 फरवरी 2023 के बीच UAE के रास अल खैमाह स्थित वाल्डोर्फ एस्टोरिया में आयोजित की गई थी। इस आयोजन पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने भी जांच के दौरान सवाल उठाए थे।

ईडी के सितंबर 2023 में सामने आए आरोपों के अनुसार, शादी समारोह पर करीब 200 करोड़ रुपये खर्च किए जाने का अनुमान था। एजेंसी ने आयोजन प्रबंधन कंपनी को हवाला के जरिए 112 करोड़ रुपये पहुंचाने और होटल बुकिंग पर लगभग 42 करोड़ रुपये नकद खर्च किए जाने से संबंधित डिजिटल साक्ष्य मिलने की बात कही थी।

भिलाई-दुर्ग के प्रभावशाली लोगों की मौजूदगी को लेकर चर्चा

इस हाई-प्रोफाइल शादी को लेकर अब भिलाई-दुर्ग में भी कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। स्थानीय स्तर पर यह दावा किया जा रहा है कि शहर के कुछ प्रभावशाली लोग भी समारोह में शामिल होने के लिए UAE पहुंचे थे।

इनमें कुछ पार्षदों और पार्षद पतियों के शामिल होने की चर्चा भी है। यदि जांच में ऐसे लोगों की मौजूदगी की पुष्टि होती है, तो उनके सौरभ चंद्राकर से संबंधों, यात्रा के उद्देश्य और महादेव बुक नेटवर्क से किसी संभावित कारोबारी जुड़ाव की पड़ताल महत्वपूर्ण हो सकती है।

10 से 14 फरवरी के बीच दुबई जाने वालों की जांच से खुल सकते हैं राज?

इस पूरे मामले में एक महत्वपूर्ण जांच का पहलू विदेश यात्रा के रिकॉर्ड हो सकते हैं। यदि जांच एजेंसियां शादी की तारीखों के आसपास UAE जाने वाले संदिग्धों और आयोजन से जुड़े लोगों की यात्रा की पड़ताल करती हैं, तो कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आ सकती हैं।

  • पासपोर्ट और इमिग्रेशन रिकॉर्ड: संबंधित व्यक्तियों ने कब भारत से प्रस्थान किया और कब वापस लौटे।

  • वीजा और यात्रा दस्तावेज: UAE यात्रा की अवधि और उपलब्ध यात्रा संबंधी विवरण।

  • होटल बुकिंग और भुगतान: संबंधित व्यक्तियों की बुकिंग, ठहरने की अवधि और भुगतान के रिकॉर्ड, यदि जांच में उपलब्ध हों।

  • वित्तीय लेन-देन: टिकट, होटल और समारोह में शामिल होने के खर्च का भुगतान किसने किया।

  • महादेव बुक से संबंध: किसी व्यक्ति के पैनल संचालन, पैसों के लेन-देन या नेटवर्क में भूमिका के स्वतंत्र प्रमाण।

यहां यह स्पष्ट करना जरूरी है कि केवल दुबई की यात्रा किसी व्यक्ति के अपराध में शामिल होने का प्रमाण नहीं है। इसके लिए अलग से साक्ष्य और संबंधित व्यक्ति की भूमिका की जांच आवश्यक होगी।

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पैनल संचालकों पर भी कस सकता है शिकंजा

महादेव बुक मामले का दूसरा महत्वपूर्ण पहलू उन लोगों से जुड़ा है, जिन्होंने ऑनलाइन सट्टेबाजी के पैनल संचालित किए और इस नेटवर्क से बड़ी रकम कमाई। यदि जांच एजेंसियों को किसी पैनल संचालक, उसके आर्थिक लेन-देन और सौरभ चंद्राकर के नेटवर्क के बीच संबंध के प्रमाण मिलते हैं, तो उसकी भूमिका की गहराई से जांच हो सकती है।

सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद ऐसे लोगों को लेकर अटकलें तेज होना स्वाभाविक है, लेकिन किस व्यक्ति की भूमिका संदिग्ध है और किसके खिलाफ कार्रवाई होगी, इसका निर्धारण जांच में सामने आने वाले तथ्यों से ही होगा।

गिरफ्तारी के बाद पुराने संपर्कों पर निगाहें

सौरभ चंद्राकर की शादी अब सिर्फ एक भव्य आयोजन की कहानी नहीं रह गई है। यह महादेव बुक मामले में आर्थिक लेन-देन, आयोजन के खर्च, विदेश यात्राओं और प्रमोटर के संपर्कों की जांच से जुड़ा महत्वपूर्ण संदर्भ बन चुकी है।

भिलाई-दुर्ग के जिन लोगों के नाम इस शादी में शामिल होने को लेकर चर्चाओं में हैं, उनकी वास्तविक भूमिका स्पष्ट करने के लिए दस्तावेजी पुष्टि जरूरी है। यदि जांच एजेंसियां संबंधित यात्रा रिकॉर्ड, भुगतान के स्रोत और नेटवर्क से जुड़े वित्तीय साक्ष्यों का मिलान करती हैं, तो कई पुराने संपर्क सामने आ सकते हैं।

फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यह है, कि क्या सौरभ चंद्राकर की गिरफ्तारी के बाद महादेव बुक नेटवर्क से जुड़े लोगों के साथ-साथ उसके पुराने संपर्कों की भी व्यापक पड़ताल होगी? इसका जवाब जांच एजेंसियों की अगली कार्रवाई से ही पता चल सकेगा।

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