

ई-ऑफिस क्रियान्वयन में बलौदाबाजार-भाटापारा का बेहतर प्रदर्शन।
कलेक्टर आईएएस कुलदीप शर्मा समेत तीन अधिकारी सम्मानित।
मुख्य सचिव ने ई -ऑफिस संबंधित कोर्स की ली जानकारी।
रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में तीन अधिकारी हुए सम्मानित।
Baloda Bazar Bhatapara Collector Kuldeep Sharma: ई-ऑफिस क्रियान्वयन में बेहतर प्रदर्शन कर बलौदाबाजार-भाटापारा जिले ने प्रशासनिक कामकाज में अपनी अलग पहचान बनाई है। कलेक्टर कुलदीप शर्मा की पहल और लगातार प्रयासों का असर अब दिखाई देने लगा है। जिले में ई-ऑफिस व्यवस्था को प्रभावी ढंग से लागू करने और सरकारी कामकाज को अधिक पारदर्शी बनाने की दिशा में किए गए प्रयासों की चर्चा हो रही है। इस उपलब्धि के बीच उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन अधिकारियों को सम्मानित किया गया। जिले के इस प्रदर्शन को प्रशासनिक व्यवस्था में डिजिटल बदलाव और कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
सोमवार को मुख्य सचिव विकास शील ने रायपुर मे आयोजित कार्यक्रम में ई -ऑफिस,आई गॉट कर्मयोगी एवं ई- अटेंडेंस मे उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारी -कर्मचारियों को प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इस अवसर पर सभी जिला कार्यालय कार्यक्रम से वीसी के माध्यम से ऑनलाइन जुडे थे। इस अवसर पर ई -ऑफिस में अधिक फाइल और कम समय मे निपटान के मामले मे उत्कृष्ट प्रदर्शन पर मुख्य सचिव द्वारा टॉप 5 अधिकारियों को सम्मानित किया गया।
इसमें बलौदाबाजार-भाटापारा जिले से कलेक्टर कुलदीप शर्मा,अपर कलेक्टर निशा नेताम मड़ावी एवं कसडोल के पूर्व एसडीएम राम रतन दुबे शामिल हैं। मुख्य सचिव ने सभी अधिकारी -कर्मचारियों को बधाई देते हुए ई- ऑफिस एवं आई गॉट कर्मयोगी के कोर्स को अनिवार्य रूप से पूरा करने कहा। उन्होंने बताया कि प्रत्येक अधिकारी -कर्मचारी को हर माह कम से कम 1 घंटे का कोर्स करना जरुरी है। इस कोर्स से प्राप्त प्रमाण पत्र का उल्लेख अधिकारी -कर्मचारियों के एपीआर मे भी होग़ा। मुख्य सचिव ने ई -ऑफिस अंतर्गत फ़ाइल डिस्पोजल समय को कम करने पर जोर देते हुए कहा कि 12 घंटे तक डिस्पोजल टाइम को 60 अंक निर्धारित है। इससे ज्यादा समय होने पर कोई अंक देय नहीं है,इसलिए 12 घण्टे से जितना कम हो सके फाइल डिस्पोजल का सभी प्रयास करें।