- Hindi News »
- Career »
- What Is About Ugc Bill Protest New Rules Controversy Ugc Act Anti Discrimination Rules 2026
UGC के फरमान पर मचा कोहराम, किस रिपोर्ट के आधार पर बने ये नियम? एक क्लिक में जानें सब कुछ
Rollback UGC 2026 Regulations: यूजीसी के नए बिल को लेकर बवाल मच गया है। जातिगत भेदभाव रोकने का हवाला देकर यूजीसी ने जो नए नियम बनाए हैं उसका हर तरफ विरोध होने लगा है।
- Written By: अर्पित शुक्ला

UGC के नये नियमों के खिलाफ प्रदर्शन (Image- Socila Media)
UGC Controversy: यूनिवर्सिटी ग्रांट कमीशन (UGC) ने 2026 में नए नियम बनाए हैं, जिन्हें Promotion of Equity in Higher Education Institutions Regulations, 2026 कहा गया है। ये नियम यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में जातिगत भेदभाव को रोकने के लिए हैं। इन नियमों के तहत हर यूनिवर्सिटी और कॉलेज में एक इक्विटी कमेटी का गठन अनिवार्य होगा। यह कमेटी एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों की शिकायतें सुनेगी और निर्धारित समय सीमा में उनका समाधान करेगी। इस कमेटी में एससी-एसटी, ओबीसी, दिव्यांग और महिला प्रतिनिधियों का होना जरूरी है। कमेटी का मुख्य उद्देश्य कैंपस में समानता का माहौल बनाना और पिछड़े वर्ग के छात्रों के लिए योजनाओं का कार्यान्वयन करना है।
इन नियमों की आवश्यकता क्यों पड़ी?
ये नियम सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर बनाए गए हैं। सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में रोहित वेमुला और पायल तड़वी जैसे मामलों की सुनवाई के दौरान UGC से 8 हफ्ते के भीतर सख्त नियम बनाने का निर्देश दिया था। हैदराबाद यूनिवर्सिटी के रोहित वेमुला और मुंबई मेडिकल कॉलेज की पायल तड़वी ने कथित जातिगत भेदभाव के कारण आत्महत्या कर ली थी, और उनके परिवारों ने PIL दायर की थी। कोर्ट ने UGC से 2012 के पुराने नियमों को अपडेट करने और जातिगत भेदभाव रोकने के लिए सख्त व्यवस्था बनाने को कहा था।
UGC ने कोर्ट में एक रिपोर्ट पेश की थी, जिसमें जातिगत भेदभाव से संबंधित आंकड़े दिए गए थे। रिपोर्ट के अनुसार, उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिवाद की शिकायतों में 2017-18 में 173 मामले थे, जो 2023-24 तक बढ़कर 378 हो गए, यानी 5 साल में इनमें 118.4% की वृद्धि हुई। हालांकि, 90% से अधिक मामलों का निपटारा किया गया, लेकिन पेंडिंग केसों की संख्या बढ़ी, जो 2019-20 में 18 से बढ़कर 2023-24 में 108 हो गए।
सम्बंधित ख़बरें
सुप्रीम कोर्ट से आसाराम ट्रस्ट को मिली बड़ी राहत, गुजरात में जमीन वापस लेने की कार्रवाई पर लगाई गई रोक
‘वह विवाह से पहले उसके साथ रहने क्यों चली गई?’, लिव इन रिलेशनशिप वाले एक मामले में सुप्रीम कोर्ट ने उठाए सवाल
गुवाहाटी हाईकोर्ट से लगा झटका तो सुप्रीम कोर्ट की शरण में पहुंचे पवन खेड़ा; क्या मिलेगी गिरफ्तारी से राहत?
सड़क सुरक्षा पर ट्रेलर यूनियन के सुझाव, चेकपोस्ट बैरियर और ट्रक पार्किंग के लिए ‘ट्रांसपोर्ट प्लाजा’ की मांग
नए नियमों में भेदभाव की परिभाषा भी स्पष्ट की गई है। जातिगत भेदभाव का मतलब है एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों के खिलाफ कोई भी प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष या अपमानजनक व्यवहार। यदि किसी छात्र की गरिमा या शिक्षा में समानता को घटाया जाता है, तो वह भेदभाव के दायरे में आएगा। ऐसे मामलों की शिकायत इक्विटी कमेटी से की जा सकती है और दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
विरोध क्यों हो रहा है?
नए नियमों के खिलाफ सवर्ण यानी जनरल कैटेगरी के छात्र प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि ये नियम केवल पिछड़े वर्ग के छात्रों की सुरक्षा के लिए हैं, जबकि सवर्णों के खिलाफ किसी तरह के भेदभाव की कोई बात नहीं की गई है। विरोध करने वाले छात्रों का कहना है कि इन नियमों का फायदा उठाकर कोई भी छात्र सवर्णों को झूठी शिकायतों में फंसा सकता है। इस मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में भी याचिका दायर की गई है, जिसमें कहा गया है कि यह नियम UGC एक्ट और उच्च शिक्षा में समान अवसर की भावना के खिलाफ हैं।
यह भी पढ़ें- शंकराचार्य और UGC पर इस्तीफा देने वाले PCS अलंकार अग्निहोत्री सस्पेंड, जांच के दिए गए आदेश
कुल मिलाकर, UGC ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश और अपनी रिपोर्ट के आधार पर ये नियम बनाए हैं। रिपोर्ट में स्पष्ट किया गया कि पिछले 5 सालों में जातिगत भेदभाव की शिकायतों में 118.4% की बढ़ोतरी हुई है, इसलिए हर यूनिवर्सिटी में इक्विटी कमेटी बनानी अनिवार्य हो गई। हालांकि, सवर्ण समाज के छात्रों का मानना है कि ये नियम एकतरफा हैं और उनके खिलाफ इस्तेमाल किए जा सकते हैं। इस कारण यूनिवर्सिटी और कॉलेजों में विवाद पैदा हो गया है—एक ओर जहां दलित-पिछड़े छात्रों की सुरक्षा की बात हो रही है, वहीं दूसरी ओर सवर्ण छात्रों का डर है कि नियमों का दुरुपयोग हो सकता है। यह मामला अब सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है।
Frequently Asked Questions
-
Que: UGC के नए नियमों में भेदभाव की परिभाषा क्या है?
Ans: नए नियमों के अनुसार, जातिगत भेदभाव का मतलब है एससी, एसटी और ओबीसी छात्रों के खिलाफ किसी भी प्रकार का प्रत्यक्ष, अप्रत्यक्ष या अपमानजनक व्यवहार। इसमें किसी छात्र की गरिमा या शिक्षा में समानता को घटाने वाला कोई भी व्यवहार शामिल हो सकता है। ऐसे मामलों की शिकायत संबंधित इक्विटी कमेटी से की जा सकती है और दोषी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
-
Que: UGC के नए नियमों का उद्देश्य क्या है?
Ans: UGC के नए नियमों का उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव को रोकना है। ये नियम एससी, एसटी, ओबीसी, दिव्यांग और महिला छात्रों के लिए समानता सुनिश्चित करने और उनके अधिकारों की रक्षा करने के लिए बनाए गए हैं। हर विश्वविद्यालय और कॉलेज में एक इक्विटी कमेटी का गठन अनिवार्य किया गया है, जो जातिगत भेदभाव से संबंधित शिकायतों को सुनकर उनका समाधान करेगी।
-
Que: UGC के नए नियमों का पालन कौन करेगा?
Ans: UGC के ये नए नियम सभी उच्च शिक्षा संस्थानों पर लागू होंगे। इसमें सरकारी और प्राइवेट दोनों प्रकार के विश्वविद्यालय और कॉलेज शामिल हैं। हर संस्थान को अपनी इक्विटी कमेटी का गठन करना होगा, जिसमें एससी-एसटी, ओबीसी, दिव्यांग और महिला प्रतिनिधि होंगे। यह कमेटी संस्थान में समानता और भेदभाव के मामलों को देखेगी।
What is about ugc bill protest new rules controversy ugc act anti discrimination rules 2026
Get Latest Hindi News , Maharashtra News , Entertainment News , Election News , Business News , Tech , Auto , Career and Religion News only on Navbharatlive.com
Topics:
लेटेस्ट न्यूज़
कल्याण कोर्ट का बड़ा फैसला, दिव्यांग नाबालिग से दुष्कर्म के आरोपी को 20 साल की सजा
Apr 28, 2026 | 09:30 AMनवभारत विशेष: ट्रंप पर हमला अमेरिकी दादागिरी पर पलटवार, क्या अब टूट रहा है जनता का सब्र?
Apr 28, 2026 | 09:30 AMWashington Dinner Shooting: वाशिंगटन में ट्रंप पर हमला, डिनर के दौरान फायरिंग करने वाला शूटर मुश्किल में
Apr 28, 2026 | 09:25 AMआसमान से बरसती आग के बीच 13 राज्यों में तूफानी बारिश का अलर्ट; 55 KM की रफ्तार से चलेंगी हवाएं
Apr 28, 2026 | 09:24 AMVidarbha Weather Update: नागपुर में 45 डिग्री के पार पहुंचा पारा, अमरावती सबसे गर्म शहर, जानें लेटेस्ट अपडेट
Apr 28, 2026 | 09:10 AMPoints Table: 81 गेंद पहले दिल्ली से जीती बेंगलुरु, रॉकेट की तरह भागा नेट रन रेट, देखें अब प्लेऑफ का पूरा गणित
Apr 28, 2026 | 09:06 AMपाकिस्तान फेल! अब UN ने संभाला मोर्चा, ईरान से की खास अपील, कहा- बिना भेदभाव के फिर से खोल दो होर्मुज
Apr 28, 2026 | 09:06 AMवीडियो गैलरी

Pappu Yadav on BJP: ‘ED-CBI का डर दिखाकर विरोधियों को खत्म कर रही भाजपा’, पप्पू यादव ने सरकार पर साधा निशाना
Apr 27, 2026 | 10:28 PM
बंगाल चुनाव 2026: कोलकाता की महिलाओं ने भरी हुंकार, हजार रुपये नहीं, हमें सुरक्षा और रोजगार चाहिए- VIDEO
Apr 27, 2026 | 10:16 PM
टीएमसी सांसद मिताली बाग पर जानलेवा हमला! फूट-फूट कर रोते हुए बताया कार में हुआ खौफनाक मंजर
Apr 27, 2026 | 10:16 PM
पैरेंट्स को ‘SHUT UP’ बोलने वाली प्रिंसिपल ने तोड़ी चुप्पी, कहा कि 3 घंटे पहले जो हुआ वो किसी ने नहीं देखा
Apr 27, 2026 | 10:09 PM
MP के कटनी में मानवता शर्मसार, मौत से जूझ रहा था पति; एंबुलेंस कर्मी ने बेबस पत्नी से धुलवाई गाड़ी- VIDEO
Apr 27, 2026 | 10:08 PM
इंदौर में सरेआम गुंडागर्दी! मामूली टक्कर के बाद बाइक सवार ने दंपत्ति को डंडे से धमकाया, वसूले ₹3000- VIDEO
Apr 27, 2026 | 10:07 PM














