US Student Visa Rules: अमेरिका में पढ़ाई करने वाले विदेशी छात्रों पर सख्ती, 4 साल बाद बढ़ेगी मुश्किल

F1 Visa : अमेरिका में पढ़ाई का सपना देखने वाले विदेशी छात्रों के लिए नई चुनौती सामने आ सकती है। प्रस्तावित नियमों के तहत अब छात्र वीजा पर अधिकतम चार साल तक ही बिना अतिरिक्त प्रक्रिया के रहा जा सकेगा।
The US may introduce a new rule limiting student visa stays for foreign students to four years.
अमेरिका स्टूडेंट वीजा अपडेट (फोटो - गूगल इमेज)
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America Student Visa Update : अमेरिका में पढ़ाई करने की चाह रखने वाले विदेशी छात्रों के लिए आने वाला समय चुनौतीपूर्ण हो सकता है। अमेरिकी सरकार छात्र वीजा नियमों में बड़ा बदलाव करने की तैयारी में है। प्रस्तावित नियमों के अनुसार, विदेशी छात्र अब अधिकतम चार साल तक ही बिना अतिरिक्त प्रक्रिया के अमेरिका में पढ़ाई कर सकेंगे।

इसके बाद अगर कोर्स पूरा नहीं होता है या छात्र को और समय चाहिए, तो उसे नई कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा। इस बदलाव से दुनियाभर के उन छात्रों पर असर पड़ सकता है जो अमेरिका को उच्च शिक्षा के लिए सबसे बेहतर विकल्प मानते हैं।

अब छात्र वीजा पर अधिकतम चार साल तक

अभी तक विदेशी छात्र 'ड्यूरेशन ऑफ स्टेटस' यानी D/S नियम के तहत अमेरिका में तब तक रह सकते थे, जब तक उनका कोर्स पूरा न हो जाए। इस व्यवस्था में यूनिवर्सिटी छात्र का स्टेटस अपडेट करती रहती थी और अलग से समय सीमा की चिंता नहीं होती थी।

लेकिन अब अमेरिकी डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी इस नियम को बदलकर चार साल की सख्त सीमा तय करने पर विचार कर रहा है। यदि किसी छात्र का कोर्स लंबा है या रिसर्च, मेडिकल कारणों या अन्य वजहों से समय बढ़ता है, तो उसे खुद अमेरिकी नागरिकता और आप्रजन सेवा यानी USCIS के पास एक्सटेंशन के लिए आवेदन करना होगा।

छात्रों ने इसे भविष्य के लिए नुकसानदायक बताया

नए प्रस्ताव के तहत छात्र को पढ़ाई में देरी का ठोस कारण देना होगा और कॉलेज या यूनिवर्सिटी से लिखित प्रमाण भी लेना होगा कि डिग्री पूरी करने के लिए अतिरिक्त समय जरूरी है। इसके अलावा फिर से प्रोसेसिंग फीस जमा करनी पड़ सकती है और बायोमेट्रिक्स प्रक्रिया भी करनी होगी।

यदि अधिकारियों को लगता है कि छात्र जानबूझकर पढ़ाई लंबी कर रहा है या कारण पर्याप्त नहीं है, तो आवेदन खारिज किया जा सकता है। ऐसी स्थिति में छात्र को अमेरिका छोड़ना पड़ सकता है। इन संभावित नियमों को लेकर विदेशी छात्रों में चिंता बढ़ गई है और कई छात्र सोशल मीडिया पर इसे भविष्य के लिए नुकसानदायक बता रहे हैं।

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