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Fake Universities in India: क्या आप या आपका बच्चा किसी नई यूनिवर्सिटी में एडमिशन लेने की योजना बना रहे हैं? तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। यूजीसी ने देशभर के 32 ऐसे संस्थानों की पोल खोली है, जो बिना किसी वैध मान्यता के छात्रों को डिग्रियां बांटकर उनके भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रहे हैं।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने साल 2026 के लिए देशभर के 32 फर्जी विश्वविद्यालयों की एक नई सूची जारी की है। ये संस्थान बिना किसी आधिकारिक मान्यता के छात्रों को डिग्री दे रहे थे। आयोग ने कर दिया है कि ये संस्थान यूजीसी अधिनियम, 1956 के तहत किसी भी प्रकार की डिग्री प्रदान करने के लिए अधिकृत नहीं हैं।
यूजीसी ने अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर इन नामों को अपलोड करते हुए छात्रों और अभिभावकों को विशेष रूप से सतर्क रहने की सलाह दी है। चिंता की बात यह है कि पिछले दो वर्षों में ऐसे फर्जी संस्थानों की संख्या 20 से बढ़कर 32 हो गई है, जिससे पता चलता है कि अवैध संस्थानों का नेटवर्क तेजी से फैल रहा है।
यूजीसी द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश की राजधानी दिल्ली फर्जी विश्वविद्यालयों का सबसे बड़ा केंद्र बनकर उभरी है। यहाँ कुल 12 संस्थानों को फर्जी घोषित किया गया है, जिनमें प्रमुख रूप से निम्नलिखित शामिल हैं:
• ऑल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एंड फिजिकल हेल्थ साइंस
• कमर्शियल यूनिवर्सिटी लिमिटेड, दरियागंज
• यूनाइटेड नेशन्स यूनिवर्सिटी और वॉकेशनल यूनिवर्सिटी
• एडीआर-सेंट्रिक ज्यूरीडिकल यूनिवर्सिटी
• इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एंड इंजीनियरिंग
• विश्वकर्मा ओपन यूनिवर्सिटी फॉर सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट
• आध्यात्मिक विश्वविद्यालय (रिठाला, रोहिणी)
दिल्ली के बाद उत्तर प्रदेश का नंबर आता है, जहां 4 संस्थानों को अवैध पाया गया है। इनमें प्रयाग का गांधी हिन्दी विद्यापीठ, अलीगढ़ की नेताजी सुभाष चंद्र बोस ओपन यूनिवर्सिटी, नोएडा का महामाया टेक्निकल यूनिवर्सिटी और लखनऊ की भारतीय शिक्षा परिषद् शामिल हैं।
फर्जीवाड़े का यह जाल केवल दिल्ली-यूपी तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों में भी फैला हुआ है:
• आंध्र प्रदेश और कर्नाटक: दोनों राज्यों में 2-2 संस्थान फर्जी पाए गए हैं, जिनमें बाइबल ओपन यूनिवर्सिटी ऑफ इंडिया (विशाखापट्टनम) और ग्लोबल ह्यूमन पीस यूनिवर्सिटी (बेंगलुरु) जैसे नाम शामिल हैं।
• महाराष्ट्र और पश्चिम बंगाल: यहां भी 2-2 अवैध संस्थान हैं, जिनमें नागपुर की राजा अरेबिक यूनिवर्सिटी और कोलकाता का इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ऑल्टरनेटिव मेडिसन शामिल हैं।
• पुडुचेरी और केरल: पुडुचेरी में 2 और केरल में भी 2 संस्थानों को फर्जी घोषित किया गया है। इसके अलावा हरियाणा, राजस्थान, झारखंड और अरुणाचल प्रदेश से भी 1-1 संस्थान को इस ब्लैक लिस्ट में डाला गया है।
यूजीसी ने चेतावनी दी है कि इन संस्थानों से प्राप्त डिग्रियों का कोई कानूनी महत्व नहीं है। ऐसी डिग्रियां न तो सरकारी नौकरियों के लिए मान्य होंगी और न ही इन्हें उच्च शिक्षा में प्रवेश के लिए स्वीकार किया जाएगा। आयोग ने जोर देकर कहा है कि इन संस्थानों को न तो केंद्र सरकार से मान्यता प्राप्त है और न ही किसी राज्य सरकार से। थोड़ी सी भी लापरवाही छात्रों के करियर और मेहनत की कमाई को बर्बाद कर सकती है।
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यूजीसी ने अपील की है कि किसी भी संस्थान में दाखिला लेने से पहले छात्र उसकी मान्यता की स्थिति यूजीसी की आधिकारिक वेबसाइट ugc.gov.in पर जरूर चेक करें। यदि कोई विश्वविद्यालय खुद को ‘वैध’ बताता है, तो उसकी पुष्टि किए बिना फीस जमा न करें। सतर्कता ही इस धोखाधड़ी से बचने का एकमात्र तरीका है।