विदेश में पढ़ाई (सोर्स-सोशल मीडिया)
Study in Canada: कनाडा में पढ़ने जाने वाले भारतीय छात्रों की संख्या लगातार बढ़ रही है। फिलहाल वहां चार लाख से ज्यादा भारतीय छात्र डिग्री हासिल कर रहे हैं। कनाडा न सिर्फ अपनी प्राकृतिक सुंदरता बल्कि विश्वस्तरीय शिक्षा व्यवस्था के लिए भी जाना जाता है।
कई भारतीय छात्रों को यह जानकारी नहीं होती कि कनाडा में सिर्फ प्राइवेट ही नहीं बल्कि कई सरकारी विश्वविद्यालय भी हैं, जहां विदेशी छात्रों को आसानी से एडमिशन मिल जाता है। इन सरकारी संस्थानों में पढ़ाई का एक बड़ा फायदा यह है कि यहां प्राइवेट संस्थानों के मुकाबले ट्यूशन फीस कम होती है और रिसर्च की सुविधाएं भी बेहतर होती हैं।
अगर कोई छात्र 2026 में कनाडा में पढ़ाई करना चाहता है, तो उसके लिए सही विश्वविद्यालय चुनना जरूरी होता है। इस मामले में यूएस न्यूज एंड वर्ल्ड रिपोर्ट की रैंकिंग काफी मददगार मानी जाती है। इस रैंकिंग में कनाडा की 15 प्रमुख सरकारी यूनिवर्सिटीज के नाम बताए गए हैं, जहां भारतीय छात्र एडमिशन ले सकते हैं।
सरकारी विश्वविद्यालयों को कनाडा सरकार की तरफ से फंडिंग मिलती है, जिसकी वजह से यहां छात्रों से कम ट्यूशन फीस ली जाती है। इन संस्थानों में रिसर्च के भी बेहतर अवसर मिलते हैं।
सबसे खास बात यह है कि अगर कोई छात्र कनाडा से पढ़ाई करता है, तो उसे पोस्ट ग्रेजुएशन वर्क परमिट (PGWP) के तहत लगभग तीन साल तक काम करने का मौका मिलता है। इससे छात्र कनाडा में नौकरी कर सकते हैं और वहां का वर्क एक्सपीरियंस हासिल कर सकते हैं।
यह भी पढ़ें- UPSC सिविल सेवा परीक्षा 2025 का रिजल्ट हुआ जारी, अनुज अग्निहोत्री ने किया टॉप, टॉपर्स कि लिस्ट आई सामने
इसके अलावा कनाडा की इमिग्रेशन पॉलिसी भी छात्रों के लिए काफी अनुकूल मानी जाती है। कनाडियन एक्सपीरियंस क्लास (CEC) और एक्सप्रेस एंट्री जैसे प्रोग्राम के जरिए उन छात्रों को स्थायी निवास (PR) मिलने में प्राथमिकता दी जाती है, जिन्होंने कनाडा की यूनिवर्सिटी से पढ़ाई की हो और वहां काम का अनुभव भी हासिल किया हो।