पीएम इंटर्नशिप स्कीम (सोर्स-सोशल मीडिया)
Apply For PM Internship Scheme: भारत सरकार ने देश के बेरोजगार युवाओं को कौशल विकास और वित्तीय सहायता प्रदान करने के लिए पीएम इंटर्नशिप स्कीम का तीसरा चरण शुरू किया है। इस योजना के तहत अब पात्र उम्मीदवारों को प्रति माह मिलने वाले स्टाइपेंड की राशि में भारी बढ़ोतरी की गई है ताकि वे आर्थिक रूप से सक्षम बन सकें। युवा अब आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से सीधे पंजीकरण कर सकते हैं और देश की नामी कंपनियों के साथ काम करने का अपना सपना पूरा कर सकते हैं। यह कार्यक्रम युवाओं को भविष्य की नौकरियों के लिए तैयार करने और उन्हें वास्तविक औद्योगिक अनुभव दिलाने की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम साबित होगा।
पीएम इंटर्नशिप स्कीम (PMIS 3.0) के तीसरे दौर के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आधिकारिक रूप से शुरू कर दी गई है। सरकार ने इस बार योजना में महत्वपूर्ण बदलाव करते हुए आवेदन करने की अधिकतम आयु सीमा को 24 वर्ष से बढ़ाकर 25 वर्ष कर दिया है। अब 18 से 25 साल के बीच के वे सभी युवा आवेदन कर सकते हैं जो वर्तमान में किसी भी प्रकार की फुल-टाइम नौकरी नहीं कर रहे हैं।
इस योजना के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक इसमें मिलने वाली वित्तीय सहायता है जिसे अब सरकार ने लगभग दोगुना कर दिया है। जहां पहले इंटर्नशिप करने वाले युवाओं को 5000 रुपये मिलते थे वहीं अब उन्हें हर महीने न्यूनतम 9000 रुपये का स्टाइपेंड दिया जाएगा। इसके अलावा योजना में शामिल होने वाले प्रत्येक उम्मीदवार को कार्य शुरू करने पर 6000 रुपये की एकमुश्त सहायता राशि भी दी जाएगी।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य युवाओं को किताबी ज्ञान से आगे ले जाकर उद्योगों में काम करने का वास्तविक अनुभव प्रदान करना है। चयनित उम्मीदवारों को देश की टॉप कंपनियों में 6 या 9 महीने की एक संरचित अवधि के लिए काम सीखने का सुनहरा अवसर मिलेगा। यह इंटर्नशिप विभिन्न क्षेत्रों में उपलब्ध है जिससे युवाओं को अपनी पसंद के करियर पथ पर आगे बढ़ने और प्रैक्टिकल स्किल्स सीखने में मदद मिलेगी।
इच्छुक और योग्य उम्मीदवार इस अवसर का लाभ उठाने के लिए सरकार की आधिकारिक वेबसाइट pminternship.mca.gov.in पर जाकर लॉग इन कर सकते हैं। आवेदन करने से पहले उम्मीदवारों को यह सुनिश्चित करना होगा कि वे किसी भी संस्थान में पूर्णकालिक रोजगार में संलग्न नहीं हैं। पोर्टल पर उपलब्ध निर्देशों का पालन करते हुए युवा अपनी पसंदीदा कंपनियों और सेक्टर्स में उपलब्ध इंटर्नशिप के लिए सीधे आवेदन भेज सकते हैं।
योजना के पहले दो चरणों में युवाओं की भागीदारी उम्मीद से काफी कम रही थी जिसके बाद सरकार ने इसमें कई सुधार किए हैं। पायलट चरण के दौरान लगभग 60,866 ऑफर दिए गए थे लेकिन उनमें से केवल 8,760 उम्मीदवारों ने ही वास्तव में कंपनियों को जॉइन किया था। अब स्टाइपेंड राशि में वृद्धि और आयु सीमा में छूट जैसे बदलावों के माध्यम से अधिक से अधिक युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
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केंद्र सरकार का यह प्रयास युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें वैश्विक बाजार की जरूरतों के अनुसार तैयार करने की दिशा में केंद्रित है। इंटर्नशिप पूरी होने के बाद उम्मीदवारों के पास न केवल कार्य का अनुभव होगा बल्कि उनके पास करियर की शुरुआत के लिए आवश्यक प्रमाणपत्र भी होंगे। यह योजना देश के विभिन्न क्षेत्रों में प्रतिभाओं को पहचानने और उन्हें सही औद्योगिक मार्गदर्शन प्रदान करने का एक सशक्त मंच बन गई है।