

NTA, Exam Security 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी यानी NTA परीक्षा प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित और तकनीकी रूप से मजबूत बनाने के लिए अहम कदम उठाने जा रहा है। एनटीए ने परीक्षा प्रणाली को मजबूत बनाने के लिए बड़े सुधारों की घोषणा की है। एनटीए ने प्रेस रिलीज करते हुए बताया कि हाल ही चल रहे पेपर लीक विवादों और परीक्षा प्रक्रिया में उठाए गए सवालों के बाद अब संस्थागत ढांचे को मजबूत करने के लिए एजेंसी नए और अहम कदम उठाने जा रही है।
एनटीए ने प्रेस रिलीज करते हुए कहा कि केंद्र सरकार द्वारा घटित हाई-लेवल एक्सपर्ट कमेटी की सिफारिशों के आधार पर पिछले कुछ हफ्तों में नेतृत्व, तकनीकी व्यवस्थाऔर निगरानी तंत्र को मजबूत करने की दिशा में काम किया गया है। एजेंसी का दावा है कि इन सुधारों का उद्देश्य देशभर में आयोजित होने वाली बड़ी परीक्षाओं को विश्वसनीयता और पारदर्शिता बढ़ाना है।
पेपर लीक विवादों पर उठे सवालों पर प्रेस रिलीज करते हुए एजेंसी ने जानकारी देते हुए कहा कि एनटीए में केंद्र सरकार के 4 वरिष्ठ अधिकारियों की नियुक्ति की गई है। इनमें दो अधिकारी संयुक्त सचिव स्तर के और दो निदेशक स्तर के हैं। संयुक्त सचिव स्तर के अधिकारियों को अतिरिक्त महानिदेशक (ADG) के रूप में जिम्मेदारी दी जाएगी। एनटीए के अनुसार अनुभवी प्रशासनिक अधिकारियों की नियुक्ति से एजेंसी की कार्यक्षमता बढ़ेगी और परीक्षा संचालन को अधिक प्रभावी बनाया जा सकेगा।
बता दें कि एनटीए ने परीक्षा प्रणाली में बदलाव लाने के लिए भर्ती प्रक्रिया के तहत बड़े विशेषज्ञ पदों के लिए भी आवेदन मांगे हैं। इनमें चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर, चीफ फाइनेंस ऑफिसर और जनरल मैनेजर-ह्यूमन रिसोर्स शामिल है। चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह तकनीकी रूप से मजबूत करने के लिए काम करेंगे।
इस भर्ती के तहत इनमें डिजिटल एग्जाम सिस्टम, प्रश्नपत्र सुरक्षा, साइबर सिक्योरिटी, बायोमेट्रिक और फेस ऑथेंटिकेशन जैसी व्यवस्थाओं के लिए निगरानी शामिल की जाएगी। चीफ फाइनेंस ऑफिसर परीक्षा से जुड़े वित्तिय प्रबंधन, लेखा व्यवस्था और ऑडिट से जुड़े कार्यों को संभालेंगे। जनरल मैनेजर-एचआर एजेंसी से जुड़े कर्मचारियों, ट्रेनिंग, मानव संसाधन नीति और कार्य संस्कृति को और बेहतर बनाने का काम देखेंगे।
एनटीए ने बताया कि सुधार कार्यक्रम के तहत प्रश्नपत्र तैयार करने, प्रिंटिंग और लॉजिस्टिक्स में तकनीकी सुरक्षा बढ़ाई जाएगी। इसके अलावा एआई आधारित निगरानी, बायोमेट्रिक सत्यापन, डेटा एनालिटिक्स और लगातार मॉनिटरिंग जैसे कदम उठाए जाएंगे।
एजेंसी ने प्रेस रिलीज में ये भी कहा कि सभी उम्मीदवारों की शिकायतों के समाधान, पारदर्शिता और संवाद व्यवस्था को भी मजबूत किया जाएगा। एनटीए के अनुसार नीट यूजी (NEET-UG) परीक्षा प्रणाली के मामले में पूरी प्रक्रिया शिक्षा मंत्रालय और उच्च शिक्षा विभाग की निगरानी में लागू की जाएगी।