JPSC Result Controversy: एक साथ गायब हुए 832 रोल नंबर? झारखंड लोक सेवा आयोग की परीक्षा पर उठे गंभीर सवाल
JPSC Candidates Outraged: झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) की सिविल सेवा PT परीक्षा 2025 के परिणामों में 832 रोल नंबरों के अचानक गायब होने से हड़कंप मच गया है।
- Written By: सृष्टि मौर्य
JPSC परिणाम विवाद (सोर्स- ए आई इमेज)
832 Roll Numbers Missing: अभ्यर्थियों ने आयोग द्वारा जारी सफल उम्मीदवारों की सूची पर गंभीर सवाल उठाते हुए चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर आपत्ति जताई है। उनका आरोप है कि चयनित अभ्यर्थियों के रोल नंबरों की सूची में असामान्य रूप से बड़ा अंतर दिखाई दे रहा है। इसे लेकर अभ्यर्थियों ने आयोग से पारदर्शिता सुनिश्चित करने कि मांग की है।
एक साथ 832 रोल नंबर गायब होने का क्या है रहस्य?
अभ्यर्थियों ने आयोग के समक्ष साक्ष्य प्रस्तुत करते हुए बताया है कि सफल घोषित उम्मीदवारों की आधिकारिक सूची में रोल नंबर 2601290656 के तुरंत बाद रोल नंबर 2601291488 को जगह दी गई है। अगर इन दोनों नंबरों के बीच के अंतर को देखा जाए, तो कुल 832 अभ्यर्थी इस क्रम में आते हैं। हैरानी की बात यह है कि इस पूरी श्रृंखला में से एक भी अभ्यर्थी परीक्षा में सफल नहीं हो सका है। इतनी बड़ी संख्या में उम्मीदवारों का एक साथ असफल होना असामान्य है, जिससे परीक्षा की विश्वसनीयता और पारदर्शिता पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं।
तकनीकी गड़बड़ी या कुछ और?
अभ्यर्थियों की बढ़ी आशंका इस विसंगति के सामने आने के बाद अभ्यर्थियों के बीच कई तरह की आशंकाएं जन्म ले रही हैं। उनका मानना है कि यह स्थिति किसी विशेष परीक्षा केंद्र के सभी अभ्यर्थियों के अनुपस्थित रहने, किसी केंद्र की परीक्षा निरस्त होने या फिर OMR शीट की स्कैनिंग के दौरान हुई किसी बड़ी तकनीकी गड़बड़ी की ओर संकेत करती है।
सम्बंधित ख़बरें
12वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका, हवलदार इंस्ट्रक्टर के 209 पदों पर भर्ती, जानें योग्यता और आवेदन प्रक्रिया
BSUSC Recruitment 2026: बिहार के विश्वविद्यालयों में 3,674 असिस्टेंट प्रोफेसर पदों पर भर्ती
BPSSC SI Recruitment 2026: बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के 150 पदों पर भर्ती, 9 जुलाई से आवेदन शुरू
DRDO CFEES JRF Recruitment 2026: बिना लिखित परीक्षा मिलेगी नौकरी, 9 जूनियर रिसर्च फेलो पदों पर वॉक-इन इंटरव्यू
अभ्यर्थियों ने आयोग से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की जाए और स्थिति को सार्वजनिक रूप से स्पष्ट किया जाए। इसके अतिरिक्त, स्थानांतरित किए जा चुके परीक्षा नियंत्रक द्वारा परिणाम जारी किए जाने के फैसले पर भी सवाल उठाए गए हैं।
कटऑफ अंक जारी न होने से बढ़ा रोष
आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी सिर्फ रोल नंबरों के गायब होने तक सीमित नहीं है। अभ्यर्थियों ने इस बात पर भी कड़ी आपत्ति जताई है कि जेपीएससी पिछले कुछ समय से विभिन्न परीक्षाओं के कटऑफ अंक सार्वजनिक नहीं कर रहा है।
अभ्यर्थियों के अनुसार, 5 जून 2026 को घोषित सिविल जज (जूनियर डिवीजन) परीक्षा, 24 जून को जारी बैकलाग-2023 परीक्षा, और 2 जुलाई को घोषित सिविल सेवा नियमित-2025 प्रारंभिक परीक्षा के कटऑफ अभी तक जारी नहीं किए गए हैं। यहां तक कि 3 जुलाई को घोषित फॉरेस्ट रेंज ऑफिसर भर्ती मुख्य परीक्षा के कटऑफ का भी पता नहीं है, जिससे अभ्यर्थियों में भारी असंतोष है।
यह भी पढ़ें :- 12वीं पास युवाओं के लिए सुनहरा मौका, हवलदार इंस्ट्रक्टर के 209 पदों पर भर्ती, जानें योग्यता और आवेदन प्रक्रिया
भर्ती का पूरा गणित
विवादों के बीच आयोग ने सिविल सेवा बैकलाग-2025 प्रारंभिक परीक्षा का संशोधित मॉडल उत्तर भी जारी किया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जांच के बाद प्रथम प्रश्नपत्र के एक प्रश्न के सभी विकल्पों को सही माना गया है, जबकि द्वितीय प्रश्नपत्र के चार प्रश्नों को रद्द करना पड़ा है।
गौरतलब है कि 45 रिक्त पदों के लिए आयोजित इस परीक्षा में उपसमाहर्ता के 36, सहायक निबंधक (कृषि) के दो और झारखंड शिक्षा सेवा के सात पद शामिल हैं। 17 मई को आयोजित इस परीक्षा में लगभग 30 हजार अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनके लिए रांची में 64 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
