

JEE Advanced 2026 : संयुक्त सीट आवंटन प्राधिकरण (JoSAA) ने 2026 काउंसलिंग प्रक्रिया शुरू कर दी है। अभ्यर्थी 11 जून 2026 तक रजिस्ट्रेशन और चॉइस फिलिंग कर सकते हैं, जबकि पहले राउंड का सीट आवंटन परिणाम 13 जून 2026 को जारी किया जाएगा। देश के प्रतिष्ठित भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थानों (IITs) में प्रवेश लेने के इच्छुक छात्रों के लिए यह प्रक्रिया बेहद महत्वपूर्ण है। JoSAA के माध्यम से JEE Advanced और JEE Main के अंकों के आधार पर सीटों का आवंटन किया जाता है।
काउंसलिंग नोटिफिकेशन के अनुसार, उम्मीदवारों को अपनी पसंद के कोर्स और संस्थान का चयन बेहद सावधानी से करना चाहिए, क्योंकि सीट आवंटन उनकी प्राथमिकताओं और रैंक के आधार पर होगा। ऐसे में छात्रों के लिए यह जानना जरूरी है कि देश के शीर्ष IITs में कौन-कौन से कोर्स उपलब्ध हैं।
Indian Institute of Technology Delhi में बीएस (केमिस्ट्री), बीटेक और डुअल डिग्री प्रोग्राम उपलब्ध हैं। यहां कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, मैथमेटिक्स एंड कंप्यूटिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, बायोकेमिकल इंजीनियरिंग एंड बायोटेक्नोलॉजी, डिजाइन, एनर्जी इंजीनियरिंग और इंजीनियरिंग फिजिक्स जैसे लोकप्रिय कोर्स पढ़ाए जाते हैं। संस्थान बीटेक+एमटेक डुअल डिग्री भी प्रदान करता है।
वहीं Indian Institute of Technology Bombay में एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, केमिकल इंजीनियरिंग और इंजीनियरिंग फिजिक्स जैसे प्रमुख बीटेक कोर्स उपलब्ध हैं। इसके अलावा बीएस कार्यक्रमों में केमिस्ट्री, इकोनॉमिक्स, मैथमैटिक्स और एप्लाइड जियोफिजिक्स शामिल हैं। संस्थान इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग में बीटेक+एमटेक डुअल डिग्री भी ऑफर करता है।
Indian Institute of Technology Madras छात्रों को कई आधुनिक और उभरते हुए क्षेत्रों में पढ़ाई का अवसर देता है। यहां डेटा साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, बायोटेक्नोलॉजी, एयरोस्पेस इंजीनियरिंग, इंजीनियरिंग डिजाइन, मैकेनिकल इंजीनियरिंग और नेवल आर्किटेक्चर एंड ओशन इंजीनियरिंग जैसे कोर्स उपलब्ध हैं।
इसके अलावा संस्थान बायोलॉजिकल साइंसेज और फिजिक्स में BS-MS डुअल डिग्री प्रोग्राम भी संचालित करता है। JoSAA काउंसलिंग में भाग लेने वाले छात्रों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी रुचि, करियर लक्ष्य और पिछले वर्षों के कटऑफ को ध्यान में रखते हुए चॉइस फिलिंग करें, ताकि उन्हें अपनी पसंद का संस्थान और कोर्स मिलने की संभावना बढ़ सके।