जेईई मेन 2026 सेशन 1 परीक्षा आज से शुरू (सोर्स- सोशल मीडिया)
JEE Main 2026 Session 1 Exam: देश के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग संस्थानों जैसे आईआईटी, एनआईटी और ट्रिपल आईटी में दाखिले का पहला कदम माने जाने वाली जेईई मेन 2026 (जनवरी सेशन) की परीक्षा बुधवार से शुरू हो गई है। इस साल करीब 13 लाख छात्रों के इस परीक्षा में शामिल होने की संभावना है, जो साढ़े 62 हजार से अधिक इंजीनियरिंग सीटों के लिए प्रतिस्पर्धा करेंगे।
पाठ्यक्रम अनुसार, आईआईटी में 18,160, एनआईटी में 24,525, ट्रिपल आईटी में 9,940 और जीएफटीआई में 10,228 सीटें उपलब्ध हैं। परीक्षा की कठिनाई स्तर और प्रारंभिक शिफ्ट के पेपरों में कुछ कठिन प्रश्नों को लेकर चर्चा भी तेज है।
छात्रों को परीक्षा केंद्रों पर एक घंटा पहले पहुंचने का निर्देश दिया गया है। प्रवेश परीक्षा शुरू होने के आधा घंटा पहले बंद कर दिया जाएगा। एनटीए ने स्पष्ट किया कि:
देर से आने वाले छात्रों को परीक्षा में प्रवेश नहीं मिलेगा। परीक्षा केंद्र पर छात्रों की फ्रिस्किंग और बायोमेट्रिक जांच के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा।
जनवरी सत्र की जेईई पेपर वन (बीई/बीटेक) परीक्षा 21, 22, 23, 24 और 28 जनवरी को आयोजित होगी। इसमें दो शिफ्ट रखी गई हैं:
पेपर टू (बीआर्क और बी प्लानिंग) परीक्षा 29 जनवरी को होगी। दोनों पेपर मिलाकर जेईई मेन 2026 जनवरी सत्र की परीक्षा 29 जनवरी तक पूरी होगी। इस साल 14.10 लाख से अधिक छात्रों ने पंजीकरण करवाया है, जिसमें बिहार से 62,000 से अधिक परीक्षार्थी शामिल होंगे।
छात्रों को प्रवेश पत्र में दिए गए बारकोड रीडर के माध्यम से लैब आवंटित की जाएगी। छात्रों को अपने साथ ये दस्तावेज अनिवार्य रूप से ले जाने होंगे:
आईडी की फोटोकॉपी या मोबाइल फोटो से प्रवेश नहीं मिलेगा। किसी भी तरह के इलेक्ट्रॉनिक गैजेट की अनुमति नहीं है।
जेईई मेन के लिए कोई अनिवार्य ड्रेस नहीं है, लेकिन सुरक्षा जांच में सुविधा के लिए कुछ नियम हैं।
पुरुष उम्मीदवार:
महिला उम्मीदवार:
जींस पहनने पर नियम: छात्रों को जींस पहनने की अनुमति है, लेकिन मेटैलिक जिपर, बड़े मैटल बटन या सजावटी बैज वाले कपड़े न पहनें।
जेईई मेन परिणामों में सर्वश्रेष्ठ स्कोर के आधार पर रैंक जारी की जाएगी। पहले 2,50,000 रैंक हासिल करने वाले उम्मीदवार जेईई एडवांस के लिए आवेदन कर सकेंगे। जेईई एडवांस के जरिए आईआईटी में प्रवेश मिलेगा। इसके लिए 12वीं में कम से कम 75% अंक या संबंधित बोर्ड के टॉप 20 प्रतिशत में होना अनिवार्य है।