भारत के टेक सेक्टर में बढ़ती छंटनी: ओवरहायरिंग का असर या AI का दबाव?

India tech layoffs 2026 : भारत के टेक सेक्टर में बढ़ती छंटनी के पीछे ओवरहायरिंग और AI दोनों की भूमिका सामने आ रही है, जिससे जॉब मार्केट में बड़ा बदलाव दिख रहा है।
Tech layoffs rise in India, driven by AI impact and overhiring.
भारत के टेक सेक्टर में लगातार छंटनी जारी। (फोटो सोर्स - गूगल इमेज)
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AI Impact on Jobs : भारत के टेक सेक्टर में एक बार फिर छंटनी (layoffs) चर्चा का केंद्र बन गई है। ओरेकल, अमेज़न और माइक्रोसॉफ्ट जैसी बड़ी ग्लोबल कंपनियों से लेकर टीसीएस, इंफोसिस जैसी आईटी सर्विस कंपनियों और जेप्टो जैसे स्टार्टअप्स तक, हर स्तर पर नौकरी में कटौती देखने को मिल रही है।

रिपोर्ट्स के मुताबिक, कुछ कंपनियों ने हजारों कर्मचारियों की छंटनी की है, जबकि कई जगह “साइलेंट लेऑफ्स” जैसे ऑनबोर्डिंग में देरी और वर्कफोर्स कम करना भी देखने को मिल रहा है। इससे यह साफ हो गया है कि यह समस्या किसी एक कंपनी या सेक्टर तक सीमित नहीं है।

भारत के टेक सेक्टर में चल रही छंटनी

विशेषज्ञों का मानना है कि इस ट्रेंड के पीछे सिर्फ एक वजह नहीं है। कोविड के बाद तेजी से हुई ओवरहायरिंग अब कंपनियों के लिए बोझ बन रही है, जिसे वे संतुलित करने की कोशिश कर रही हैं। वहीं दूसरी ओर AI का बढ़ता प्रभाव भी इस बदलाव का बड़ा कारण है।

नई टेक्नोलॉजी के चलते कंपनियां कम कर्मचारियों में ज्यादा काम कर पा रही हैं, खासकर उन रोल्स में जो दोहराव वाले या प्रोसेस-आधारित हैं। यही वजह है कि कंपनियां अब छोटे लेकिन ज्यादा कुशल टीम्स बनाने पर जोर दे रही हैं।

AI के युग लोग खुद को रखें अपडेट

हालांकि, यह तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं है। जहां एक ओर कुछ पारंपरिक नौकरियां खत्म हो रही हैं, वहीं दूसरी ओर नई भूमिकाएं भी उभर रही हैं, जैसे AI इंजीनियर और डेटा-ड्रिवन प्रोफाइल्स।

एक्सपर्ट्स का कहना है कि आने वाले समय में वही कर्मचारी सुरक्षित रहेंगे, जो खुद को लगातार अपडेट करते रहेंगे और नई स्किल्स सीखेंगे। खासकर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के साथ काम करने की क्षमता अब एक जरूरी स्किल बन चुकी है। कुल मिलाकर, भारत का टेक सेक्टर एक बड़े बदलाव के दौर से गुजर रहा है, जहां छंटनी और नई भर्ती दोनों साथ-साथ चल रही हैं।

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