IIT-IIM की डिग्री या 6 महीने का स्किल कोर्स? बदलते जॉब मार्केट में किसे मिल रही ज्यादा वैल्यू

IIT vs Skill Course: क्या 6 महीने का स्किल कोर्स IIT-IIM की डिग्री से बेहतर है? जानें बदलते जॉब मार्केट, स्किल-फर्स्ट हायरिंग और डेटा के आधार पर किसे मिल रही ज्यादा वैल्यू।
IIT vs Skill Course
आईआईटी और स्किल कोर्ससोर्स- AI
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IIM vs Skill Course Career: एक समय था जब IIT या IIM की डिग्री को करोड़ों के करियर की गारंटी माना जाता था, लेकिन अब जॉब मार्केट तेजी से बदल रहा है। बड़ी टेक कंपनियां और स्टार्टअप्स हायरिंग के दौरान कॉलेज के नाम से ज्यादा उम्मीदवार की स्किल्स पर जोर दे रहे हैं।

AI, डेटा साइंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और डिजिटल मार्केटिंग जैसे 6 महीने के सर्टिफिकेशन कोर्स करने वाले युवा भी अब प्रीमियम कॉलेज ग्रेजुएट्स के साथ प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।

ऐसे में सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या लाखों रुपये की डिग्री पर कम लागत वाले स्किल कोर्स भारी पड़ रहे हैं? आइए रिपोर्ट्स, डेटा और इंडस्ट्री ट्रेंड्स के जरिए समझते हैं कि आज के दौर में नौकरी दिलाने में डिग्री और स्किल की असली भूमिका क्या है।

डिग्री या स्किल? नौकरी के बाजार में क्या बदल रहा है

इंडस्ट्री रिपोर्ट्स के मुताबिक, Google, Microsoft, IBM समेत कई बड़ी टेक कंपनियां अब पारंपरिक ‘Degree-First’ मॉडल की जगह ‘Skill-First’ हायरिंग को प्राथमिकता दे रही हैं। यानी भर्ती में उम्मीदवार की डिग्री से ज्यादा उसकी व्यावहारिक कौशल पर जोर दिया जा रहा है।

LinkedIn की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 45% से अधिक रिक्रूटर्स कई जॉब प्रोफाइल में डिग्री की अनिवार्य शर्त हटा रहे हैं। वहीं NASSCOM का अनुमान है कि आने वाले वर्षों में IT और टेक सेक्टर में 50 लाख से ज्यादा नौकरियां ऐसी होंगी, जहां AI, डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड कंप्यूटिंग और अन्य प्रैक्टिकल स्किल्स की मांग प्रमुख होगी।

महंगी डिग्री vs कम बजट में स्किल लर्निंग

IIT से B.Tech या IIM से MBA करने का खर्च आमतौर पर 10 लाख से 25 लाख रुपये तक पहुंच सकता है। इसके बावजूद बदलते जॉब मार्केट में कैंपस प्लेसमेंट की पूरी गारंटी नहीं होती।

वहीं दूसरी ओर, ऑनलाइन स्किल कोर्स और बूटकैंप 20 हजार से 1 लाख रुपये के बजट में करीब 6 महीने के भीतर इंडस्ट्री-रेडी स्किल्स सिखाने का दावा करते हैं। कम लागत और तेजी से रोजगार योग्य बनने की वजह से ये विकल्प कई युवाओं के लिए आकर्षक बनते जा रहे हैं।

IIT-IIM की सबसे बड़ी ताकत: ब्रांड और एलुमनाई नेटवर्क

6 महीने का स्किल कोर्स आपको काम करने की क्षमता तो दे सकता है, लेकिन IIT और IMM की सबसे बड़ी पहचान उनका मजबूत ब्रांड वैल्यू और एलुमनाई नेटवर्क है। इन संस्थानों से बने पेशेवर संपर्क करियर के दौरान लंबे समय तक अवसर और मार्गदर्शन प्रदान करते हैं।

इसके अलावा, प्रीमियम संस्थानों में लीडरशिप, प्रॉब्लम सॉल्विंग, टीमवर्क और peer-to-peer लर्निंग जैसी क्षमताओं का विकास भी होता है, जिसे केवल ऑनलाइन शॉर्ट-टर्म कोर्स से पूरी तरह हासिल करना आसान नहीं माना जाता।

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हाइब्रिड मॉडल क्यों बन रहा है सबसे मजबूत विकल्प?

दरअसल सच्चाई यह है कि 6 महीने का स्किल सर्टिफिकेशन IIT/IIM की डिग्री का विकल्प नहीं, बल्कि उसका सप्लीमेंट है। आज के समय में कई कंपनियां ऐसे उम्मीदवारों को प्राथमिकता दे रही हैं जिनके पास मजबूत शैक्षणिक आधार के साथ-साथ नई तकनीकों का व्यावहारिक अनुभव भी हो।

अगर आप किसी सामान्य कॉलेज से पढ़ाई कर रहे हैं, तो निराश होने की जरूरत नहीं है। अपनी डिग्री के साथ AI, डेटा एनालिटिक्स, क्लाउड, साइबर सिक्योरिटी जैसी इन-डिमांड स्किल्स का प्रमाणपत्र जोड़कर आप नौकरी के बाजार में अपनी प्रतिस्पर्धा (Competition) काफी मजबूत कर सकते हैं। और IITian का भी सीधा मुकाबला कर सकतें हैं।

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