DU 4 Year UG Program: दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए चार वर्षीय अंडरग्रेजुएट प्रोग्राम (FYUP) के छात्रों को बड़ी राहत देते हुए बिना मास्टर डिग्री सीधे PhD में प्रवेश का रास्ता खोल दिया है। नई व्यवस्था के तहत FYUP पूरा करने वाले वे छात्र, जिन्होंने न्यूनतम 7.5 CGPA (SC/ST/OBC/PwBD के लिए 7.0 CGPA) हासिल किया है, सीधे PhD प्रोग्राम के लिए पात्र होंगे।
यह विशेष छूट राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत लागू की गई है। विश्वविद्यालय ने 2022-23 में शुरू हुए FYUP को ध्यान में रखते हुए ऑर्डिनेंस VI में संशोधन किया है, जिसे अकादमिक काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल से मंजूरी मिल चुकी है। DU का कहना है कि यह कदम शोध संस्कृति को बढ़ावा देने और उत्कृष्ट छात्रों को जल्द रिसर्च में अवसर देने के उद्देश्य से उठाया गया है।
दिल्ली यूनिवर्सिटी ने चार वर्षीय स्नातक (UG) कार्यक्रम पूरा करने वाले छात्रों के लिए Post Graduate Curriculum Framework (PGCF) के तहत 46 विषयों में 5,857 एक-वर्षीय PG सीटें उपलब्ध कराई हैं।
सीटों की संख्या के लिहाज से यह देश के अन्य विश्वविद्यालयों की तुलना में सबसे बड़ा प्रस्ताव माना जा रहा है। वहीं, जिन छात्रों ने तीन साल बाद ग्रेजुएशन की डिग्री लेकर एग्जिट किया है, उनके लिए पहले की तरह दो वर्षीय पारंपरिक PG कार्यक्रम जारी रहेगा।
आंकड़ों के अनुसार, चौथे वर्ष के 35,943 छात्रों में से 12,111 (34.27%) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए DU के एक-वर्षीय PG कोर्स में आवेदन किया है। यानी 5,857 सीटों के मुकाबले करीब 48.36% आवेदन दर्ज हुए हैं, जिससे इन नए कार्यक्रमों की लोकप्रियता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
नई शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत दिल्ली यूनिवर्सिटी ने पढ़ाई को उद्योग और रोजगार से जोड़ने के लिए स्किल-बेस्ड कोर्स, इंटर्नशिप और एंटरप्रेन्योरशिप को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया है। इसी पहल के तहत 25 कॉलेजों में स्किल डेवलपमेंट सेंटर स्थापित किए गए हैं।
इसके अलावा, FYUP के चौथे वर्ष में छात्रों के लिए रियल-टाइम समस्याओं पर प्रोजेक्ट या रिसर्च करना अनिवार्य किया गया है।
यूनिवर्सिटी ने ऑर्डिनेंस VI में जरूरी संशोधन कर अकादमिक काउंसिल और एग्जीक्यूटिव काउंसिल से मंजूरी भी प्राप्त कर ली है, जिससे चार वर्षीय FYUP पूरा करने वाले योग्य छात्र सीधे PhD के लिए पात्र हो सकें।