DUSU Election 2026: 600 CCTV से सख्त निगरानी, प्रिंटेड पोस्टर और शराब पर रोक; नियम तोड़ने पर रद्द होगा नामांकन

Delhi University Election 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव में 600 CCTV कैमरे लगाए जाएंगे। पोस्टर, पर्चे और शराब पर रोक रहेगी। नियम तोड़ने पर नामांकन रद्द हो सकता है।
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दिल्ली यूनिवर्सिटी सोर्स-सोशल मीडिया
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DUSU Election 2026: दिल्ली यूनिवर्सिटी (DU) में छात्र संघ चुनावों को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। चुनाव के दौरान सुरक्षा व्यवस्था और निगरानी को मजबूत करने के लिए यूनिवर्सिटी ने बड़े स्तर पर इंतजाम किए हैं। नॉर्थ और साउथ कैंपस समेत आसपास के इलाकों में करीब 600 कैमरे लगाए जा रहे हैं, जिनके जरिए चुनाव प्रचार, ट्रैफिक नियमों के उल्लंघन और हिंसा जैसी घटनाओं पर नजर रखी जाएगी।

DU ने इस बार लिंगदोह कमेटी की गाइडलाइन का सख्ती से पालन कराने का फैसला किया है। प्रिंटेड पोस्टर और पर्चों पर रोक के साथ प्रचार के लिए सीमाएं तय की गई हैं। उम्मीदवारों और समर्थकों की गाड़ियों की भी जांच होगी। यूनिवर्सिटी ने साफ चेतावनी दी है कि शराब या नशीले पदार्थ मिलने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने या चुनाव नियमों का उल्लंघन करने पर उम्मीदवार का नामांकन रद्द किया जा सकता है।

600 CCTV कैमरों से होगी निगरानी

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर DU के प्रॉक्टर मनोज सिंह ने बताया कि इस साल यूनिवर्सिटी की प्राथमिकता यह सुनिश्चित करना है कि चुनाव प्रचार निर्धारित नियमों के दायरे में रहे और किसी भी तरह की हिंसा, तोड़फोड़ या धन-बल के इस्तेमाल पर रोक लगाई जा सके। वोटिंग से पहले यूनिवर्सिटी ने अपना सर्विलांस नेटवर्क भी मजबूत किया है।

नॉर्थ कैंपस में करीब 200 नए कैमरे लगाए गए हैं। क्रांति चौक के गेट नंबर-3 से पीजीडब्ल्यू रोड तक के इलाके को विशेष रूप चुनाव के मद्देनजर कड़ी निगरानी में रखा गया है। जिसमें नॉर्थ और साउथ कैंपस समेत आसपास के इलाकों में करीब 600 कैमरे लगाए जा रहे हैं।

चुनावी सुरक्षा पर पुलिस की पैनी नजर

डूसू चुनाव के मद्देनजर दिल्ली यूनिवर्सिटी प्रशासन और दिल्ली पुलिस के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर लगातार समन्वय किया जा रहा है। एसीपी (नॉर्थ) राजेंद्र प्रसाद ने बताया कि चुनाव के दौरान पुलिस छात्रों के साथ-साथ वाहनों की भी अचानक जांच करेगी। खासतौर पर ब्लैक ग्लास लगी गाड़ियों पर नजर रखी जाएगी।

राजेंद्र प्रसाद के मुताबिक, सड़कों पर वाहनों की रैंडम चेकिंग की जाएगी और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी। पुलिस ने हाल ही में बिना नंबर प्लेट वाली एक लग्जरी कार भी जब्त की है। अधिकारियों का कहना है कि चुनाव खत्म होने तक कार पुलिस की निगरानी में रहेगी, ताकि प्रचार के दौरान उसका किसी गलत गतिविधि के लिए इस्तेमाल न किया जा सके।

‘वॉल ऑफ डेमोक्रेसी’ पर ही होगा चुनावी प्रचार

डूसू चुनाव में प्रचार को लेकर दिल्ली यूनिवर्सिटी ने इस बार नियम और सख्त किए हैं। छात्र नेताओं को प्रचार सामग्री लगाने के लिए ‘वॉल ऑफ डेमोक्रेसी’ उपलब्ध कराई गई है। यूनिवर्सिटी ने सभी कॉलेजों को ऐसी दो निर्धारित दीवारें तैयार करने के निर्देश दिए हैं, जहां उम्मीदवार अपने प्रचार पोस्टर लगा सकेंगे।

हालांकि, इन दीवारों पर सिर्फ हाथ से बनाए गए पोस्टर लगाने की अनुमति होगी। प्रिंटेड पोस्टर, पर्चे और किसी भी तरह की छपी प्रचार सामग्री पर पूरी तरह रोक रहेगी। पुलिस ने भी नियमों का उल्लंघन करने वालों को कार्रवाई की चेतावनी दी है। अधिकारियों के मुताबिक, प्रिंटेड पर्चे बांटने, उन्हें हवा में उड़ाने या सार्वजनिक अथवा यूनिवर्सिटी की संपत्ति को गंदा करने वाले उम्मीदवारों और उनके समर्थकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

प्रचार के लिए तय किए गए सख्त नियम

डूसू चुनाव के दौरान प्रचार को लेकर दिल्ली यूनिवर्सिटी ने छात्रों के लिए कई नियम निर्धारित किए हैं। प्रॉक्टर के मुताबिक, एक समय में अधिकतम पांच छात्र ही किसी उम्मीदवार के लिए प्रचार कर सकेंगे। वहीं, महिला कॉलेजों में प्रचार की अनुमति सिर्फ छात्राओं को होगी और पुरुष छात्रों के प्रवेश पर रोक रहेगी।

प्रचार के दौरान वाहनों के इस्तेमाल पर भी पुलिस की नजर है। कार की छत या सनरूफ से बाहर निकलकर प्रचार करने वाले छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने वाले छात्रों के अब तक करीब 40 से 50 चालान किए जा चुके हैं।

नशे का सामान मिला तो उम्मीदवारी पर गिरेगी गाज

डूसू चुनाव में उम्मीदवारों के प्रचार और गतिविधियों को लेकर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि किसी प्रत्याशी की गाड़ी में शराब या कोई नशीला पदार्थ बरामद होता है, तो उसका नामांकन तत्काल रद्द किया जा सकता है।

इसके अलावा, चुनाव के दौरान छात्रों को वॉटर पार्क या अम्यूजमेंट पार्क में पार्टी के ऑफर देकर लुभाने की शिकायतों पर भी इस बार विशेष नजर रखी जा रही है। पुलिस सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स की भी निगरानी कर रही है, ताकि ऐसे किसी भी प्रलोभन या चुनावी आचार संहिता के उल्लंघन का समय रहते पता लगाया जा सके।

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आखिर क्यों बढ़ाई गई डूसू चुनावों में सख्ती?

डूसू छात्र संघ चुनावों में इस बार सुरक्षा और प्रचार को लेकर कड़े नियम लागू करने की बड़ी वजह 2024 का चुनाव है। उस दौरान चुनावी प्रचार के बीच जमकर हंगामा हुआ था और सार्वजनिक संपत्तियों को भी नुकसान पहुंचाया गया था। पोस्टर, बैनर और स्प्रे-पेंटिंग से दीवारों समेत कई जगहों की शक्ल बिगाड़ दी गई थी।

मामले को लेकर दिल्ली हाईकोर्ट ने भी सख्त रुख अपनाया था। कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि सार्वजनिक संपत्तियों से पोस्टर-बैनर हटाने और हुए नुकसान की भरपाई किए जाने तक चुनाव के नतीजों की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई जाएगी। इसी पृष्ठभूमि में दिल्ली यूनिवर्सिटी इस बार प्रचार, वाहनों और उम्मीदवारों की गतिविधियों पर पहले से ज्यादा निगरानी रख रही है।

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