

NEET UG Paper Leak Case: राउज एवेन्यू स्पेशल कोर्ट ने NEET UG 2026 पेपर लीक मामले में CBI की 20,000 पन्नों की चार्जशीट का संज्ञान लिया है। कोर्ट कल से सुनवाई शुरू करेगा। चार्जशीट में यश यादव, मांगीलाल बिवल और डॉ. मनोज शिरुरे समेत 16 आरोपियों के नाम शामिल हैं। CBI ने बताया कि NTA में तलाशी और CCTV निगरानी न होने के कारण विषय विशेषज्ञों ने अलग-अलग तरीकों से सवाल लीक किए।
कोर्ट ने गवाहों (जिनमें नाबालिग भी हो सकते हैं) के नाम कोर्ट में पेश किए जाने से पहले ही मीडिया में उजागर होने पर चिंता भी जताई। CBI ने आगे की जांच के लिए अनुमति मांगी है और कोर्ट ने आरोपियों से जवाब मांगा है। आगे की सुनवाई कल जारी रहेगी।
इसके पहले नीट-यूजी 2026 पेपर लीक से जुड़ी कई याचिकाओं पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार द्वारा दाखिल हलफनामे पर याचिकाकर्ताओं से जवाब मांगा था। मामले की अगली सुनवाई अब 19 अगस्त को होगी। सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा था कि हलफनामे में कई ऐसी बातें हैं जिन पर विचार और चर्चा की जाएगी।
याचिकाओं में परीक्षा कराने वाली संस्था एनटीए की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए गए हैं। याचिकाकर्ताओं का कहना है कि कोर्ट केंद्र सरकार को निर्देश दे कि एनटीए को बदला जाए या उसकी जगह एक नई संस्था बनाई जाए। उनकी मांग है कि नई संस्था तकनीकी रूप से मजबूत हो, ज्यादा सुरक्षित हो और स्वतंत्र तरीके से काम कर सके ताकि भविष्य में पेपर लीक जैसी घटनाएं न हों।
केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा देकर कहा था कि परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित बनाने के लिए कई बड़े कदम उठाए गए हैं। सरकार के अनुसार, 2026 में बने नए कानून के तहत अब पेपर लीक या नकल जैसे अपराधों में 10 साल तक की जेल और 5 करोड़ रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।
इसके अलावा इन्फोसिस के सह-संस्थापक नंदन नीलेकणी की अध्यक्षता में एक टास्क फोर्स भी बनाई गई है। यह टास्क फोर्स मौजूदा परीक्षा सिस्टम में सुधार के सुझाव देगी।