UP पुलिस दरोगा परीक्षा में पंडित शब्द पर मचा बवाल (Image- Social Media)
UP POlice Paper Conytroversy: उत्तर प्रदेश में पुलिस उपनिरीक्षक (दारोगा) और समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती के लिए लिखित परीक्षा शनिवार से शुरू हो गई है। यह परीक्षा 14 और 15 मार्च को प्रदेश के सभी 75 जिलों में आयोजित की जा रही है और प्रतिदिन दो पालियों में हो रही है। इस बीच 14 मार्च की परीक्षा में पूछे गए एक सवाल को लेकर विवाद खड़ा हो गया है।
प्रश्न में “अवसरवादी” के पर्यायवाची शब्द के विकल्पों में “पंडित” दिया गया था, जिस पर अब आपत्ति जताई जा रही है। इसके बाद यह सवाल उठने लगा है कि आखिर प्रश्नपत्र किसने तैयार किया था।
दरअसल, इस भर्ती परीक्षा का आयोजन UP पुलिस भर्ती एवं प्रोन्नति बोर्ड (UPPRPB) की ओर से किया जाता है, इसलिए प्रश्नपत्र से जुड़ी जिम्मेदारी भी बोर्ड की ही मानी जा रही है। आमतौर पर किसी भी प्रतियोगी परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने की एक तय प्रक्रिया होती है। इसके तहत बोर्ड विभिन्न विषयों जैसे हिंदी, गणित और सामान्य ज्ञान के लिए विशेषज्ञों और प्रोफेसरों की एक समिति बनाता है। यह पैनल प्रश्नों का चयन करता है और उनके विकल्प तैयार करता है।
इसके बाद प्रश्नपत्र को छपाई से पहले एक ‘मॉडरेशन कमेटी’ के पास भेजा जाता है, जो सभी सवालों की समीक्षा करती है ताकि किसी तरह की गलती या विवादित सामग्री न रहे। लेकिन इस मामले में यह प्रक्रिया होने के बावजूद सवाल को लेकर चूक सामने आई है। समीक्षा पूरी होने के बाद ही प्रश्नपत्र को अंतिम रूप देकर छपाई के लिए भेजा जाता है।
बता दें कि उत्तर प्रदेश पुलिस बोर्ड के अनुसार यह भर्ती परीक्षा प्रतिदिन दो पालियों में कराई जा रही है। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है। अभ्यर्थियों के लिए जरूरी दिशा-निर्देश भी जारी किए गए हैं और उन्हें समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है।
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परीक्षा को लेकर सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम किए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों की निगरानी सीसीटीवी कैमरों से की जा रही है और प्रशासन के साथ पुलिस बल को भी तैनात किया गया है, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो सके। इसके अलावा शहर के प्रमुख चौराहों पर भी पुलिस बल की तैनाती की गई है, जिससे अभ्यर्थियों को किसी तरह की परेशानी न हो।