

CBSE On Screen Marking : केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के ऑन-स्क्रीन मार्किंग (OSM) सिस्टम को लेकर चल रहा विवाद अब दिल्ली हाईकोर्ट तक पहुंच गया है। बोर्ड की मूल्यांकन प्रक्रिया, उत्तर पुस्तिकाओं की स्कैनिंग और OSM पोर्टल में सामने आई कथित तकनीकी खामियों को लेकर जांच की मांग उठाई गई है।
हाल के दिनों में कई छात्रों और अभिभावकों ने मूल्यांकन प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल खड़े किए थे, जिसके बाद यह मामला न्यायालय के समक्ष पहुंचा है।
विवाद उस समय और गहरा गया जब कुछ छात्रों ने दावा किया कि OSM पोर्टल और उत्तर पुस्तिकाओं के डिजिटल रिकॉर्ड से जुड़ी गंभीर सुरक्षा और तकनीकी समस्याएं सामने आई हैं। सोशल मीडिया पर भी कई पोस्ट वायरल हुईं, जिनमें स्कैन की गई कॉपियों की गुणवत्ता, उत्तर पुस्तिकाओं की उपलब्धता और मूल्यांकन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठाए गए।
इसके बाद छात्रों और शिक्षा से जुड़े लोगों ने पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग शुरू कर दी। याचिका में कथित तौर पर OSM सिस्टम की कार्यप्रणाली, सुरक्षा मानकों और मूल्यांकन प्रक्रिया की निष्पक्षता की समीक्षा की मांग की गई है।
इस बीच CBSE पहले ही स्वीकार कर चुका है कि उसके सेवा प्रदाता के पोर्टल में कुछ सुरक्षा संबंधी कमजोरियां पाई गई थीं, जिन्हें ठीक करने की प्रक्रिया शुरू की गई है। बोर्ड ने यह भी कहा था कि साइबर सुरक्षा विशेषज्ञों और तकनीकी टीमों की मदद से सिस्टम को और मजबूत बनाया जा रहा है।
अब सभी की नजर दिल्ली हाईकोर्ट की सुनवाई पर टिकी है, क्योंकि इस मामले का असर लाखों छात्रों और भविष्य में होने वाली बोर्ड परीक्षाओं की मूल्यांकन प्रक्रिया पर पड़ सकता है।