भारतीय किसान (सौ. सोशल मीडिया )
नई दिल्ली : 1 फरवरी को पेश होने वाले बजट से देश के हर सेक्टर को बड़ी उम्मीदें हैं। भारत के किसानों को भी इस केंद्रीय बजट से काफी उम्मीदें हैं। किसानों को सबसे ज्यादा इंतजार पीएम किसान निधि सम्मान योजना की किश्त का हैं। इस योजना के अंतर्गत सरकार को सालाना 6,000 रुपये की आर्थिक मदद दी जाती है। किसानों इस बार के बजट में इस योजना की राशि के 10,000 रुपये तक बढ़ने की उम्मीद है। आइए है हम जानते है कि क्या वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण बजट में किसानों के लिए कुछ बदलाव कर सकती है या नहीं?
एग्रीकल्चर एक्सपर्ट्स ने ये राय दी है कि महंगाई बढ़ने का सीधा असर खेती पर भी पड़ा है। जिसके चलते 6,000 रुपये सालाना की आर्थिक मदद काफी नहीं है। किसानों का भी यही कहना है। विशेषज्ञों का ये मानना है कि यदि सरकार इस बार बजट में पीएम किसान योजना के अंतर्गत मिलने वाली राशि बढ़ाती है, तो इससे किसानों को काफी फायदा मिल सकता है। इससे किसान खेती में बेहतर तरीके से निवेश कर पाएंगे। साथ ही इससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को भी मजबूती मिल सकती है।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, सरकार पीएम किसान योजना के अंतर्गत मिलने वाली 6,000 रुपये की राशि को बढ़ाकर 10,000 रुपये तक करने के बारे में सोच सकती है। सरकार इस बारे में ये मानती है कि ऐसा करने पर ग्रामीण इलाकों की खपत को भी बढ़ावा मिल सकता है। हालांकि सरकार ने इस मामले पर अभी तक कोई भी फैसला नहीं लिया है और न ही इसके बारे में किसी भी प्रकार की कोई आधिकारिक जानकारी सामने आयी है।
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अगर बजट 2025 में पीएम किसान योजना की राशि बढ़ायी जाती है, तो इसका सीधा फायदा लाखों किसानों को हो सकता है। इसके कारण किसानों को बीज खरीदने या फिर सिंचाई और जुताई का खर्च निकालने में आसानी हो सकती है। इससे किसानों की आर्थिक स्थिति भी मजबूत हो सकती है। किसानों को ये उम्मीद है कि सरकार आर्थिक मदद का रकम को बढ़ाकर उनका जीवन आसान कर सकती है। अगर पीएम किसान योजना की राशि बढ़ती है, तो इससे देश के ग्रामीण क्षेत्र की अर्थव्यवस्था भी मजबूत हो सकती है।