ट्रंप के 50% टैरिफ से भारत के फार्मा सेक्टर को क्यों राहत, क्या जरूरत के आगे झुका अमेरिका?
Trump Tariff On India: अमेरिका के फार्मास्युटिकल इंपोर्ट्स में भारत की हिस्सेदारी करीब छह प्रतिशत है, जो कि इस बात का प्रमाण है कि अमेरिकी हेल्थकेयर सिस्टम की भारत पर बड़ी निर्भरता है।
- Written By: मनोज आर्या
डोनाल्ड ट्रंप, (अमेरिकी राष्ट्रपति)
Why Indian Pharma Excluded From 50% Tariff: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर घोषित 25 प्रतिशत अतिरिक्त टैरिफ आज से लागू हो गया है। यह पहले से लागू 25 प्रतिशत बेसलाइन टैरिफ से अलग है, जो कि रूस से तेल खरीदने के लिए पैनल्टी के तौर पर लगाया है गया है। ट्रंप के इस फैसले से अमेरिका में निर्यात होने वाले भारतीय उत्पादों पर अब कुल 50 प्रतिशत का टैरिफ लग गया है। हालांकि, भारती फार्मास्यूटिक्ल सेक्टर को इस टैरिफ से बाहर रखा गया है। आखिर ट्रंप ने ऐसा क्यों किया, आइए जानतें हैं।
भारतीय फार्मा सेक्टर को ट्रंप प्रशासन की ओर से दी गई राहत के पीछे अमेरिका में सस्ते हेल्थकेयर उपलब्ध कराने में जेनरिक मेडिकेशंस की काफी अहम भूमिका है।इंडियन फार्मास्युटिकल एलायंस के सेक्रेटरी जनरल सुदर्शन जैन का कहना है कि भारतीय फार्मास्युटिकल उद्योग को अमेरिका के तात्कालिक टैरिफ इंफोर्समेंट से बाहर रखा गया है, क्योंकि अमेरिका जैसे देश में किफायती हेल्थकेयर मेंटेन करने के लिए जेनेरिक मेडिकेशंस बेहद अहम हैं।
भारतीय फॉर्मा सेक्टर पर अमेरिका निर्भर
न्यूज़ एजेंसी एएनआई की एक रिपोर्ट में इस बात की जानकारी दी गई है। सेक्शन 232 इनवेस्टिगेशन के हिस्से के तहत यह सेक्टर फिलहाल रिव्यू के तहत है। गौरतलब है कि जेनेरिक मेडिकेशंस आमतौर पर बहुत कम प्रॉफिट मार्जिन्स पर ऑपरेट करते हैं। अमेरिका में मरीजों के इलाज के लिए जेनेरिक मेडिकेशंस की लगातार उपलब्धता सुनिश्चित करना जरूरी है।
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अमेरिकी फार्मा इंपोर्ट्स में भारत की हिस्सेदारी
बासव कैपिटल के को-फाउंडर संदीप पांडेय ने बताया कि अमेरिका के फार्मास्युटिकल इंपोर्ट्स में भारत की हिस्सेदारी करीब छह प्रतिशत है, जो कि इस बात का प्रमाण है कि अमेरिकी हेल्थकेयर सिस्टम की भारत पर बड़ी निर्भरता है। 50 प्रतिशत टैरिफ के बाद इंडियन फार्मास्युटिकल एक्सपोर्टर्स ने अपने शिपमेंट्स को ऑस्ट्रेलिया रीलोकेट करना शुरू कर दिया था, जिसे अमेरिकी मेडिकेयर सिस्टम की स्थिरता को खतरे में डालने वाला समझा गया। इसके बाद, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारतीय फार्मा को 50 प्रतिशत टैरिफ से राहत दी है।
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क्या कहते हैं एक्सपर्ट?
फार्मा सेक्टर के जानकारों का मानना है कि अमेरिका अपनी फार्मास्युटिकल स्प्लाई के लिए भारत पर कहीं ज्यादा निर्भर है। अमेरिका के लगभग आधे जेनेरिक मेडिकेशंस भारत से आ रहे हैं। हेल्थकेयर की जरूरी भूमिका और अमेरिका से पहले ही हाई हेल्थकेयर खर्चे को देखते हुए एक्सपर्ट्स का मानना है कि फार्मास्युटिकल पर तात्कालिक ज्यादा टैरिफ की संभावना कम ही है।
