

Share Market Highlights: भारतीय शेयर बाजार आज सोमवार, 15 दिसंबर के कारोबारी सत्र में सपाट बंद हुआ। दिन के अंत में सेंसेक्स 54.30 अंक या 0.06 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,213.36 पर और एनएसई निफ्टी 19.65 अंक या 0.08 प्रतिशत की गिरावट के साथ 26,027.30 पर क्लोज हुआ। सत्र के दौरान बाजार को ऊपर खींचने का काम एफएमसीजी और सरकारी बैंकिंग शेयरों ने किया। निफ्टी एफएमसीजी 0.69 प्रतिशत, निफ्टी पीएसयू बैंक 0.46 प्रतिशत, निफ्टी मेटल 0.16 प्रतिशत, निफ्टी प्राइवेट बैंक 0.06 प्रतिशत की मजबूती के साथ बंद हुए।
दूसरी तरफ निफ्टी ऑटो 0.91 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 0.25 प्रतिशत, निफ्टी फार्मा 0.39 प्रतिशत और निफ्टी सर्विसेज 0.14 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ।लार्जकैप के साथ मिडकैप और स्मॉलकैप में भी मिलाजुला कारोबार देखने को मिला। निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 70.50 अंक या 0.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ 60,212.80 और निफ्टी स्मॉलकैप 100 इंडेक्स 35.90 अंक या 0.21 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,425.85 पर था।
सेंसेक्स पैक में एचयूएल, ट्रेंट, एचसीएल टेक, एशियन पेंट्स, इन्फोसिस, टाटा स्टील, आईटीसी, एसबीआई, एलएंडटी, टीसीएस, कोटक महिंद्रा बैंक, बीईएल और इटरनल (जोमैटो) गेनर्स थे। एमएंडएम, मारुति सुजुकी, बजाज फिनसर्व, एचडीएफसी बैंक, भारती एयरटेल, पावर ग्रिड, बजाज फाइनेंस, टाइटन, एनटीपीसी और अल्ट्राटेक सीमेंट टॉप लूजर्स थे।
बाजार के जानकारों ने कहा कि लगातार बिकवाली और कमजोर भारतीय रुपए के कारण बाजार लगातार एक सीमित दायरे में कारोबार कर रहा है। अमेरिका-भारत ट्रेड डील की अनिश्चितता के कारण डॉलर के मुकाबले रुपए में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। वित्त वर्ष 26 की दूसरी छमाही में आय में रिकवरी देखने को मिल सकती है। इसकी वजह अर्थव्यवस्था में रिकवरी होना है, जिससे सेंटीमेंट स्थिर हो सकता है। आने वाले समय में बाजार की दिशा अमेरिका के महंगाई के आंकड़े और अन्य वैश्विक डेटा तय करेंगे।
कमजोर वैश्विक संकेतों के चलते भारतीय शेयर बाजार कारोबारी सत्र में लाल निशान में खुला। सुबह 9:17 पर सेंसेक्स 233 अंक या 0.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ 85,034 और निफ्टी 84 अंक या 0.36 प्रतिशत की कमजोरी के साथ 29,960 पर था।
सोने में मजबूती बनी हुई है और यह रिकॉर्ड ऊंचाई के आसपास ट्रेड कर रहा है। वहीं, चांदी में लाइफ हाई से मुनाफावसूली देखने को मिली है। क्रूड ऑयल 61 डॉलर के आसपास सुस्त बना हुआ है, जबकि कॉपर लाइफ हाई से फिसला है। मेटल्स में कमजोरी का असर मेटल शेयरों पर दिख सकता है।