WHO की बड़ी चेतावनी: मध्य पूर्व में परमाणु संकट का खतरा, दशकों तक रहेगा तबाही का असर
Global Nuclear Threat: विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मध्य पूर्व में परमाणु घटना की आशंका जताई है और कहा है कि इसके विनाशकारी परिणाम दशकों तक पूरी दुनिया को प्रभावित करेंगे, जिससे निपटना एक बड़ी चुनौती होगी।
- Written By: प्रिया सिंह
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने मध्य पूर्व में परमाणु घटना की आशंका जताई (सोर्स-सोशल मीडिया)
Preparing For Global Nuclear Contingency: मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच अब एक बहुत बड़े परमाणु खतरे की आशंका जताई जा रही है जिससे दुनिया भर में हड़कंप मच गया है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की क्षेत्रीय निदेशक हनान बाल्खी ने चेतावनी दी है कि परमाणु अनहोनी वर्तमान संघर्ष का सबसे बुरा परिणाम हो सकती है। संगठन वर्तमान में विकिरण जोखिम से निपटने के लिए अपने पुराने प्रोटोकॉल की समीक्षा कर रहा है ताकि भविष्य की किसी भी आपात स्थिति का सामना किया जा सके।
परमाणु घटना की चेतावनी
विश्व स्वास्थ्य संगठन की पूर्वी भूमध्यसागरीय क्षेत्र की निदेशक हनान बाल्खी ने स्पष्ट कहा है कि वे परमाणु अनहोनी की तैयारी कर रहे हैं। यूएस-इजरायल-ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष को देखते हुए विकिरण जोखिम से निपटने के लिए विशेष प्रोटोकॉल की समीक्षा अब बहुत जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि फिलहाल जो चल रहा है उसमें परमाणु घटना सबसे डरावनी और चिंताजनक बात साबित हो सकती है जो सबको परेशान कर रही है।
तबाही का वैश्विक असर
स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार परमाणु आपदा का असर केवल किसी एक सीमित क्षेत्र तक ही नहीं रहेगा बल्कि पूरी दुनिया को अपनी चपेट में लेगा। बाल्खी ने कहा कि हम कितनी भी तैयारी कर लें लेकिन ऐसी घटना के भयानक नतीजे आने वाले कई दशकों तक पूरी मानवता को झेलने पड़ेंगे। पिछली परमाणु आपदाओं से सबक लेते हुए रेडिएशन एक्सपोजर और बड़े पैमाने पर मौतों से निपटने की योजनाएं अब बहुत बारीकी से दोबारा बनाई जा रही हैं।
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बुनियादी ढांचे पर खतरा
ईरान के परमाणु और ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर बढ़ते हमलों के बीच अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने एक रेडियोलॉजिकल घटना की कड़ी चेतावनी जारी की है। अगर सीधे तौर पर परमाणु हथियारों का उपयोग नहीं भी होता है तो भी ऊर्जा संयंत्रों पर हमले विकिरण का एक बहुत बड़ा कारण बन सकते हैं। यह स्थिति न केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए बल्कि पर्यावरण के लिए भी लंबे समय तक चलने वाला विध्वंस साबित होगी जो डरावनी है।
अमेरिका की नई चुनौती
अमेरिकी रक्षा विभाग के अधिकारी रॉबर्ट कैडलेक ने कहा है कि उनकी परमाणु प्रतिरोध रणनीति अब एक बहुत ही अहम और ऐतिहासिक मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिका पहली बार एक साथ दो परमाणु संपन्न देशों चीन और रूस की ओर से मिलने वाली बहुत ही अनोखी और बड़ी चुनौतियों का सामना कर रहा है। मिलिट्री लीडर्स ने अंतरिक्ष और मिसाइल डोमेन में बढ़ते खतरों को लेकर सांसदों को विस्तार से जानकारी देकर स्थिति की गंभीरता से अवगत कराया है।
सैन्य विकल्प और प्रबंधन
कैडलेक ने थिएटर-रेंज परमाणु विकल्पों पर जोर देते हुए एसएलसीएम-एन जैसे उपकरणों को संघर्ष प्रबंधन के लिए बहुत महत्वपूर्ण और अहम टूल के रूप में बताया है। उनके अनुसार प्रतिस्पर्धी देशों के साथ लड़ाई को सही तरीके से मैनेज करने के लिए इन आधुनिक और प्रभावी सैन्य उपकरणों का होना बहुत आवश्यक है। अमेरिका अपनी सुरक्षा नीतियों में बड़े बदलाव कर रहा है ताकि वैश्विक स्तर पर परमाणु संतुलन और सुरक्षा को हर हाल में बनाए रखा जा सके।
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पर्यावरण और स्वास्थ्य जोखिम
किसी भी परमाणु अनहोनी के कारण पर्यावरण को होने वाला नुकसान अपरिवर्तनीय होगा और इसका घातक असर हवा और पानी के माध्यम से दुनिया भर में फैलेगा। WHO का मानना है कि लंबे समय तक चलने वाले विकिरण के प्रभाव से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का खतरा वैश्विक आबादी में कई गुना बढ़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय को अब एकजुट होकर इस संभावित खतरे को रोकने के लिए ठोस कूटनीतिक प्रयास और सुरक्षा उपायों पर ध्यान देने की जरूरत है।
