Budget 2026: खेलों के लिए खुलेगा सरकारी खजाना, बजट में ‘मिशन ओलंपिक’ की झलक; युवाओं को मिलेंगे नए स्टेडियम!
Budget 2026: यदि मोदी सरकार खेल बजट में ये क्रांतिकारी बदलाव लाती है, तो 2036 ओलंपिक की राह आसान हो जाएगी और भारत पदक तालिका में अपनी धाक जमाने में सफल होगा।
- Written By: मनोज आर्या
खेल के लिए बजट 2206 में क्या खास? ( डिजाइन फोटो/ नवभारत लाइव)
Sports In Budget 2026: भारत में खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह और ‘मिशन ओलंपिक’ को ध्यान में रखते हुए, आगामी केंद्रीय बजट 2026 खेल जगत के लिए ऐतिहासिक साबित हो सकता है। पेरिस ओलंपिक के बाद और 2036 के ओलंपिक की मेजबानी की भारत की दावेदारी के बीच, मोदी सरकार इस बार खेल बजट में भारी बढ़ोतरी करने की तैयारी में है।
पिछले कुछ वर्षों में भारत का खेल बजट लगातार बढ़ा है। साल 2024-25 में खेल मंत्रालय को लगभग ₹3,442 करोड़ आवंटित किए गए थे। सूत्रों के अनुसार, 2026 के बजट में इसे बढ़ाकर ₹4,500 करोड़ से अधिक किया जा सकता है। इसके पीछे सरकार के तीन मुख्य स्तंभ हैं।
खेलो इंडिया (Khelo India) का विस्तार
इस योजना के तहत ग्रासरूट लेवल पर प्रतिभाओं को निखारने के लिए फंड में 25-30% की वृद्धि की जा सकती है।
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2036 ओलंपिक के लिए दावेदारी
भारत आधिकारिक तौर पर 2036 ओलंपिक की मेजबानी के लिए बोली लगाने की तैयारी कर रहा है। इसके लिए इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट के मद में विशेष फंड का प्रावधान होने की उम्मीद है।
स्पोर्ट्स साइंस और तकनीक पर जोर
हाई-परफॉर्मेंस सेंटर्स (HPC) में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और डेटा एनालिटिक्स के उपयोग के लिए निवेश बढ़ाया जाएगा।
गांव और कस्बों से टैलेंट निकालना
सरकार का मानना है कि पदक तालिका में ऊपर आने के लिए गांव और कस्बों से प्रतिभाएं निकालना जरूरी है। बजट 2026 में ‘खेलो इंडिया सेंटर’ की संख्या को दोगुना करने और हर जिले में एक आधुनिक स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स बनाने का लक्ष्य रखा जा सकता है। इसके अलावा, खेलो इंडिया स्कॉलरशिप की राशि में भी बढ़ोतरी की संभावना है ताकि गरीब परिवारों के खिलाड़ी बिना किसी आर्थिक तंगी के अभ्यास कर सकें।
स्पोर्ट्स स्टार्टअप और निवेश को बढ़ावा
इस बजट में खेल क्षेत्र में निजी निवेश (Private Investment) को आकर्षित करने के लिए करों (Taxes) में छूट दी जा सकती है। खेल उपकरण (Sports Equipment) बनाने वाली कंपनियों के लिए ‘PLI स्कीम’ (Production Linked Incentive) की घोषणा की जा सकती है ताकि भारत स्पोर्ट्स गुड्स का ग्लोबल हब बन सके। इससे न केवल देश में अंतरराष्ट्रीय स्तर के उपकरण सस्ते मिलेंगे, बल्कि रोजगार के नए अवसर भी पैदा होंगे।
पदक विजेताओं के लिए ‘एथलीट वेलफेयर फंड’
पेरिस ओलंपिक और हालिया एशियाई खेलों में प्रदर्शन के बाद, सरकार एथलीटों के रिटायरमेंट और मेडिकल इंश्योरेंस के लिए एक स्थाई कोष (Corpus Fund) बना सकती है। ‘Target Olympic Podium Scheme’ (TOPS) के बजट में वृद्धि की जाएगी ताकि खिलाड़ियों को विदेशों में ट्रेनिंग और टॉप कोचों की सुविधा निर्बाध रूप से मिलती रहे।
बजट 2026 से खेल प्रेमियों की 3 बड़ी उम्मीदें
- GST में कटौती: खेल के सामान और जिम इक्विपमेंट्स पर लगने वाले GST को कम करने की मांग लंबे समय से की जा रही है।
- कोचिंग एकेडमी को सब्सिडी: निजी खेल अकादमियों को बिजली और ज़मीन पर सब्सिडी देने का प्रावधान।
- डिजिटल स्पोर्ट्स एजुकेशन: स्कूलों में शारीरिक शिक्षा को अनिवार्य और डिजिटल बनाने के लिए विशेष आवंटन।
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भारत को स्पोर्टिंग नेशन बनाने का लक्ष्य
बजट 2026 केवल आंकड़ों का खेल नहीं होगा, बल्कि यह भारत को एक ‘स्पोर्टिंग नेशन’ बनाने की दिशा में एक ठोस ब्लूप्रिंट होगा। यदि मोदी सरकार खेल बजट में ये क्रांतिकारी बदलाव लाती है, तो 2036 ओलंपिक की राह आसान हो जाएगी और भारत पदक तालिका में अपनी धाक जमाने में सफल होगा।
