UPI Now Pay Later सुविधा शुरू: बिना बैंक बैलेंस के भी अब कर सकेंगे पेमेंट, जानें इसके फायदे
UPI Digital Credit: NPCI ने 'UPI Now Pay Later' फीचर लॉन्च किया है। इसके जरिए यूजर्स बैंक बैलेंस कम होने पर भी प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लिमिट से भुगतान कर सकते हैं और बाद में पैसा चुका सकते हैं।
- Written By: प्रिया सिंह
UPI Now Pay Later सुविधा शुरू (सोर्स-सोशल मीडिया)
UPI Pre-Approved Credit Line Facility: UPI पेमेंट करने वाले करोड़ों यूजर्स के लिए नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने एक नई और शानदार सुविधा पेश की है। अब बैंक अकाउंट में पर्याप्त बैलेंस न होने पर भी आपका UPI पेमेंट कभी फेल नहीं होगा। इस फीचर को ‘UPI Now Pay Later’ या प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लाइन के नाम से जाना जाता है। इस सुविधा का लाभ उठाकर आप तुरंत भुगतान कर सकते हैं और बिल आने पर बाद में पैसे चुका सकते हैं।
UPI क्रेडिट की नई सुविधा
डिजिटल पेमेंट के क्षेत्र में NPCI का यह कदम काफी क्रांतिकारी माना जा रहा है क्योंकि यह यूजर्स को वित्तीय लचीलापन देता है। यह एक ऐसी डिजिटल क्रेडिट सुविधा है जिसके तहत बैंक अपने ग्राहकों को उनकी प्रोफाइल के हिसाब से एक प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लिमिट प्रदान करते हैं। इसका उपयोग तब किया जा सकता है जब आपको अचानक किसी भुगतान की जरूरत हो लेकिन आपके खाते में सीमित बैलेंस हो।
कैसे काम करता है यह फीचर
बैंक या ऋणदाता आपकी प्रोफाइल और क्रेडिट स्कोर के आधार पर 20,000 से 50,000 तक की एक निश्चित क्रेडिट सीमा तय करते हैं। UPI से भुगतान करते समय आप अपने बैंक खाते के बजाय इस क्रेडिट लाइन विकल्प को चुन सकते हैं जिससे भुगतान तुरंत पूरा हो जाता है। बिलिंग साइकिल समाप्त होने पर आपके द्वारा उपयोग की गई राशि का बिल जनरेट होता है जिसे तय शर्तों के साथ चुकाना पड़ता है।
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पात्रता और मुख्य शर्तें
इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए आवेदक की आयु कम से कम 18 वर्ष होनी चाहिए और उसे भारत का नागरिक होना अनिवार्य है। यूजर के पास आधार और पैन कार्ड होना चाहिए जो मोबाइल नंबर से लिंक हो और एक सक्रिय UPI सक्षम बैंक खाता भी हो। सबसे महत्वपूर्ण शर्त यह है कि आवेदक का सिबिल स्कोर 750 या उससे अधिक होना चाहिए तभी बैंक यह सुविधा प्रदान करेंगे।
डिजिटल भुगतान के फायदे
यह सुविधा पूरी तरह से डिजिटल है और इसके लिए किसी भी तरह के कागजी दस्तावेज की भौतिक रूप से आवश्यकता नहीं पड़ती है। जहां भी यूपीआई स्वीकार किया जाता है वहां इस पेमेंट मोड का इस्तेमाल आसानी से किया जा सकता है जो इसे बहुत सुलभ बनाता है। यह शॉर्ट-टर्म क्रेडिट के रूप में काम करता है जिससे अचानक आने वाले खर्चों को संभालना अब काफी आसान और सुविधाजनक हो गया है।
पेमेंट का आसान विकल्प
कम बैंक बैलेंस की वजह से पेमेंट फेल होने की समस्या से जूझ रहे लोगों के लिए यह सुविधा किसी वरदान से कम नहीं है। यूजर्स को अब भुगतान के लिए केवल अपने बैंक बैलेंस पर ही निर्भर रहने की जरूरत नहीं है क्योंकि उनके पास क्रेडिट है। यह डिजिटल गणतंत्र का एक ऐसा हिस्सा है जो भारतीय अर्थव्यवस्था को नई शक्ति प्रदान कर रहा है और लोगों की सूरत बदल रहा है।
NPCI की बड़ी पहल
नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया ने इस फीचर को भुगतान को अधिक सुलभ और उपभोक्ता-अनुकूल बनाने के लिए काफी सोच-समझकर डिजाइन किया है। यह डिजिटल प्रक्रिया बहुत ही तेज है और ऑनबोर्डिंग के समय किसी भी तरह के झंझट का सामना यूजर को नहीं करना पड़ता है। क्रेडिट लाइन का यह इस्तेमाल भविष्य में डिजिटल लेनदेन को एक नई ऊंचाई पर ले जाएगा जिससे आम आदमी को सीधा लाभ होगा।
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सुरक्षा और सिबिल का महत्व
बैंक ग्राहकों को यह क्रेडिट लिमिट देने से पहले उनकी पूरी प्रोफाइल का बारीकी से अध्ययन करते हैं ताकि किसी भी जोखिम से बचा जा सके। 750 या उससे अधिक का सिबिल स्कोर यह सुनिश्चित करता है कि केवल जिम्मेदार ग्राहकों को ही यह प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लाइन दी जाए। इसके माध्यम से बैंकों और ग्राहकों के बीच एक पारदर्शी और सुरक्षित डिजिटल लेनदेन का माहौल पूरी तरह से तैयार किया गया है।
भविष्य की योजनाएं
शिक्षा मंत्रालय की हालिया अपीलों के बाद अब स्कूल की फीस भी UPI के माध्यम से जमा की जा सकेगी जो एक बड़ा बदलाव है। डिजिटल इकोनॉमी को पावर देने वाले सात प्रमुख प्लेटफॉर्म्स में अब यह नई क्रेडिट सुविधा भी अपनी एक बहुत ही अहम भूमिका निभाएगी। आने वाले समय में बजट और नए टैक्स नियमों के साथ यह फीचर भारतीय नागरिकों के लिए लेनदेन को बहुत सरल बना देगा।
Frequently Asked Questions
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Que: 'UPI Now Pay Later' सुविधा क्या है?
Ans: यह एक डिजिटल क्रेडिट सुविधा है जिसके तहत बैंक ग्राहकों को प्री-अप्रूव्ड क्रेडिट लिमिट देते हैं जिससे बैंक बैलेंस न होने पर भी भुगतान किया जा सकता है।
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Que: UPI Now Pay Later के लिए न्यूनतम सिबिल स्कोर कितना होना चाहिए?
Ans: 'UPI Now Pay Later' सुविधा का लाभ उठाने के लिए आपका सिबिल स्कोर 750 या उससे अधिक होना अनिवार्य है।
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Que: क्या इसके लिए कोई कागजी कार्रवाई करनी पड़ती है?
Ans: नहीं, यह पूरी तरह से डिजिटल प्रक्रिया है और इसमें बिना किसी कागजी झंझट के आसान और तेज़ ऑनबोर्डिंग की सुविधा मिलती है।
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Que: क्रेडिट लिमिट कितनी मिल सकती है?
Ans: बैंक या ऋणदाता यूज़र की प्रोफाइल और क्रेडिट स्कोर के आधार पर आमतौर पर ₹20,000 से ₹50,000 तक की क्रेडिट लिमिट तय कर सकते हैं।
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Que: क्या 18 साल के युवा इसके लिए पात्र हैं?
Ans: हां, पात्रता के अनुसार आपकी उम्र 18 वर्ष या उससे अधिक होनी चाहिए और आपको भारतीय नागरिक होना चाहिए।
