भारत साल 2030 तक टेक्सटाइल सेक्टर में कर सकता है राज, केंद्रीय मंत्री ने दिया बयान
मोदी सरकार 3.0 के 100 दिन की उपलब्धियों से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कपड़ा मंत्रालय की ओर से बयान देते हुए गिरिराज सिंह ने भारत के टेक्सटाइल सेक्टर में आने वाले कुछ सालों में बढ़त होने की आशंका जतायी है।
- Written By: अपूर्वा नायक
गिरिराज सिंह (सौजन्य : सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने टेक्सटाइल सेक्टर को लेकर एक बड़ा बयान दिया है। जिसमें उन्होंने कहा है कि, “साल 2030 तक भारत का कपड़ा उद्योग 350 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक बढ़ सकता है। साथ ही उन्होंने ये भी बताया है कि बढ़त के कारण इस क्षेत्र में कई रोजगार के अवसर भी पैदा हो सकते हैं।
देश की राजधानी में मोदी सरकार 3.0 के 100 दिन की उपलब्धियों से जुड़ी एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कपड़ा मंत्रालय की ओर से बयान देते हुए गिरिराज सिंह ने कहा है कि, ” मोदी सरकार की 100 दिन की उपलब्धियों को देखते हुए अंदाजा लगाया जा सकता है कि टेक्सटाइल सेक्टर 2030 तक अपने निर्धारित लक्ष्यों को आसानी से पूरा कर सकता है। इससे कपड़ा क्षेत्र की मूल्य श्रृंखला के सभी पहलुओं पर भी ध्यान आकर्षित किया जा सकता है।”
100. Days achievements of Ministry of Textiles, Govt. Of india https://t.co/x2WdB6n3nt — Shandilya Giriraj Singh (@girirajsinghbjp) September 27, 2024
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10 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात
पीएम मित्र यानी प्रधानमंत्री मेगा इंटीग्रेटेड टेक्सटाइल रीजन एंड अपैरल पार्क के बारे में गिरिराज सिंह ने कहा है कि, इस परियोजना में कुल 70,000 करोड़ रुपये के निवेश की उम्मीद की जा सकती है, जिसके कारण देश में करीब 21 लाख रोजगार के अवसर पैदा हो सकते हैं। साथ ही उन्होंने कपड़ा उद्योग के बारे में भी ये कहा है कि टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी में भी सुधार की भी अपार संभावनाएं है, क्योंकि इसका उपयोग सभी क्षेत्रों में किया जाता है। टेक्सटाइल उद्योग ने साल 2030 तक करीब 10 बिलियन अमेरिकी डॉलर का निर्यात करने का लक्ष्य रखा है।
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1 करोड़ लोग जुड़े
गिरिराज सिंह ने आगे ये भी कहा है कि,” इस क्षेत्र में करीब 1 करोड़ कारीगर हथकरघा और हस्तशिल्प क्षेत्र से जुड़े हुए हैं, जिसको बढ़ावा देने के लिए सरकार विभिन्न पहल कर रही है। उन्होंने कहा है कि, “भारत टैक्स एक ऐसा मंच है, जो भारत को कपड़ा क्षेत्र में विदेशी निवेश आकर्षित करने में मदद कर सकता है। भारत को 4एस- स्टाइल, स्केल, स्किल और सस्टेनेबिलिटी हासिल करने में मदद मिल सकती है। लॉग टर्म में 50,000 मीट्रिक टन उत्पादन का लक्ष्य निर्धारित करते हुए केंद्रीय मंत्री ने कहा कि रेशम की खेती से बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन होता है, क्योंकि इस क्षेत्र से करीब 1 करोड़ लोग जुड़े हुए हैं।
2022 में इतना हुआ था कारोबार
इन्वेस्ट इंडिया की एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में कपड़ा और परिधान उद्योग का मूल्य 2022 में लगभग 165 बिलियन अमेरिकी डॉलर था, जिसमें 125 बिलियन अमरीकी डॉलर घरेलू बाजार से और 40 बिलियन अमेरिकी डॉलर निर्यात से आए थे।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
