बजट 2026, ( डिजाइन फोटो-AI)
Union Budget 2026: भारत के केंद्रीय बजट 2026-27 की उल्टी गिनती शुरू हो गई है। 1 फरवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण संसद में लगातार आठवीं बार अपना बजट पेश करेंगी। इस बार का बजट न केवल विकसित भारत के रोडमैप के लिए महत्वपूर्ण है, बल्कि इसके ‘आकार’ को लेकर भी काफी चर्चा है। इस बीच सवाल है कि इस बार बजट कुल कितने करोड़ों का होगा? आइए सबकुछ विस्तार से जानते हैं।
वित्तीय विशेषज्ञों और शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, बजट 2026-27 का कुल परिव्यय (Total Outlay) ₹54 लाख करोड़ से ₹56 लाख करोड़ के बीच रहने का अनुमान है। सरकार का लक्ष्य बुनियादी ढांचे (Infrastructure) पर खर्च बढ़ाना और राजकोषीय घाटे (Fiscal Deficit) को GDP के 4.0% से 4.1% के बीच समेटना है। इस बजट में सरकार का मुख्य फोकस कैपिटल एक्सपेंडिचर (CapEx) पर है, जिसे बढ़ाकर ₹12 लाख करोड़ से ₹12.2 लाख करोड़ किया जा सकता है।
अगर हम पिछले वित्तीय वर्ष (2025-26) की तुलना करें, तो वित्त मंत्री ने ₹50,65,345 करोड़ (लगभग 50.65 लाख करोड़) का कुल बजट पेश किया था। इसमें मुख्य आंकड़े कुछ इस प्रकार थे-
| विवरण | पिछला बजट (2025-26) | बजट अनुमान (2026-27) |
| कुल बजट (Total Outlay) | ₹50.65 लाख करोड़ | ₹54.50 लाख करोड़ (अनुमानित) |
| पूंजीगत व्यय (CapEx) | ₹11.21 लाख करोड़ | ₹12.10 लाख करोड़ (अनुमानित) |
| राजकोषीय घाटा | 4.4% | 4.0 – 4.1% (लक्ष्य) |
| राजस्व प्राप्तियां | ₹34.20 लाख करोड़ | ₹38.50 लाख करोड़ (अनुमानित) |
इन्फ्रास्ट्रक्चर पर जोर: सरकार ‘गति शक्ति’ और ‘भारतमाला’ जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए बजट में बड़ी राशि आवंटित कर सकती है।
मध्यम वर्ग को राहत: इस बार इनकम टैक्स स्लैब में बड़े बदलाव की उम्मीद है, जिसमें 30% टैक्स की सीमा को ₹24 लाख से बढ़ाकर ₹30 लाख किया जा सकता है।
कृषि और ग्रामीण विकास: ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए कृषि बजट को ₹1.5 लाख करोड़ तक ले जाने की चर्चा है।
ग्रीन एनर्जी: रिन्यूएबल एनर्जी और हाइड्रोजन मिशन के लिए विशेष आवंटन संभव है।
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पिछले 10 वर्षों में भारत का बजट आकार लगभग दोगुना हो गया है। ₹50 लाख करोड़ के जादुई आंकड़े को पार करने के बाद, अब 2026-27 का बजट भारत को $5 ट्रिलियन (50 खरब डॉलर) की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम होगा।