AI Investment India: एआई निवेश में पिछड़ा भारत, उदय कोटक ने कंपनियों को दिया निवेश का अहम सुझाव
AI Investment India: भारत का शेयर बाजार ताइवान और दक्षिण कोरिया से लगातार पिछड़ रहा है। इसलिए उदय कोटक ने भारतीय कंपनियों को AI में निवेश सलाह दी है। AI में निवेश करने वाले देश आगे बढ़ रहे हैं।
- Written By: प्रिया सिंह
मशहूर बैंकर उदय कोटक (सोर्स-सोशल मीडिया)
Future of AI Investment India: एआई टेक्नोलॉजी में निवेश की भारी कमी के कारण भारतीय शेयर बाजार ताइवान और दक्षिण कोरिया से काफी पिछड़ गया है। देश के सबसे रईस और मशहूर बैंकर उदय कोटक ने भारत की सभी कंपनियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस में तुरंत निवेश करने की अपील की है। कोटक का स्पष्ट मानना है कि अब आईपीएल पूरी तरह से खत्म हो चुका है और सभी को सिर्फ बिजनेस पर फोकस करना चाहिए।
दुनिया के कई छोटे-बड़े देश एआई में भारी निवेश कर रहे हैं, जबकि भारत इस मामले में अभी दूसरे देशों से काफी पीछे नजर आ रहा है। शेयर बाजार में आई भारी गिरावट और विदेशी निवेशकों की लगातार निकासी ने भारत के सामने एक बड़ी चुनौती खड़ी कर दी है। ऐसे में उदय कोटक की यह अहम चेतावनी भारतीय कंपनियों के लिए भविष्य की तैयारी करने का एक बहुत बड़ा वेक-अप कॉल है।
एआई टेक्नोलॉजी में निवेश की कमी और गूगल का विशाल फंड रेजिंग प्लान
दुनिया की दिग्गज टेक कंपनी गूगल अपने एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर को तेजी से बढ़ाने के लिए 80 बिलियन डॉलर यानी करीब 7.6 लाख करोड़ रुपये जुटा रही है। गूगल की पेरेंट कंपनी अल्फाबेट 4.342 ट्रिलियन डॉलर के विशाल मार्केट कैप के साथ दुनिया की तीसरी सबसे मूल्यवान कंपनी बन चुकी है। यह भारत की सभी बड़ी कंपनियों के लिए सोचने का अहम विषय है कि दुनिया एआई के क्षेत्र में कितनी तेजी से आगे बढ़ रही है।
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उदय कोटक ने बताया कि गूगल का सालाना प्रॉफिट 160 अरब डॉलर था और पिछली तिमाही में ही कंपनी ने 62 अरब डॉलर का भारी मुनाफा कमाया है। यह शानदार मुनाफा भारत की सभी लिस्टेड कंपनियों के कुल प्रॉफिट और मार्केट कैप के लगभग बराबर माना जा रहा है। यही सबसे बड़ी वजह है कि भारत को भी एआई तकनीक और बुनियादी ढांचे में तुरंत भारी निवेश करने की सख्त जरूरत है।
Google which is cash surplus, just announced an additional capital raise of $80 bn.
Google annual profit is $160 bn, last quarter $62 bn, and market cap $4.5 trillion. That is close to total profits and market cap of all Indian listed companies put together.
It’s a wake up call… — Uday Kotak (@udaykotak) June 2, 2026
भारतीय शेयर बाजार में भारी गिरावट और विदेशी निवेशकों की बिकवाली
इस साल भारतीय शेयर बाजार में करीब 8 फीसदी की बहुत बड़ी गिरावट दर्ज की गई है जिससे निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस साल के पहले पांच महीनों में ही विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार में 24 अरब डॉलर यानी करीब 2.2 लाख करोड़ रुपये की बिकवाली की है। वहीं पिछले साल भी विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से अपना पैसा निकालते हुए 18.9 अरब डॉलर की भारी बिकवाली की थी।
विदेशी निवेशकों के इस नकारात्मक रुख के कारण भारत जो कुछ साल पहले तक निवेश की पहली पसंद हुआ करता था, अब काफी पिछड़ गया है। एआई शेयरों में आई शानदार तेजी की बदौलत ताइवान और साउथ कोरिया जैसे देशों ने इक्विटी मार्केट में भारत को आसानी से पछाड़ दिया है। आज के समय में ताइवान और साउथ कोरिया जैसे देशों की इक्विटी वैल्यू हमसे कहीं ज्यादा हो चुकी है जो चिंता का विषय है।
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ताइवान और साउथ कोरिया के शेयर बाजारों में शानदार उछाल
एक तरफ जहां भारतीय बाजार लगातार संघर्ष कर रहा है, वहीं दूसरी तरफ ताइवान के शेयर बाजार में 58 फीसदी की शानदार तेजी आई है। इसके साथ ही साउथ कोरिया के शेयर बाजार में भी 88 फीसदी का भारी उछाल देखने को मिला है जो एआई का प्रभाव है। यह सटीक आंकड़े साबित करते हैं कि एआई में निवेश करने वाले देश आर्थिक रूप से बहुत तेजी से और मजबूती से आगे बढ़ रहे हैं।
उदय कोटक की यह जरूरी चेतावनी भारत के कॉर्पोरेट जगत के लिए भविष्य में सही दिशा में मजबूत कदम बढ़ाने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। अगर भारत ने एआई टेक्नोलॉजी में अपना निवेश नहीं बढ़ाया तो वैश्विक प्रतिस्पर्धा में वह हमेशा के लिए और भी पीछे छूट सकता है। इसलिए सभी कंपनियों को क्रिकेट और अन्य चीजों को छोड़कर अब पूरी तरह से बिजनेस और एआई निवेश पर अपना पूरा ध्यान केंद्रित करना होगा।
