Indian Railway: भारतीय रेलवे का बड़ा फैसला, अब स्लीपर और एसी में वेटिंग टिकट वालों की नो एंट्री
भारतीय रेलवे ने 1 मई को कई नियमों में संशोधन किया हैं। बताया जा रहा है कि 1 मई को लिए गए फैसलों में सबसे अहम ये हैं कि अब वेटिंग लिस्ट पैसेंजर्स को एसी कोच या फिर स्लीपर कोच में एंट्री बैन होगी।
- Written By: अपूर्वा नायक
भारतीय रेलवे (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
नई दिल्ली : इंडियन रेलवे ने 1 मई को अपने कुछ नियमों में बदलाव किया हैं। इन नए नियमों का सीधा असर वेटिंग लिस्ट वाले पैसेंजर्स पर पड़ने वाला हैं। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, नए नियमों के अंतर्गत, वेटिंग टिकट रखने वाले रेलवे पैसेंजर्स को अब स्लीपर या एसी कोच में ट्रैवल करने की परमिशन नहीं होगी। रिपोर्ट के अनुसार, वेटिंग लिस्ट टिकट वाले पैसेंजर्स को, चाहे वो ऑनलाइन टिकट खरीदे हो या काउंटर से उन्हें सिर्फ जनरल कोच यानी अनारक्षित कोच में ही चढ़ने की परमिशन होगी। एसी और स्लीपर केबिन में उनकी नो एंट्री रहेगी।
भरना होगा फाइन
मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, वेटिंग लिस्ट टिकट के साथ रिजर्वेंशन कोच में ट्रैवल करने वाले पैसेंजर्स पर अब कारवाई की जा सकती हैं। स्लीपर कोच में ट्रैवल करने वाले ऐसे यात्रियों को 250 रुपये का फाइन भरना होगा। साथ ही एयर कंडीशन कोच में सफर करने वाले ऐसे पैसेंजर्स पर 440 रुपये तक का फाइन वसूलना होगा। साथ ही, नियमों को तोड़ने वालों से बोर्डिंग प्वाइंट से अगले स्टेशन तक का किराया वसूला जाएगा। यात्रा टिकट परीक्षकों यानी टीटीई को इन नियमों को सख्ती से लागू करने का आदेश दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट में ये कहा गया है कि वेटिंग लिस्ट टिकट रखने वाले पैसेंजर्स जो अगले स्टेशन पर रिजर्व कोच में चढ़ने की कोशिश करेंगे, उन्हें कोच से उतार दिया जाएगा और फाइन का भुगतान करना होगा।
अब 60 दिनों का एआरपी
एडवांस रिजर्व पीरियड यानी एआरपी चेंज अब 120 दिनों के बजाय 60 दिन है। जिसका नतीजा ये हैं कि 4 महीने पहले की जगह, यात्रा करने वाले अब 2 महीने पहले तक टिकट खरीद सकते हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, सिक्योरिटी में सुधार और दुरुपयोग से बचाव के लिए अब सभी ऑनलाइन टिकट खरीद के लिए वन-टाइम पासवर्ड यानी ओटीपी की जरुरत होगी। रिपोर्ट के अनुसार कन्फर्म टिकट वाले ग्राहकों को ज्यादा कंफर्टेबल यात्रा अनुभव प्रदान करने के लिए, इन बदलाव का मुख्य कारण रिजर्व कोच में भीड़ को कम करना है।
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क्यों हुए नियमों में बदलाव
बार-बार होने वाली परेशानी जो असुविधा और सिक्योरिटी से जुड़ी चिंताएं पैदा करती है, वह भीड़भाड़ है। इंडियन रेलवे वेटिंग लिस्ट वाले पैसेंजर्स को जनरल कोच तक लिमिटेड करके यात्रा को ज्यादा सिस्टमेटिक और आनंददायक बनाने की उम्मीद करता है। अगर कोई पैसेंजर एसी या स्लीपर क्लास में यात्रा करने की योजना बनाता है, तो उसे यह सुनिश्चित करना होगा कि यात्रा की तारीख से पहले उसकी टिकट कन्फर्म हो जाए। ऑप्शन के तौर पर, वेटिंग लिस्ट टिकट वाले व्यक्तियों के लिए जनरल कोच उपलब्ध हैं क्योंकि उन्हें रिजर्वेंशन की जरूरत नहीं होती है। यह उन यात्रियों के लिए एक ऑप्शन प्रदान करता है जो रिजर्व कैटेगिरी में कन्फर्म टिकट हासिल करने में असमर्थ हैं।
