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प्रमोटर्स ने गिरवी रखे शेयर

  • Author By rajendra mankar | published By एनबी एडमिन |
Updated On: Feb 27, 2026 | 04:45 PM
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प्रमोटर्स ने गिरवी रखे शेयर

प्रमोटर्स ने गिरवी रखे शेयर निवेशकों को ऐसी कंपनियों में निवेश से पहले रहना होगा सतर्क। 50 से अधिक हिस्सेदारी गिरवी 8 कंपनियों में 76 के करीब तक पहुंच चुका है। कुछ का आंकड़ा नवभारत न्यूज नेटवर्क दिल्ली।

भारतीय शेयर बाजार में उतारचढ़ाव बना हुआ है। ऐसे में हम आपको ऐसी दिग्गज कंपनियों के बारे में बता रहे हैं, जिनके प्रमोटरों की बड़ी हिस्सेदारी गिरवी रखी हुई है। आम तौर पर जब प्रमोटर अपनी हिस्सेदारी का बड़ा हिस्सा गिरवी रखते हैं, तो यह कंपनी के वित्तीय दबाव का संकेत माना जाता है।

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अगर शेयर कीमत में तेज गिरावट आती है तो गिरवी रखे गए शेयरों की जबरन बिक्री का खतरा भी बढ़ जाता है। 8 कंपनियों में प्रमोटरों की 50 से अधिक हिस्सेदारी गिरवी है, यह कुछ में तो करीब 76 फीसदी तक है। कुछ कंपनियों में यह आंकड़ा 76 के करीब तक पहुंच चुका है, जो निवेशकों के लिए बड़ा जोखिम संकेत माना जाता है।

कोलैटरल के तौर पर इस्तेमाल

जब कोई कंपनी का प्रमोटर अपने शेयर्स को गिरवी रखता है, तो इसका मतलब है कि वह उन शेयर्स को किसी लोन या देनदारी के लिए कोलैटरल के तौर पर इस्तेमाल कर रहा है। यह एक आम वित्तीय प्रक्रिया है, जिसका उपयोग अक्सर व्यक्तिगत जरूरतों, बिजनेस विस्तार या ग्रुप कंपनियों को सहारा देने के लिए फंड जुटाने के लिए किया जाता है।

हालांकि, इसमें एक तरह का जोखिम भी जुड़ा होता है। अगर प्रमोटर लोन चुकाने में नाकाम रहता है, तो लोन देने वाली संस्था को यह अधिकार होता है कि वह गिरवी रखे गए शेयर्स को खुले बाजार में बेच दे। इससे बाजार में शेयर्स की सप्लाई अचानक बढ़ सकती है, जिससे स्टॉक की कीमत गिर सकती है और यहां तक कि कंपनी में प्रमोटर की हिस्सेदारी या नियंत्रण भी बदल सकता है।

लीला पेलेसेस होटल्स सबसे ऊपर

लीला पैलेस होटल्स एंड रिसॉर्ट्स सूची में सबसे ऊपर है। प्रमोटरों की 75 से ज्यादा हिस्सेदारी गिरवी है, जो बेहद ऊंचा स्तर है। साथ ही पीई रेशियो भी काफी अधिक है, जिससे वैल्यूएशन महंगा माना जा सकता है। ऐसे में जोखिम और बढ़ जाता है।

हेक्सावेयर टेक्नोलॉजी आईटी सेक्टर की इस कंपनी में पिछले एक महीने में 34 से ज्यादा गिरावट दर्ज की गई है। ऊंची गिरवी हिस्सेदारी और कमजोर रिटर्न निवेशकों को सतर्क रहने का संकेत देते हैं।

कोहांस लाइफसाइंसेज फार्मा सेक्टर की इस कंपनी में भी आधे से ज्यादा हिस्सेदारी गिरवी है, जो निवेशकों के लिए चिंता का विषय है।

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Published On: Feb 26, 2026 | 06:14 PM

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