Jet Airways मामले पर सुप्रीम कोर्ट आज सुनाएगा फैसला, SBI ने दायर की थी याचिका

Jet Airways News- NCLAT ने 12 मार्च को बंद पड़ी जेट एयरवेज की समाधान योजना को बरकरार रखा था और इसके स्वामित्व को जालान कालरॉक कंसोर्टियम (JKC) को सौंपने की मंजूरी दी थी.
...नहीं छीनी जा सकती किसी की जमीन, संपत्ति के अधिकार पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला
सुप्रीम कोर्ट (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on
Updated on

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट आज नकदी संकट से जूझ रही जेट एयरवेज के ऋणदाताओं द्वारा NCLAT के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर अपना फैसला सुनाएगा। इस आदेश में एयरलाइन्स का स्वामित्व सफल समाधान आवेदक (SRA) को हस्तांतरित करने की बात कही गई है। भारतीय स्टेट बैंक (SBI) तथा अन्य कर्जदाताओं की याचिका पर 16 अक्‍टूबर को सुनवाई पूरी हो गई थी तथा चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया डीवाई चंद्रचूड़, जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस मनोज मिश्रा की बेंच ने फैसला सुरक्षित रख लिया था।

इस याचिका में नेशनल कंपनी लॉ अपीलेट ट्रिब्यूनल (NCLAT) के उस फैसले को चुनौती दी गई है, जिसमें जेट एयरवेज के समाधान योजना को बरकरार रखा गया था और इसके स्वामित्व को जलान कालरॉक कंसोर्टियम (JKC) को स्थानांतरित करने की मंजूरी दी गई थी।

क्या है NCLAT का आदेश

12 मार्च को NCLAT ने बंद पड़ी जेट एयरवेज की समाधान योजना को बरकरार रखा था तथा इसके स्वामित्व को जालान कालरॉक कंसोर्टियम (JKC) को सौंपने की भी मंजूरी दी थी। इसके अलावा अपीलेट ट्रिब्यूनल ने जेट एयरवेज की निगरानी समिति को 90 दिनों के अंदर स्वामित्व हस्‍तांतरण प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश भी दिया था। साथ ही NCLAT ने जेट एयरवेज के ऋणदाताओं को कंसोर्टियम द्वारा प्रदर्शन बैंक गारंटी (PBG) के रूप में जमा किए गए 150 करोड़ रुपये को समायोजित करने का आदेश दिया था। SBI, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) तथा JC फ्लॉवर्स एसेट रिकंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड ने NCLAT के 12 मार्च के इस फैसले को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती दी थी।

यह भी पढ़ें- 

4783 करोड़ का करना था भुगतान

समाधान योजना के मुताबिक, जालान कलरॉक कंसोर्टियम को 4783 करोड़ रुपये का भुगतान करना था और सहमति के अनुसार भुगतान की पहली किश्त में 350 करोड़ रुपये देने थे। बता दें कि 18 जनवरी के आदेश में सर्वोच्च अदालत ने NCLAT के 8 अगस्त, 2023 का निर्णय रद्द कर दिया था, जिसमें SRA को 350 करोड़ रुपये के भुगतान की पहली किश्त को परफॉरमेंस बैंक गारंटी (PBG) के विरुद्ध देने की अनुमति दी गई थी, जिसे कर्जदाताओं द्वारा सुरक्षा के रूप में दिया गया था।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com