Market Crash: आखिर क्यों ताश के पत्तों की तरह ढह गया शेयर बाजार? ट्रंप कनेक्शन और वो 4 वजहें जिससे मची हाहाकार
Share Market: शुरुआती कारोबार में भारी बिकवाली के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटल से करीब 5.6 लाख करोड़ रुपये कम हो गया और निवेशकों की रकम डूब गई।
- Written By: मनोज आर्या
शेयर मार्केट क्रैश(डिजाइन फोटो)
Reason Behind Share Market Crash: मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच भारत का शेयर बाजार हर रोज भर-भराकर टूट रहा है। बीते कारोबारी दिन यानी बुधवार की बड़ी गिरावट के बाद गुरुवार को भी सेंसेक्स-निफ्टी खुलने के साथ ही क्रैश हो गए। इस बड़ी गिरावट के पीछे एक नहीं, बल्कि चार बड़े कारण हैं, जिनके चलते निवेशकों को बड़ा झटका लगा है। खास बात ये है कि गिरावट का फिर ट्रंप कनेक्शन देखने को मिला है। आइए सबकुछ विस्तार से जानते हैं।
ईरान-इजरायल और अमेरिका युद्ध के बीच एक-दो दिन छोड़ दें, तो लगातार शेयर बाजार में गिरावट देखने को मिल रही है। गुरुवार को BSE Sensex अपने पिछले बंद 76,863 की तुलना में फिसलकर 76,369 पर खुला और फिर 978 अंक टूटकर 75,871 पर आ गया। NSE Nifty भी सेंसेक्स के कदम से कदम मिलाकर चलता दिखाई दिया और अपने पिछले बंद 23,866 के मुकाबले गिरावट लेकर 23,674 पर ओपन होने के बाद 23,556 तक टूट गया।
गिरावट से निवेशकों का 5 लाख करोड़ स्वाहा
शुरुआती कारोबार में भारी बिकवाली के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड कंपनियों का मार्केट कैपिटल (BSE MCap) से करीब 5.6 लाख करोड़ रुपये कम हो गया और निवेशकों की रकम डूब गई। बीएसई का मार्केट कैप डेटा देखें, तो ये गुरुवार को मार्केट ओपनिंग के साथ सेंसेक्स टूटने से गिरकर 436.27 लाख करोड़ रह गया, जबकि पिछले सेशन में यह Rs 441.90 लाख करोड़ था।
सम्बंधित ख़बरें
Share Market: शेयर मार्केट में लौटी हरियाली, 609 अंक चढ़कर बंद हुआ सेंसेक्स; निफ्टी में भी तेज उछाल
Adani Energy Plan: 2047 तक विकसित भारत के लिए अदाणी ग्रुप का 100 बिलियन डॉलर निवेश, सागर अदाणी ने किया ऐलान
Share Market Today: शेयर बाजार की दमदार शुरुआत, सेंसेक्स 358 अंक चढ़ा और निफ्टी 101 अंक की बढ़त पर
सरकारी कर्मचारियों की लॉटरी! 8th Pay Commission पर सुगबुगाहट तेज, जानें कितनी बढ़ेगी आपकी इन-हैंड सैलरी
बाजार में गिरावट के पीछे के बड़े कारणों की बात करें, तो जहां डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर टैरिफ बम फोड़ने की तैयारी करके दुनिया के तमाम देशों में हलचल पैदा की है, तो वहीं गुरुवार कच्चे तेल की कीमतों में अचानक आए बड़े उछाल ने भी बाजार का सेंटीमेंट कमजोर किया।
1. ट्रंप का नया टैरिफ बम
ट्रंप प्रशासन ने सुप्रीम कोर्ट में रेसिप्रोकल टैरिफ पर मिली हार के बाद एक बार फिर टैरिफ बम फोड़ने के लिए कदम आगे बढ़ा दिए हैं और उनके प्रशासन ने दुनिया की 16 अर्थव्यवस्थाओं के खिलाफ ट्रेड जांच शुरू करने का ऐलान किया है। ये जांच 1974 के ट्रेड एक्ट की धारा 301 के तहत शुरू कर रहा है। बुधवार को अमेरिका के व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय ने इस धारा के तहत दो अलग-अलग जांचों का ऐलान किया है। ट्रंप के निशाने पर 16 देश हैं, जिनमें प्रमुख तौर पर भारत और चीन के अलावा, यूरोपीय संघ, जापान, दक्षिण कोरिया, मैक्सिको, ताइवान, वियतनाम, थाईलैंड, मलेशिया, कंबोडिया, सिंगापुर, इंडोनेशिया, बांग्लादेश, स्विट्जरलैंड और नॉर्वे शामिल हैं।
2. कच्चे तेल की कीमतों में तेजी
बाजार का सेंटिमेंट बिगाड़ने वाले अगले कारण की बात करें, तो ये मिडिल ईस्ट युद्ध के चलते गरहाए तेल संकट से जुड़ा है। गुरुवार को एक बार फिर सप्लाई में रुकावट की चिंता के चलते कच्चे तेल के कीमतों में उछाल देखने को मिला है और Brent Crude का दाम 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।
3. ग्लोबल बाजारों में कमजोरी
शेयर मार्केट टूटने का अगला कारण अमेरिका समेत एशियाई बाजारों में आई गिरावट के चलते निवेशकों का सेंटिमेंट बिगड़ना भी। बीते कारोबारी दिन जहां अमेरिकी मार्केट में गिरावट देखने को मिली थी, तो वहीं गुरुवार को खुलने के साथ ही लगभग सभी एशियाई बाजार धड़ाम नजर आए। जापान का निक्केई, हांगकांग का हैंगसेंग हो या फिर साउथ कोरिया का कोस्पी इंडेक्स सब भी 1 फीसदी से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, तो वहीं गिफ्ट निफ्टी भी 250 अंक के आसपास फिसलकर ट्रेड कर रहा था।
यह भी पढ़ें: Share Market Crash: ईरान-इजराइल युद्ध का असर, 1,342 अंक तक टूटा सेंसेक्स; एक झटके में लाखों करोड़ स्वाहा
4. मार्केट में डर का पैमाना उछला
ग्लोबल टेंशन के बीच शेयर बाजार सहमा हुआ है और मार्केट में डर का पैमाना माने जाने वाले India VIX में लगातार तेज वृद्धि दर्ज की जा रही है। ये अस्थिरता सूचकांक 6 प्रतिशत बढ़कर 22.32 के स्तर पर पहुंच गया और इसके चलते निवेशकों में डर की भावना बढ़ गई है और इसका सीधा असर शेयर बाजार क्रैश के रूप में देखने को मिला है।
