Share Market Crash: ईरान-इजराइल युद्ध का असर, 1,342 अंक तक टूटा सेंसेक्स; एक झटके में लाखों करोड़ स्वाहा

Share Market: बाजार में गिरावट से निवेशकों की संपत्ति को झटका लगा है। BSE में लिस्ट कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सत्र के लगभग 447 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 442 लाख करोड़ रुपये रह गया।
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शेयर मार्केट, ( डिजाइन फोटो/नवभारत)
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Share Market Highlights: मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में तेज उछाल आया, जिसके चलते भारतीय शेयर बाजार के प्रमुख बेंचमार्क एक दिन की तेजी के बाद बुधवार को फिर से गिरावट के साथ लाल निशान में बंद हुए। कारोबार के अंत में बीएसई सेंसेक्स 1.72 प्रतिशत या 1,342.27 अंक की गिरावट के साथ 76,863.71 पर बंद हुआ। वहीं एनएसई निफ्टी50 1.63 प्रतिशत या 394.75 अंक गिरकर 23,866.85 पर बंद हुआ।

व्यापक बाजार की बात करें तो निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.25 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.36 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी ऑटो सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला क्षेत्रीय सूचकांक बनकर उभरा, जिसमें 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज और निफ्टी प्राइवेट बैंक का प्रदर्शन भी निराशाजनक रहा।

निफ्टी फार्मा में सबसे अधिक तेजी

इसके विपरीत, निफ्टी फार्मा क्षेत्रीय सूचकांकों में सबसे अधिक मुनाफे वाला सूचकांक रहा। वहीं, निफ्टी ऑयल एंड गैस और निफ्टी हेल्थकेयर सूचकांक भी बढ़त के साथ बंद हुए। बुधवार के कारोबारी सत्र में निवेशकों में सतर्कता बनी रही, जिसके चलते सेंसेक्स और निफ्टी दोनों में 1.5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट देखने को मिली। बाजार की इस गिरावट में खासतौर पर बैंकिंग, वित्तीय सेवाओं और ऑटो सेक्टर के शेयरों का बड़ा योगदान रहा। इंट्राडे कारोबार में सेंसेक्स 1,396 अंक तक गिरकर 76,810.14 के निचले स्तर तक पहुंच गया, जबकि निफ्टी50 करीब 407 अंक गिरकर 23,854.35 तक लुढ़क गया। मिडकैप और स्मॉलकैप सूचकांकों में भी 1.5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

बाजार में गिरावट से निवेशकों को झटका

बाजार में इस गिरावट के कारण निवेशकों की संपत्ति को बड़ा झटका लगा। बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन पिछले सत्र के लगभग 447 लाख करोड़ रुपये से घटकर करीब 442 लाख करोड़ रुपए रह गया। यानी एक ही दिन में निवेशकों को लगभग 3 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।

ब्रेंट क्रूड की कीमतों में बढ़ोतरी

अमेरिका-ईरान युद्ध से जुड़ी घटनाओं के बीच खबरें सामने आईं कि ईरान के तट के पास तीन जहाजों पर मिसाइल जैसे प्रोजेक्टाइल से हमला हुआ। इनमें से एक जहाज में आग लग गई, जिसके बाद जहाज पर मौजूद चालक दल को सुरक्षित बाहर निकालना पड़ा। इस घटना ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता और बढ़ा दी। इंटरकॉन्टिनेंटल एक्सचेंज में एक समय ब्रेंट क्रूड की कीमतों में 5.8 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई और यह 92.96 रुपये प्रति बैरल पर पहुंच गया।

90 डॉलर प्रति बैरल के करीब कच्चा तेल

वैश्विक बाजारों की बात करें तो, मध्य-पूर्व में जारी सैन्य कार्रवाई के बीच जहाजों पर हमले की खबरों के बाद तेल की कीमतों में फिर तेजी देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड करीब 1.8 प्रतिशत बढ़कर 90 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया, जबकि इससे पहले पिछले सत्र में इसमें लगभग 11 प्रतिशत की गिरावट आई थी। ब्रिटेन की नौसेना ने बताया कि बुधवार को होर्मुज जलडमरूमध्य और फारस की खाड़ी में तीन जहाजों पर हमला हुआ, जिससे समुद्री व्यापार मार्गों पर बाधा की आशंका बढ़ गई है।

विशेषज्ञों का कहना है कि तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और युद्ध से जुड़ी अनिश्चितता फिलहाल वैश्विक वित्तीय बाजारों को प्रभावित करती रहेगी, क्योंकि लंबे समय तक संघर्ष जारी रहने पर तेल और प्राकृतिक गैस की वैश्विक आपूर्ति प्रभावित हो सकती है।

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