RBI के फैसले का असर, अब SBI ने ग्राहकों को दिया तोहफा, लोन की ब्याज दरों में की बड़ी कटौती
हाल ही में रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने रेपो रेट को 6.00 फीसदी से घटाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया है। इसके बाद बैंकों ने भी FD और लोन की ब्याज दरों में कटौती शुरू कर दी है।
- Written By: मनोज आर्या
प्रतीकात्मक तस्वीर
नई दिल्ली: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) के रेपो रेट में 0.50 फीसदी की कटौती के बाद होम लोन सस्ते होने का सिलसिला शुरू हो चुका है। पंजाब नेशनल बैंक, केनरा बैंक के बाद अब देश के सबसे बड़े बैंक यानी कि भारतीय स्टेट बैंक ने भी होम लोन की ब्याज दर में 0.50 फीसदी कटौती का ऐलान कर दिया है। SBI के लेंडिंग लोन रेट्स में यह बदलाव 15 जून 2025 से होगा। इस कटौती के बाद SBI से सभी तरह के लोन लेना सस्ता हो जाएगा। अब SBI की होम लोन की ब्याज दर सालाना 7.50 प्रतिशत से शुरू होंगी। होम लोन मैक्सगैन ओवरड्राफ्ट (MaxGain OD) ब्याज दरें 7.75 प्रतिशत से 8.70 प्रतिशत के बीच रहेंगी। वहीं, टॉप-अप होम लोन पर ब्याज दरें 8 प्रतिशत से 10.50 प्रतिशत के बीच तय की गई हैं।
गौरतलब है कि हाल ही में आरबीआई ने रेपो रेट को 6.00 फीसदी से घटाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया है। इसके बाद बैंकों ने भी FD और लोन की ब्याज दरों में कटौती शुरू कर दी है। एसबीआई से पहले यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक और बैंक ऑफ ऑफ बड़ौदा लोन की ब्याज दरों में कटौती कर अपने ग्राहक को राहत दे चुके हैं।
किन लोगों को मिलेगा फायदा?
इस ब्याज दर कटौती का फायदा उन सभी लोगों को होगा, जिनके लोन रेपो लिंक्ड लेंडिंग रेट (RLLR) से जुड़े हैं। SBI होम लोन एक्सटर्नल बेंचमार्क लेंडिंग रेट (EBLR) से जुड़े होते हैं और मौजूदा ईबीएलआर 8.15% है। अलग-अलग व्यक्तियों के लिए रेट ऑफ इंटरेस्ट उनके CIBIL स्कोर, लोन अवधि और अन्य फैक्टर के आधार पर अलग-अलग हो सकती हैं। इस कटौती का फायदा एसबीआई से नया होम लोन लेने वालों को भी होगा।
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फिक्स्ड रेट वालों को लाभ नहीं
उदाहरण के लिए SBI नए होम लोन की ब्याज दर पहले 8% से शुरू होती थी अब ये घटकर करीब 7.50% हो जाएगी। जिन ग्राहकों ने पहले से RLLR से जुड़ा फ्लोटिंग रेट होम लोन लिया है, उनकी ब्याज दर भी कम हो जाएगी। इससे या तो उनकी ईएमआई कम होगी, या लोन की अवधि घट जाएगी। हां, अगर लोन फिक्स्ड रेट से जुड़ा है एसबीआई के ब्याज कटौती का फायदा नहीं मिलेगा।
नहीं बदलेगा MCLR
एसबीआई ने स्पष्ट किया है कि 14 जून 2025 तक मार्जिनल कॉस्ट ऑफ फंड्स बेस्ड लेंडिंग रेट (MCLR) में कोई बदलाव नहीं किया गया है। यानी कि MCLR दरें पहले की तरह बनी हुई हैं। ओवरनाइट और एक महीने की MCLR 8.20 प्रतिशत तीन महीने की 8.55 प्रतिशत और छह महीने की एमसीएलआर रेट 8.90 प्रतिशत है। एक साल की एमसीएलआर 9.00 प्रतिशत है।
