SIP Investment: शेयरों में डायरेक्ट निवेश या म्यूचुअल फंड? जानें ज्यादा रिटर्न और रिस्क का पूरा गणित
SIP Investment Plan: शेयरों में सीधा निवेश ज्यादा रिटर्न देता है, लेकिन इसमें रिस्क बहुत ही अधिक है। आम निवेशकों और सीनियर सिटीजन को हमेशा सुरक्षित म्यूचुअल फंड का ही बेहतर विकल्प चुनना चाहिए।
- Written By: प्रिया सिंह
शेयरों में डायरेक्ट निवेश या म्यूचुअल फंड SIP (सोर्स-सोशल मीडिया)
Best SIP Investment Strategy: लंबी अवधि में अच्छी संपत्ति बनाने के लिए निवेशकों के सामने सबसे बड़ा सवाल सही जगह पैसा लगाने का होता है। क्या सीधे शेयरों में एसआईपी करना बेहतर है या फिर म्यूचुअल फंड के जरिए पैसा लगाना ज्यादा समझदारी का काम है। हरक्यूलिस एडवाइजर्स के संस्थापक आदित्य शाह बताते हैं कि ज्यादा रिटर्न के लालच में सीधे शेयरों में निवेश हर किसी के लिए सही नहीं होता।
शाह के अनुसार पहली नजर में शेयरों में निवेश ज्यादा मुनाफा देने वाला लग सकता है लेकिन इसमें जोखिम भी उतना ही बड़ा होता है। इसके विपरीत म्यूचुअल फंड अपेक्षाकृत कम जोखिम के साथ निवेशकों को प्रोफेशनल मैनेजमेंट का बहुत अच्छा फायदा देते हैं। इसलिए सही फैसला हमेशा निवेशक की अपनी उम्र, जोखिम उठाने की क्षमता और उनके व्यक्तिगत वित्तीय लक्ष्यों पर पूरी तरह से निर्भर करता है।
सीधे शेयरों में निवेश और जरूरी निगरानी
एक वरिष्ठ नागरिक रमेश ने बताया कि उन्होंने आईटीसी होटल्स, किम्स और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स (बीईएल) जैसी कंपनियों के शेयरों में अपना निवेश किया है। बीईएल जैसी मजबूत कंपनियों ने पिछले दो-तीन वर्षों में बहुत ही शानदार और मजबूत प्रदर्शन करके दिखाया है। हालांकि शाह ने कहा कि अगर कोई निवेशक बार-बार सलाह मांगता है कि शेयरों को बेचना चाहिए या रखना चाहिए तो डायरेक्ट इक्विटी उसके लिए सही नहीं है।
सम्बंधित ख़बरें
Explainer: ₹115 लीटर बिक रहा पेट्रोल…सरकार की लागत आधी से भी कम, फिर ईंधन इतना महंगा क्यों? समझिए पूरा खेल
Gold-Silver Rate Today: सोने के भाव में आज फिर 1368 रुपये की भारी गिरावट, चांदी 2.32 लाख रुपये के पार
SIP Investment: 5, 10, 15 और 20 साल में 1 करोड़ का फंड कैसे बनाएं? जानें सही इनवेस्टमेंट का तरीका
Share Market: हफ्ते के आखिरी सत्र में उछला शेयर बाजार, सेंसेक्स-निफ्टी में बंपर तेजी; IT शेयरों में रफ्तार
सिर्फ तीन शेयरों में बढ़ता हुआ भारी जोखिम
आदित्य शाह ने स्पष्ट किया कि किसी भी निवेशक का पोर्टफोलियो केवल तीन शेयरों तक सीमित होना जोखिम को बहुत ज्यादा बढ़ा देता है। अगर आप केवल कुछ गिने-चुने शेयरों में अपना पैसा लगाते हैं तो बाजार में उतार-चढ़ाव का सीधा असर आपकी पूंजी पर पड़ता है। किसी एक सेक्टर या कंपनी में भारी गिरावट आने पर आपके पूरे निवेश और जीवन भर की कमाई पर बहुत ही बुरा असर पड़ सकता है।
म्यूचुअल फंड है एक बहुत ही बेहतर विकल्प
जो निवेशक शेयर बाजार को रोजाना ट्रैक नहीं कर सकते हैं उनके लिए म्यूचुअल फंड निवेश का सबसे बेहतर और सुरक्षित विकल्प माना जाता है। म्यूचुअल फंड में निवेशकों को हर कंपनी की अलग-अलग निगरानी नहीं करनी पड़ती क्योंकि वहां बैठे प्रोफेशनल फंड मैनेजर यह काम खुद करते हैं। ये विशेषज्ञ लगातार कंपनियों के प्रदर्शन और बाजार के जोखिम का आकलन करके जरूरत पड़ने पर पोर्टफोलियो में बदलाव करते रहते हैं।
सीनियर सिटीजन के लिए सही निवेश की सलाह
आदित्य शाह का मानना है कि वरिष्ठ नागरिकों को अपनी कुल जमा राशि का केवल दस से बीस प्रतिशत हिस्सा ही इक्विटी में रखना चाहिए। इस आयु वर्ग के लोगों को मिडकैप और स्मॉलकैप फंड में बहुत ज्यादा जोखिम लेने से हमेशा बचना चाहिए क्योंकि इनमें भारी उतार-चढ़ाव होता है। इसके बजाय उन्हें बड़े शेयरों में निवेश करने वाले सुरक्षित फ्लेक्सी कैप फंड को अपनाना चाहिए जिससे उनका पैसा सुरक्षित रहे।
यह भी पढ़ें: Explainer: ₹115 लीटर बिक रहा पेट्रोल…सरकार की लागत आधी से भी कम, फिर ईंधन इतना महंगा क्यों? समझिए पूरा खेल
शानदार फ्लेक्सी कैप फंड्स का सही चयन
निवेशकों के लिए कुछ अच्छे फ्लेक्सी कैप फंड्स का भी विशेष रूप से उल्लेख किया गया है जो बेहतर रिटर्न देने की शानदार क्षमता रखते हैं। इनमें पराग पारिख, एचडीएफसी, हीलियोस और एबाकस फ्लेक्सी कैप फंड मुख्य रूप से शामिल हैं जो अच्छे विकल्प बन सकते हैं। हीलियोस और एबाकस जैसे नए फंड अपने छोटे एसेट बेस के कारण निवेशकों को भविष्य में काफी बेहतर और सुरक्षित रिटर्न दे सकते हैं।
