जन्मदिन विशेष: एक गैरेज से 12 लाख करोड़ की टेक कंपनी तक का सफर, शिव नादर ने कैसे खड़ा कर दिया HCL का साम्राज्य

Shiv Nadar Birthday: शिव नादर ने कूपर इंजीनियरिंग लिमिटेड से अपने करियर की शुरुआत की थी। हालांकि, उनका सपना सिर्फ नौकरी करना नहीं था, वह भारत में कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक्स का भविष्य देख रहे थे।
shiv nadar birthday special
शिव नादर जन्मदिन विशेष, (AI जेनरेटेड इमेज)
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Shiv Nadar Birthday Special: देश के दिग्गज कारोबारी और एचसीएल टेक्नोलॉजीज (HCL Technologies) के संस्थापक शिव नादर आज 14 जुलाई 2026 को अपना 81वां जन्मदिन मना रहे हैं। नादर का जन्म 14 जुलाई, 1945 को मद्रास प्रेसिडेंसी (आज का थूथुकुडी जिला, तमिलनाडु) के मूलाइपोझी गांव में एक तमिल परिवार में हुआ था। नादर ने 1976 में HCL की स्थापना की और अगले तीन दशकों में IT हार्डवेयर कंपनी को एक IT एंटरप्राइज में बदल दिया। आईटी उद्योग में उनके अहम योगदान के लिए साल 2008 में उन्हें भारत सरकार की ओर से पद्म भूषण पुरस्कार दिया गया।

शिव नादर ने 1967 में पुणे में वालचंद ग्रुप के कूपर इंजीनियरिंग लिमिटेड से अपने करियर की शुरुआत की थी। हालांकि, उनका सपना सिर्फ नौकरी करना नहीं था, वह भारत में कंप्यूटर और इलेक्ट्रॉनिक्स का भविष्य देख रहे थे। इसी सोच के साथ उन्होंने इस नौकरी को उन्होंने जल्द ही छोड़ दिया और अब 8 दोस्तों के साथ मिलकर खुद का कारोबार करने का फैसला लिया।

एक गैराज से हुई थी HCL की शुरुआत

साल 1976 में अपने कुछ इंजीनियर दोस्तों के साथ दिल्ली के एक छोटे से गैराज में उन्होंने एक कंपनी की नींव रखी, जिसका नाम रखा गया हिंदुस्तान कंप्यूटर लिमिटेड (एचसीएल), जो आज HCL Technologies के नाम से टेक इंडस्ट्री की प्रमुख कंपनियों में से एक है। शुरुआत बिलकुल भी आसान नहीं थी। पैसों की कमी, टेक्नोलॉजी की सीमाएं, बाजार में कड़ी प्रतिस्पर्धा, लेकिन शिव नादर का मानना था टेक्नोलॉजी का मकसद आम लोगों की जिंदगी आसान बनाना है। इसी सोच ने एचसीएल को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया। बाद में कंपनी ने कंप्यूटर हार्डवेयर और इलेक्ट्रॉनिक्स उपकरण बनाने पर फोकस दिया, ताकि भारत में कंप्यूटर टेक्नोलॉजी को लोकप्रिय बनाया जा सके।

(शिव नादर और रोशनी नादर 17 जनवरी 2005 को नई दिल्ली में तत्कालीन पीएम मनमोहन सिंह को प्रधानमंत्री नेशनल रिलीफ फंड के लिए चेक देते हुए)

अमेरिका-यूरोप समेत 60 देशों में कारोबार

1980 और 1990 के दशक में एचसीएल भारत से दुनिया तक हार्डवेयर से आगे बढ़कर सॉफ्टवेयर और आईटी सर्विस में अपना कदम रखा। धीरे-धीरे इंटरनेशल मार्केट में कंपनी की एंट्री हुई। अमेरिका, यूरोप, एशिया समेत एचसीएल टेक आज करीब 60 देशों में काम कर रही है। वर्तमान समय में कंपनी के पास 2.25 लाख से अधिक कर्मचारी हैं। एचसीएल आज क्लाउड कंप्यूटिंग, साइबर सिक्योरिटी, डिजिटल ट्रांसफोर्मेशन और एंटरप्राइज सॉफ्टवेयर जैसे एडवांस सर्विसेज में दुनिया की अग्रणी कंपनियों में शामिल है।

बेटी रोशनी नादर को बनाया चेयरमैन

चार दशकों से ज्यादा वक्त तक कंपनी का नेतृत्व करने के बाद साल 2020 में शिव नादर ने एक ऐतिहासिक फैसला लिया। उन्होंने अपनी बेटी रोशनी नादर मल्होत्रा को एचसीएल का चेयरमैन बनाया। रोशनी नादर एचसीएल की पहली महिला चेयरमैन बनीं। ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स के मुताबिक, आज शिव नादर की नेट वर्थ 29. 5 बिलियन डॉलर है। वे दुनिया के 82वें सबसे अमीर शख्स हैं। एचसीएल टेक का मार्केट कैप लगभग 3.31 लाख करोड़ है।

बेटी रोशनी नादर के साथ शिव नादर, (सोर्स- सोशल मीडिया)

देश के बड़े दानवीरों में एक शिव नादर

शिव नादर की पहचान सिर्फ एक सफल कारोबारी के रूप में ही नहीं होती। वे भारत के सबसे बड़े दानवीरों की लिस्ट में भी शामिल हैं। शिव नादर फाउंडेशन के जरिए उन्होंने स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी की स्थापना की, ताकि शिक्षा समाज के हर वर्ग तक पहुंच सके। हारून फिलैंथ्रोपी लिस्ट 2025 के मुताबिक, नादर ने पिछले साल 2,708 करोड़ रुपये दान किए। यानी रोजाना औसत 7.4 करोड़ रुपये पिछले 5 सालों में वह चौथी बार इस लिस्ट में नंबर-1 रहे हैं।

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