Share Market Outlook: गिरावट का सिलसिला या तेज रफ्तार? सोमवार को ये फैक्टर तय करेंगे मार्केट की चाल
Share Market: बीते हफ्ते भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिली। 5 कारोबारी सत्रों में सेंसेक्स 2200 अंक से ज्यादा टूटा। भारी गिरावट की वजह से निवेशकों के 13 लाख करोड़ रुपये साफ हो गए।
- Written By: मनोज आर्या
शेयर मार्केट, (कॉन्सेप्ट फोटो)
Share Market Outlook: आने वाले सप्ताह में भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है। देश और दुनिया से जुड़े कई मामले बाजार को प्रभावित कर सकते हैं। दिसंबर तिमाही के नतीजों की शुरुआत, महंगाई से जुड़े महत्वपूर्ण आंकड़े और अमेरिका की व्यापार नीति को लेकर बनी अनिश्चितता पर निवेशकों की नजर रहेगी। पिछले सप्ताह बेंचमार्क इंडेक्स कमजोरी के साथ बंद हुए, जिससे लगातार पांच कारोबारी सत्रों तक गिरावट देखने को मिली। कंपनियों के तिमाही नतीजों से पहले निवेशक सतर्क दिखे। विदेशी निवेशकों द्वारा लगातार बिकवाली से बाजार पर दबाव बना रहा।
अब अगले सप्ताह निवेशकों की नजर इस बात पर होगी कि दिसंबर तिमाही में कंपनियों का प्रदर्शन कैसा रहता है और क्या आर्थिक आंकड़े बाजार को कोई राहत देते हैं या नहीं। दिसंबर तिमाही के नतीजों की शुरुआत देश की बड़ी आईटी कंपनियों से होगी, जिनमें टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, एचसीएल टेक्नोलॉजीज, इंफोसिस, विप्रो और टेक महिंद्रा शामिल हैं, जो अपने तीसरी तिमाही के नतीजे घोषित करेंगी।
शेयर बाजार के लिए ये आंकड़े काफी अहम
आर्थिक आंकड़ों के लिहाज से भी आने वाला सप्ताह काफी अहम रहने वाला है। इस दौरान भारत में खुदरा महंगाई, थोक महंगाई, व्यापार घाटा और विदेशी मुद्रा भंडार से जुड़े आंकड़े जारी किए जाएंगे। ये सभी आंकड़े देश की आर्थिक स्थिति को समझने में मदद करेंगे और इससे ब्याज दरों तथा सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर उम्मीदें तय होंगी।वैश्विक घटनाक्रमों, खासकर अमेरिका की व्यापार नीति से संबंधित गतिविधियों पर निवेशकों की नजर बनी रहेगी।
सम्बंधित ख़बरें
गौतम अडानी की लंबी छलांग, मुकेश अंबानी के हाथ से फिसल सकता है एशिया के सबसे अमीर शख्स का ताज; देखें ताजा आंकड़े
DA Hike: सरकारी कर्मचारियों के लिए बड़ी खुशखबरी, 5% बढ़ा महंगाई भत्ता; एरियर के साथ आएगी मोटी सैलरी
Sukanya Samriddhi Yojana: बेटियों की पढ़ाई और शादी में पैसे की टेंशन नहीं! सिर्फ ₹250 से शुरू करें ये स्कीम
8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए खुशखबरी, ₹69,000 होगी मिनिमम सैलरी! NC-JCM ने रखा प्रस्ताव
ट्रंप टैरिफ पर भी अमेरिकी कोर्ट में सुनवाई
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में कई अहम मामलों पर सुनवाई और फैसला सुनाया जाना है, जिनमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए वैश्विक टैरिफ को चुनौती देने वाला मामला भी शामिल है। अगर इस मामले में कोई साफ फैसला या चौंकाने वाला निर्णय आता है, तो इसका असर दुनियाभर के शेयर बाजारों पर पड़ सकता है, जिसका प्रभाव भारतीय बाजार पर भी देखने को मिल सकता है।
एक मार्केट एक्सपर्ट के अनुसार, निफ्टी के लिए इमीडिएट रजिस्टेंस 25,800 पर है। इसके बाद 25,940 और 26,000 के स्तर पर भी दबाव रह सकता है। वहीं नीचे की ओर 25,600 और 25,450 के स्तर पर सपोर्ट मिल सकता है। अगर बाजार 25,300 के नीचे फिसलता है, तो गिरावट और तेज हो सकती है।
यह भी पढ़ें: Share Market Crash: 5 दिनों में 2200 अंक टूटा सेंसेक्स, निवेशकों का 13 लाख करोड़ साफ; क्यों हुआ ये हाल?
एक अन्य एक्सपर्ट ने कहा कि रोजाना के आधार पर देखें तो निफ्टी 25,800 के अहम स्तर के नीचे बंद हुआ है। यह संकेत देता है कि भारतीय शेयर बाजार में बिकवाली का दबाव बढ़ गया है और फिलहाल मंदी का असर दिखाई दे रहा है।
