इन 4 वजहों से क्रैश हुआ शेयर बाजार, झटके में निवेशकों के डूब गए ₹2 लाख करोड़
Share Market: 79वें स्वतंत्रत्ता दिवस के मौके पर पीएम मोदी द्वारा जीएसटी में बदलाव के ऐलान के बाद से ही शेयर बाजार ने मोमेंटम पकड़ा था। लेकिन, ऐसा क्या हुआ कि अचानक बड़ी गिरावट देखने को मिलने लगी।
- Written By: मनोज आर्या
शेयर मार्केट, (कॉन्सेप्ट फोटो)
Share Market Today: भारतीय शेयर बाजार में हफ्ते के आखिरी दिन आज शुक्रवार, (22 अगस्त, 2025) को बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। जहां सेंसेक्स लगभग 693 अंक की गिरावट के साथ कारोबार कर रहा है। वहीं, एनएसई निफ्टी 213 अंक फिसलकर कारोबार करता हुआ नजर आ रहा है। सप्ताह के आखिरी में आई इस तेज गिरावट के चलते बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्टेड कंपनियों की कुल मार्केट कैप में लगभग 2 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आंकी जा रही है।
गौरतलब है कि इस हफ्ते के शुरुआत के साथ ही घरेलू शेयर बाजार में बढ़त का सिलसिला जारी रहा। 79वें स्वतंत्रत्ता दिवस के मौके पर पीएम मोदी द्वारा जीएसटी में नए बदलाव के ऐलान के बाद से ही सोमवार को शेयर बाजार में उछाल देखा गया है। लेकिन, ऐसा क्या हुआ कि अचानक शेयर बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिलने लगी, आइये जानते है।
1. जैक्सन होल कॉन्फ्रेंस पर दुनिया की नजर
गौरतलब है कि यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब दुनियाभर के निवेशकों की नजर जैक्सन होल कॉन्फ्रेंस पर टिकी हुई है, जहां यूएस फेडरल रिजर्व के चेयरमैन जेरोम पॉवेल की स्पीच होनी है। उनके बयान से अमेरिकी मौद्रिक नीति को लेकर अगला रुख साफ हो जाएगा। यही वजह रही कि भाषण से ठीक पहले बाजार में मुनाफावसूली तेज हो गई।
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2. डॉलर के मुकाबले रुपये में मजबूती
शेयर बाजार में गिरावट की दूसरी बड़ी वजह रही डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी। शुक्रवार को रुपया 11 पैसे फिसलकर 87.36 के स्तर पर आ गया। यह उस समय हुआ जब कच्चे तेल की कीमतों में भी गिरावट थी। हालांकि, आरबीआई के दखल की वजह से रुपये को सीमित दायरे में गिरावट का सामना करना पड़ा।
3. भारत पर अमेरिका की एक्स्ट्रा टैरिफ
घरेलू शेयर बाजार में आई तेज गिरवाट की तीसरी अहम वजह अमेरिकी टैरिफ है। भारत पर इस समय 25 प्रतिशत अमेरिकी टैरिफ लागू है, लेकिन 27 अगस्त से यह 50 प्रतिशत हो जाएगा। इस भारी-भरकम टैरिफ ने निवेशकों के सेंटिमेंट को बिगाड़ दिया और डर का माहौल बना दिया। यही वजह रही कि जीएसटी रिफॉर्म से जुड़े प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के बड़े ऐलान के बावजूद शुक्रवार को बाजार में तेज गिरावट देखने को मिली।
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4. छह दिनों की लगातार तेजी
घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को गिरावट उस समय देखने को मिली जब इससे पहले जीएसटी रिफॉर्म के ऐलान के बाद सेंसेक्स और निफ्टी लगातार छह दिनों तक तेजी से चढ़े थे। इस गिरावट में सबसे ज्यादा दबाव आईटी और फाइनेंशियल सेक्टर पर रहा। आईसीआईसीआई बैंक और एचडीएफसी बैंक जैसे दिग्गज शेयरों में भारी बिकवाली हुई, जिसकी वजह से बाजार का रुख कमजोर हो गया। नतीजा यह रहा कि निफ्टी और सेंसेक्स के अधिकांश इंडेक्स लाल निशान में कारोबार करते नजर आए।
