Share Market: बाजार खुलते ही डूबे ₹30,000 करोड़! सेंसेक्स-निफ्टी क्यों फिसले?, VIDEO
Market Update: इस बीच गिरावट बहुत बड़ी नहीं थी, लेकिन इसने निवेशकों की चिंता जरूर बढ़ा दी है।
- Written By: तनमय बरनवाल
Share Market Update: भारतीय शेयर बाजार में आज हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन निवेशकों के लिए शुरुआत कुछ खास नहीं रही। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में देखने को मिले। हालांकि इस बीच गिरावट बहुत बड़ी नहीं थी, लेकिन इसने निवेशकों की चिंता जरूर बढ़ा दी है। सबसे बड़ी बात यह रही कि बाजार खुलते ही निवेशकों की करीब 30 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति साफ हो गई। दरअसल, मंगलवार सुबह बीएसई सेंसेक्स 58 अंकों की गिरावट के साथ 77,649 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 22 अंक टूटकर 24,216 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
सोमवार को भी बाजार कमजोरी के साथ बंद हुआ था और निफ्टी करीब 96 अंक फिसलकर 24,238 पर बंद हुआ था। ऐसे में लगातार दूसरे दिन बाजार पर दबाव देखने को मिला। अगर निवेशकों के नुकसान की बात करें तो बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर 482.30 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि एक दिन पहले यह 482.70 लाख करोड़ रुपये था। यानी बाजार खुलते ही करीब 30 हजार करोड़ रुपये की वैल्यू मिट गई। अब सवाल यह है कि आखिर बाजार पर दबाव क्यों है?
Share Market Update: भारतीय शेयर बाजार में आज हफ्ते के दूसरे कारोबारी दिन निवेशकों के लिए शुरुआत कुछ खास नहीं रही। बाजार खुलते ही सेंसेक्स और निफ्टी दोनों लाल निशान में देखने को मिले। हालांकि इस बीच गिरावट बहुत बड़ी नहीं थी, लेकिन इसने निवेशकों की चिंता जरूर बढ़ा दी है। सबसे बड़ी बात यह रही कि बाजार खुलते ही निवेशकों की करीब 30 हजार करोड़ रुपये की संपत्ति साफ हो गई। दरअसल, मंगलवार सुबह बीएसई सेंसेक्स 58 अंकों की गिरावट के साथ 77,649 पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 22 अंक टूटकर 24,216 के स्तर पर कारोबार करता दिखाई दिया।
सोमवार को भी बाजार कमजोरी के साथ बंद हुआ था और निफ्टी करीब 96 अंक फिसलकर 24,238 पर बंद हुआ था। ऐसे में लगातार दूसरे दिन बाजार पर दबाव देखने को मिला। अगर निवेशकों के नुकसान की बात करें तो बीएसई में सूचीबद्ध कंपनियों का कुल मार्केट कैपिटलाइजेशन घटकर 482.30 लाख करोड़ रुपये पर पहुंच गया, जबकि एक दिन पहले यह 482.70 लाख करोड़ रुपये था। यानी बाजार खुलते ही करीब 30 हजार करोड़ रुपये की वैल्यू मिट गई। अब सवाल यह है कि आखिर बाजार पर दबाव क्यों है?
