Share Market: हफ्ते के आखिर दिन बाजार में हाहाकार! 1100 अंक गिरा सेंसेक्स; निवेशकों का ₹600 करोड़ स्वाहा

Share Market: शेयर बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,092.06 अंक गिरकर 74,775.74 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 359.40 अंक गिरकर 23,547.75 पर आ गया।
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शेयर मार्केट, (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Share Market Highlights: मिडिल ईस्ट में जारी संघर्षों के बीच वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेतों के चलते सप्ताह के आखिरी कारोबारी सत्र में भारतीय शेयर बाजार बड़ी गिरावट के साथ बंद हुआ। कारोबारी सत्र की शुरुआत हरे निशान में हुई थी। लेकिन अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर बनी अनिश्चितता के बीच सत्र के अधिकांश समय में बेंचमार्क सूचकांक सीमित दायरे में कारोबार करते रहे। कारोबार के अंत में अचानक भारी बिकवाली देखने को मिली, जिसमें सेंसेक्स लगभग 1,300 अंक गिर गया और निफ्टी 50 फिसलकर 23,485 पर आ गया।

शेयर बाजार बंद होने के समय 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 1,092.06 अंकों यानी 1.44 प्रतिशत गिरकर 74,775.74 पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 359.40 अंक यानी 1.50 प्रतिशत गिरकर 23,547.75 पर आ गया। दिन के दौरान, सेंसेक्स 75,988.51 पर खुलकर 76,220.02 का इंट्रा-डे हाई और 74,589.11 का लो बनाया। वहीं एनएसई निफ्टी 23,902.15 पर खुलकर 24,002.80 का दिन का हाई और 23,484.75 का लो बनाया। व्यापक बाजारों में, निफ्टी मिडकैप इंडेक्स में 1.33 प्रतिशत और निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स में 0.85 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

आज के टॉप गेनर्स और लूजर्स

वहीं सेक्टरवार देखें तो, निफ्टी ऑयल एंड गैस में 2.47 प्रतिशत की गिरावट, निफ्टी मेटल में 2.02 प्रतिशत की गिरावट और निफ्टी फाइनेंशियल सर्विस एक्स-बैंक में 2.02 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, निफ्टी ऑटो, निफ्टी एफएमसीजी, निफ्टी फार्मा, निफ्टी प्राइवेट बैंक, निफ्टी हेल्थकेयर और निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स में 1 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई। वहीं निफ्टी आईटी इंडेक्स में 0.60 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की गई। निफ्टी50 इंडेक्स में टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक, विप्रो, नेस्ले इंडिया और एलएंडटी के शेयरों में 1 प्रतिशत से ज्यादा की तेजी दर्ज की गई, जबकि पावरग्रिड, इंडिगो, ओएनजीसी, मैक्सहेल्थ, आयशर मोटर और टाटा कंज्यूमर के शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट दर्ज की गई।

झटके में 600 करोड़ स्वाहा

इस दौरान, एक ही सत्र में निवेशकों को करीब 6 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, क्योंकि बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल बाजार पूंजीकरण (मार्केट कैप) पिछले सत्र के लगभग 471 लाख करोड़ रुपये से गिरकर करीब 465 लाख करोड़ रुपये हो गया।

होर्मुज पर बाजार की नजर

एक मार्केट एक्सपर्ट ने कहा कि आने वाले समय में मध्य पूर्व में तनाव कम होने की उम्मीद है, जिसके चलते अंतरराष्ट्रीय कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई। ब्रेंट क्रूड 1.5 प्रतिशत से ज्यादा टूटकर 88 डॉलर प्रति बैरल के नीचे पहुंच गया, जबकि घरेलू बाजार में कच्चे तेल के वायदा भाव 8,400 रुपए प्रति बैरल से नीचे फिसल गए।

एक्सपर्ट के मुताबिक, बाजार की नजर अभी भी होर्मुज जलडमरूमध्य और उससे जुड़े कूटनीतिक घटनाक्रमों पर बनी हुई है। पूरे महीने में तेल की कीमतों में 17 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह संकेत मिला कि हाल के महीनों में बना भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम अब तेजी से कम हो रहा है।

डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत

एक्सपर्ट ने बताया कि मुद्रा बाजार में भारतीय रुपया मजबूती के साथ आगे बढ़ा। डॉलर के मुकाबले रुपया 95.2 के नीचे पहुंच गया। कच्चे तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी डॉलर की मांग कम होने से रुपए को सहारा मिला, जिससे हालिया रिकॉर्ड निचले स्तर से रुपए में सुधार देखने को मिला और भारत की महंगाई, आयात बिल तथा व्यापक आर्थिक स्थिति को भी कुछ राहत मिली।

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