टैरिफ टेंशन का Share Market पर कैसा रहा असर, इस हफ्ते 1 फीसदी बढ़त के साथ बंद हुए Sensex और Nifty
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के द्वारा लगाए गए टैरिफ की टेंशन के बाद भी Indian Share Market का प्रदर्शन शानदार रहा है। इस हफ्ते Sensex और Nifty दोनों ही इंडेक्स में 1 फीसदी का उछाल देखा गया।
- Written By: अपूर्वा नायक
शेयर मार्केट, (प्रतीकात्मक तस्वीर)
Tariif Affect On Indian Share Market: जियो पॉलिटिकल टेंशन के बाद, इंडियन बेंचमार्क इंडेक्स इस हफ्ते बढ़त के साथ बंद हुए हैं। 1 फीसदी बढ़त के साथ 6 हफ्तों से जारी गिरावट का सिलसिला आज इस हफ्ते थम गया है। इंवेस्टर्स अब अमेरिका राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की अलास्का में होने वाली मीटिंग का इंतजार कर रहे हैं।
सभी के द्वारा ये उम्मीद की जा रही है कि इस मीटिंग का रिजल्ट रूस और यूक्रेन के बीच जारी जंग को रुकवा सकता है। साथ ही भारत पर अमेरिका के द्वारा लगाया गया 25 प्रतिशत टैरिफ हटाया जा सकता है। इस हफ्ते के दौरान निफ्टी आईटी इंडेक्स में बढ़त दर्ज की गई, जबकि निफ्टी मेटल और निफ्टी एफएमसीजी इंडेक्स गिरावट के साथ बंद हुए।व्यापक बाजारों का प्रदर्शन कमजोर रहा, निफ्टी मिडकैप और निफ्टी स्मॉलकैप सूचकांक लाल निशान में बंद हुए।
सालाना आधार पर नेट प्रॉफिट
वित्त वर्ष 2026 की पहली तिमाही के नतीजे आने के साथ, राजस्व में नरमी के कारण बेंचमार्क निफ्टी 50 कंपनियों (वित्तीय और तेल एवं गैस को छोड़कर) का औसत शुद्ध लाभ सालाना आधार पर मिड सिंगल डिजिट में पहुंच गया। हालांकि, कमाई के मोर्चे पर, निफ्टी 50 की पहली तिमाही की कमाई बाजार के अनुमानों के अनुरूप रही। तिमाही के दौरान समग्र रुझान मिला-जुला रहा।
सम्बंधित ख़बरें
Share Market: हफ्ते के आखिरी दिन शेयर बाजार में हरियाली, 505 अंक उछला सेंसेक्स; HUL के स्टॉक ने मचाया धमाल
Share Market ने लिया ‘U-टर्न’, 151 अंक गिरकर संभला सेंसेक्स, निफ्टी ने भी मारी छलांग, 24,218 अंक के पार
Share Market: गिरावट के साथ बंद हुआ बाजार, सेंसेक्स 122 अंक फिसला; इन सेक्टर्स पर सबसे ज्यादा दबाव
Share Market: सेंसेक्स 566 अंक उछला, निफ्टी 24,385 के पार, 49 शेयर हरे निशान पर
क्या है एक्सपर्ट्स की राय?
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा है कि हेल्थ सर्विस और पब्लिक सेक्टर के बैंकों ने मजबूत इनकम और स्टेबल असेट क्वालिटी के दम पर बेहतर प्रदर्शन किया है। उन्होंने कहा है कि घरेलू मुद्रास्फीति 8 सालों के निचले स्तर पर है, जिससे विवेकाधीन खर्च में सुधार की उम्मीदें बढ़ रही हैं। इसके अलावा, एसएंडपी द्वारा भारत की सॉवरेन क्रेडिट रेटिंग को बीबीबी में अपग्रेड करने से निवेशकों के सेंटीमेंट में सुधार और दीर्घकालिक विकास को समर्थन मिलने की उम्मीद है।
उन्होंने आगे कहा है कि अमेरिका में इंफ्लेशन के नरम आंकड़ों और अमेरिका के 10 सालों बॉन्ड यील्ड में गिरावट के कारण ग्लोबल इंडिकेटर पॉजिटिव बने हुए हैं, जो सितंबर की पॉलिसी मीटिंग में फेड द्वारा ब्याज दरों में कटौती के प्रति विश्वास को दर्शाता है। निफ्टी इंडेक्स के 24,350-24,750 के दायरे में रहने की उम्मीद है और 24,750 से ऊपर एक निर्णायक गिरावट के साथ यह मनोवैज्ञानिक 25,000 के स्तर की ओर गिरावट का संकेत दे सकता है।
ये भी पढ़ें :- पुतिन के साथ मीटिंग से पहले बदले ट्रंप के सुर, भारत का टैरिफ कम करने को लेकर मंजूर
विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी FII ने गुरुवार को 1,926 करोड़ रुपए के शेयर बेचे, जबकि 13,646 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे, लेकिन 15,572 करोड़ रुपए के शेयर बेचे। इसके उलट, घरेलू संस्थागत निवेशकों यानी DII ने 3,895 करोड़ रुपए के शेयर खरीदे, जिनमें से 13,144 करोड़ रुपए की सकल खरीदारी और 9,248 करोड़ रुपए की बिक्री रही।
(एजेंसी इनपुट के साथ)
