SEBI और ओमैक्स में छिड़ी जंग, ओमैक्स देगी बाजार नियामक के फैसले को टक्कर
मंगलवार को भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने रियल एस्टेट कंपनी ओमैक्स के चेयरमैन रोहतास गोयल, प्रबंध निदेशक मोहित गोयल तथा तीन अन्य को कंपनी के वित्तीय विवरणों में अनियमितता बरतने के मामले में दो साल के लिए प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया था।
- Written By: अपूर्वा नायक
ओमैक्स रियलटर्स ( सौजन्य : सोशल मीडिया )
नई दिल्ली : बाजार नियामक सेबी ने रियल एस्टेट कंपनी ओमैक्स के खिलाफ आदेश जारी किया था। ओमैक्स ने सेबी के इस आदेश को चुनौती देने के लिए कारवाई करने पर विचार किया है।
भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने ओमैक्स और उसके चेयरमैन रोहतास गोयल, प्रबंध निदेशक मोहित गोयल तथा तीन अन्य को कंपनी के वित्तीय विवरणों में अनियमितता बरतने के मामले में मंगलवार को दो साल के लिए प्रतिभूति बाजार से प्रतिबंधित कर दिया था। जिन अन्य लोगों को प्रतिभूति बाजारों में भाग लेने से रोका गया है उनमें सुधांशु एस बिस्वाल, अरुण कुमार पांडे और विमल गुप्ता शामिल हैं।
शेयर की कीमतों पर नकारात्मक असर पड़ा
इसके अतिरिक्त इन पांच लोगों को ‘दो साल की अवधि के लिए किसी अन्य सूचीबद्ध कंपनी के निदेशक या प्रमुख प्रबंधकीय पद लेने से भी प्रतिबंधित कर दिया है।” सेबी के आदेश का कंपनी के शेयर की कीमतों पर नकारात्मक असर पड़ा।
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निचली सर्किट सीमा को छू गया
बुधवार को बीएसई पर कंपनी का शेयर 4.99 प्रतिशत गिरकर 152.20 रुपये पर आ गया, जो इसकी निचली सर्किट सीमा है। एनएसई पर यह पांच प्रतिशत गिरकर 154.19 रुपये की निचली सर्किट सीमा को छू गया।
कानूनी उपायों पर विचार
सेबी के आदेश और भविष्य की कार्रवाई के बारे में पूछे जाने पर ओमैक्स के प्रवक्ता ने कहा, ‘‘कंपनी को सेबी से कोई आदेश नहीं मिला है। आदेश मिलने के बाद इसकी विषय-वस्तु पर गौर किया जाएगा और अपील दायर करने सहित उपलब्ध कानूनी उपायों पर विचार किया जाएगा।” प्रवक्ता ने कहा, ” हालांकि हम आदेश प्राप्त होने पर निर्धारित समयसीमा के भीतर शेयर बाजार को अपना जवाब भेजेंगे।”
कुल 47 लाख रुपये का जुर्माना लगाया
सेबी ने इन पांच लोगों और कंपनी समेत 16 इकाइयों पर कुल 47 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। एक लाख रुपये से लेकर सात लाख रुपये तक के ये जुर्माने 45 दिन के भीतर भरने होंगे। सेबी ने अपने आदेश में कहा कि इन संस्थाओं ने एक धोखाधड़ी वाली योजना को अंजाम देने के लिए मिलकर काम किया है। उन्होंने कंपनी के लाभ के लिए इसे सामान्य लेनदेन के रूप में दिखाने की कोशिश की जबकि कंपनी घाटे में थी।
( एजेंसी इनपुट के साथ )
