अनिल अंबानी ग्रुप को बड़ा झटका, RCom केस में ED ने जब्त की ₹3,034 करोड़ की संपत्ति; पहले भी हो चुका है एक्शन
Anil Ambani: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी विशेष जांच टीम (एसआईटी) इस मामले की जांच कर रही है। इसमें बैंक और सार्वजनिक धन के गलत इस्तेमाल और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की जा रही है।
- Written By: मनोज आर्या
अनिल अंबानी, (सोर्स- सोशल मीडिया)
ED Attached Anil Ambani Property: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस कम्युनिकेशंस (आरकॉम) बैंक फ्रॉड मामले में 3,034.90 करोड़ रुपये की अतिरिक्त संपत्तियां जब्त (अटैच) की हैं। इससे रिलायंस अनिल अंबानी समूह (आरएएजी) से जुड़े मामलों में कुल जब्ती 19,344 करोड़ रुपये से ज्यादा की हो गई है। यह जानकारी मंगलवार को जारी जांच एजेंसी के एक बयान में दी गई है।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर बनी विशेष जांच टीम (एसआईटी) इस मामले की जांच कर रही है। इसमें बैंक और सार्वजनिक धन के गलत इस्तेमाल और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच की जा रही है।
PMLA की धारा 5 के तहत एक्शन
बयान में ईडी ने बताया कि मनी लॉन्ड्रिंग रोकने वाले कानून धन शोधन निवारण अधिनियम (PMLA) की धारा 5 के तहत यह कार्रवाई की गई है, ताकि संपत्तियों को बेचे या छिपाए जाने से रोका जा सके और बैंकों व जनता के हित सुरक्षित रहें। यह जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की कई एफआईआर के आधार पर शुरू हुई थी, जो स्टेट बैंक ऑफ इंडिया, पंजाब नेशनल बैंक, बैंक ऑफ बड़ौदा और भारतीय जीवन बीमा निगम की शिकायतों पर दर्ज की गई थीं।
सम्बंधित ख़बरें
शराब शौकीनों के लिए बड़ा झटका! ओल्ड मोंक, रॉयल चैलेंज समेत कई ब्रांड्स पर लगा बैन, FSSAI ने लिया एक्शन
ITR Refund: इनकम टैक्स फाइलिंग के बाद कब आएगा आपका रिफंड, ऐसे चेक करें पैसा और अपना लाइव स्टेटस
Corporate Rules 2026: जेपीसी ने घटाया पेनल्टी का बोझ, MD बनने की उम्र अब 18 साल
वेल्थ क्रिएशन के लिए SIP ही सबसे बेस्ट, नवभारत से बातचीत में बोले LIC म्यूचुअल फंड के MD रवि कुमार झा
इन शिकायतों में अनिल अंबानी और उनकी कंपनी आरकॉम समेत अन्य लोगों को आरोपी बनाया गया है। आरकॉम और उसकी ग्रुप कंपनियों ने देश-विदेश के बैंकों से लोन लिया था, जिसमें कुल 40,185 करोड़ रुपये बकाया हैं।
RIL के 7.71 करोड़ शेयर भी जब्त
जांच में पता चला है कि प्रमोटर ग्रुप की कुछ संपत्तियां जैसे मुंबई के उषा किरण बिल्डिंग में फ्लैट, पुणे के खंडाला में फार्महाउस और अहमदाबाद के साणंद में जमीन शामिल हैं। इसके अलावा, रिलायंस इंफ्रास्ट्रक्चर लिमिटेड के 7.71 करोड़ शेयर भी जब्त किए गए हैं, जो राइजी इंफिनिटी प्राइवेट लिमिटेड के पास थे। यह कंपनी अनिल अंबानी के परिवार से जुड़ी एक ट्रस्ट का हिस्सा है। राइजी ट्रस्ट को परिवार की संपत्ति सुरक्षित रखने और उसे व्यक्तिगत कर्ज की जिम्मेदारियों से बचाने के लिए बनाया गया था।
बयान में कहा गया है कि ये संपत्तियां अनिल अंबानी परिवार के उपयोग के लिए थीं, जबकि जिन बैंकों का पैसा फंसा हुआ है, उन्हें इसका फायदा नहीं मिल रहा था। पीएमएलए की धारा 8 के तहत, जब्त संपत्तियों को कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सही दावेदारों को वापस दिया जा सकता है, जिसमें नुकसान उठाने वाले बैंक भी शामिल हैं। इसका मतलब है कि इन संपत्तियों को सुरक्षित रखकर बाद में बैंकों और जनता का पैसा वापस दिलाया जा सकता है।
यह भी पढ़ें: हवाई यात्रियों की बढ़ी टेंशन! तेल की किल्लत से एयरलाइंस बेहाल, दर्जनों उड़ानें रद्द होने का खतरा
मामले में आगे की जांच अभी जारी
ईडी ने कहा कि वह देश की वित्तीय व्यवस्था को सुरक्षित रखने और जनता के पैसे की रक्षा करने के लिए ऐसी कार्रवाई करता रहेगा। बयान में आगे कहा गया है कि इस मामले में आगे की जांच अभी जारी है।
